Agriculture : केंद्र सरकार की 17.29 लाख किसानों को सौगात, 2.66 लाख करोड़ के लोन के रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी

Agriculture - केंद्र सरकार ने 17.29 लाख किसानों को बड़ी राहत दी है। दरअसल आपको बता दें कि राज्य में बेमौसम और भारी बारिश से प्रभावित किसानों के 2.66 लाख करोड़ रुपये के बकाया लोन के रीस्ट्रक्चरिंग (restructuring of loans) को मंजूरी मिल गई है। इससे आर्थिक संकट में फंसे किसानों को राहत और खेती दोबारा शुरू करने का अवसर मिलेगा... इस अपडेट से जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए इस खबर काे पूरा पढ़ लें-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Agriculture) केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र में भारी और बेमौसम बारिश से नुकसान झेलने वाले किसानों को बड़ी राहत दी है। केंद्र ने राज्य के 17.29 लाख किसानों के बकाया कर्ज (outstanding loans of farmers) के रीस्ट्रक्चरिंग (restructuring) को मंजूरी दे दी है। इसके तहत करीब 266.58 अरब रुपये के लोन को पुनर्गठित किया जाएगा, जिससे आर्थिक संकट से जूझ रहे किसानों को राहत मिलेगी।

इस फैसले के तहत महाराष्ट्र (Maharashtra farmers loan restructuring) के अलग-अलग जिलों के वे किसान, जिनकी फसल भारी बारिश, बाढ़ या बेमौसम बारिश से खराब हुई है, लोन अकाउंट रीस्ट्रक्चरिंग (Loan Account Restructuring) के लिए पात्र होंगे। सभी संबंधित खातों का सत्यापन पूरा हो चुका है और सदस्य बैंकों ने यह जानकारी महाराष्ट्र राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) को सौंप दी है। ऐसे में रीस्ट्रक्चरिंग की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की उम्मीद है।

किसानों को मिलेगा ब्याज सब्सिडी का सीधा लाभ-

केंद्र सरकार ने स्पष्ट किया है कि संशोधित ब्याज सब्सिडी योजना के तहत रीस्ट्रक्चर किए गए लोन पर पहले साल रियायती ब्याज दर लागू होगी। हालांकि, दूसरे साल से इन ऋणों पर बैंकों की सामान्य ब्याज दर (Normal interest rate of banks on loans) ही वसूली जाएगी। इससे किसानों को शुरुआती दौर में आर्थिक राहत मिलेगी और उन्हें दोबारा खेती शुरू करने के लिए समय मिल सकेगा।

लोन रिकवरी पर रहेगी रोक-

कई जिलों में भारी बारिश से फसलें पूरी तरह खराब हो गई हैं, जिससे किसान गंभीर आर्थिक संकट में हैं। इस स्थिति को राज्य के सांसदों द्वारा केंद्र सरकार (central government) के संज्ञान में लाए जाने के बाद यह फैसला लिया गया है। केंद्र ने निर्देश दिए हैं कि रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया के दौरान प्रभावित किसानों पर लोन रिकवरी (loan recovery) का कोई दबाव न बनाया जाए। अस्थायी रोक से किसानों का मानसिक और आर्थिक तनाव कम होगा।

कई जिलों में प्राकृतिक आपदा की घोषणा-

महाराष्ट्र सरकार ने 26 नवंबर, 2025 को एक पत्र जारी कर राज्य में प्राकृतिक आपदा की घोषणा की। इसके बाद राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) ने सभी बैंकों को RBI के दिशानिर्देशों के अनुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अब प्रदेश में फसल लोन का रीस्ट्रक्चरिंग करना और बाढ़ प्रभावित किसानों से लोन रिकवरी को स्थगित करना अनिवार्य कर दिया गया है।

माना जा रहा है कि यह कदम प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों (Farmers affected by natural disasters) को बड़ी राहत देगा और राज्य के कृषि क्षेत्र को फिर से सुदृढ़ होने में मदद करेगा।