Agriculture : किसानों के पास सुनहरा मौका, 80 प्रतिशत की सब्सिडी पर मिल रहे कृषि यंत्र, ऐसे करें बुक
Agriculture : किसानों के लिए बड़ी राहत की खबर है। दरअसल आपको बता दें कि अब कृषि यंत्रों को 40 से 80 प्रतिशत की सब्सिडी पर बुक कर सकते हैं। सब्सिडी और बुकिंग की पूरी जानकारी कृषि विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध है। समय रहते ऑनलाइन बुकिंग कर किसान आधुनिक मशीनों का फायदा उठा सकते हैं और खेती को आसान बना सकते हैं... चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है इसका पूरा प्रोसेस-
HR Breaking News, Digital Desk- (Agriculture) जनपद के किसानों के लिए खेती को आसान और कम खर्चीला बनाने की दिशा में कृषि विभाग ने बड़ी सुविधा दी है। उप कृषि निदेशक राम किशन सिंह ने बताया कि जिले के सभी किसान सब मिशन ऑन एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन (Sub Mission on Agricultural Mechanization) समेत अन्य सरकारी योजनाओं के तहत कृषि यंत्रों की ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। यह बुकिंग 21 जनवरी 2026 की रात 12 बजे तक की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत फार्म मशीनरी बैंक, कस्टम हायरिंग सेंटर, हाईटेक हब फॉर कस्टम हायरिंग, कृषि ड्रोन, अन्य एकल कृषि यंत्र और फसल अवशेष प्रबंधन से जुड़े यंत्रों पर अनुदान दिया जा रहा है। इसके अलावा, प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू योजना के तहत भी कस्टम हायरिंग सेंटर (Custom Hiring Center) और जरूरी यंत्र शामिल किए गए हैं।
इतना ही नहीं, त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम (Accelerated Maize Development Program) के तहत किसानों को बैच ड्रायर, मेज सेलर और पॉपिंग मशीन जैसी सुविधाएं अनुदान पर दी जा रही हैं। इसका उद्देश्य मक्का उत्पादन को बढ़ावा देना और किसानों की आय में इजाफा करना है।
उप कृषि निदेशक ने बताया कि जो किसान पहले से कृषि विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत हैं, वे विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agridarshan.up.gov.in पर जाकर कृषि यंत्रों की बुकिंग कर सकते हैं। इस योजना के तहत यंत्रों के मूल्य का 40 से 80 प्रतिशत तक अनुदान या कार्ययोजना में तय सीमा तक सहायता दी जाएगी। ऑनलाइन बुकिंग के दौरान किसानों को टोकन मनी (token money to farmers) भी जमा करनी होगी। जिन यंत्रों पर अनुदान 10 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक है, उनके लिए 2,500 रुपये, और जिन यंत्रों पर 1 लाख रुपये से अधिक अनुदान है, उनके लिए 5,000 रुपये प्रति यंत्र टोकन मनी ऑनलाइन जमा करनी होगी। यह राशि पूरी तरह ऑनलाइन माध्यम से ही स्वीकार की जाएगी।
कृषि विभाग का कहना है कि यह पहल किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने और खेती में मशीनों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए की गई है। इससे समय और मेहनत की बचत होगी और उत्पादन लागत भी कम होगी। खासकर छोटे और मध्यम किसान कस्टम हायरिंग सेंटर और फार्म मशीनरी बैंक का फायदा उठाकर महंगे यंत्र खरीदने की बजाय किराए पर इस्तेमाल कर सकते हैं।
यंत्रों की पूरी सूची, बुकिंग प्रक्रिया, अनुदान की शर्तें और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी कृषि विभाग के पोर्टल पर उपलब्ध है। अगर किसी किसान को ऑनलाइन प्रक्रिया (online process) समझने में दिक्कत हो या किसी जानकारी की जरूरत हो, तो वे किसी भी कार्य दिवस में कृषि विभाग के कार्यालय (Agriculture Department Office) से संपर्क कर सकते हैं। कुल मिलाकर यह योजना किसानों के लिए एक सुनहरा अवसर है। समय रहते बुकिंग कर वे आधुनिक कृषि यंत्रों का लाभ उठा सकते हैं और अपनी खेती को अधिक मुनाफे वाली बना सकते हैं।