Agriculture News: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, गेहूं पर एसएसपी के साथ मिलेगा बोनस

Agriculture News: किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरअसल, सरकार ने गेहूं खरीद को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब किसानों को गेहूं बेचने पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के साथ अतिरिक्त बोनस मिलेगा। इससे किसानों को प्रति क्विंटल ज्यादा रकम मिलेगी और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी... इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Agriculture) मध्य प्रदेश सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं उपार्जन (Procurement) व्यवस्था को और अधिक किसान हितैषी बनाने का फैसला लिया है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत (Govind Singh Rajput) ने बताया कि किसानों की मांग और सुविधा को ध्यान में रखते हुए गेहूं पंजीयन की अंतिम तिथि 7 मार्च से बढ़ाकर अब 10 मार्च कर दी गई है।

गेहूं बेचने वाले किसानों को मिलेगा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस-

राज्य सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गेहूं के समर्थन मूल्य (support price of wheat) 2585 रुपये प्रति क्विंटल पर 40 रुपये प्रति क्विंटल अतिरिक्त बोनस देने का फैसला किया है। इस निर्णय के बाद मध्य प्रदेश के किसानों (MP Farmers) को अब गेहूं का कुल भाव (total price of wheat) 2625 रुपये प्रति क्विंटल मिलेगा, जिससे उन्हें सीधे तौर पर आर्थिक लाभ होगा।

गेहूं का नया भाव: 2625 रुपए प्रति क्विंटल (बोनस सहित)।

गेहूं पुराना भाव: 2585 रुपए प्रति क्विंटल।

इस निर्णय से प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का बेहतर दाम मिल सकेगा

अब तक 12 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया गेहूं पंजीयन-

खाद्य मंत्री (food minister) ने जानकारी देते हुए बताया कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूँ उपार्जन के लिये अब तक 12 लाख 4 हजार 708 किसानों ने पंजीयन करा लिया है। जिसमें  श्योपुर में 9428, खंडवा में 23017, दमोह में 21390, नरसिंहपुर में 24968, शहडोल में 4710, खरगोन में 11945, कटनी में 25497, रतलाम में 30466, सागर में 46731, राजगढ़ में 65029, शिवपुरी में 7633, डिण्डोरी में 2281, धार में 34283, बुरहानपुर में 206, विदिशा में 62996, मऊगंज में 2727, दतिया में 7420, गुना में 11984, मण्डला में 13391, रीवा में 23380, आगर मालवा में 31318, पन्ना में 11994, जबलपुर में 25698, नीमच में 8122, सीहोर में 80036 किसान शामिल है।

इसी तरह बालाघाट में 1766, सिंगरौली में 2811, अलीराजपुर में 248, मैहर में 8625, पांढुर्णा में 305, सिवनी में 35081, बैतूल में 9725, झाबुआ में 5256, शाजापुर में 58982, मंदसौर में 40204, ग्वालियर में 5984, निवाड़ी में 1802, उज्जैन में 95821, इंदौर में 32837, देवास में 57021, रायसेन में 51085, बड़वानी में 1911, अनूपपुर में 192, सतना में 31670, मुरैना में 4428, हरदा में 29805, छतरपुर में 15643, सीधी में 4357, टीकमगढ़ में 7141, अशोकनगर में 7339, नर्मदापुरम में 53086, छिंदवाड़ा में 14945, उमरिया में 5854, भोपाल में 27663 और भिण्ड में 6471 किसानों ने पंजीयन कराया है।

किसानों के लिए पंजीयन की नि:शुल्क और सशुल्क दोनों सुविधाएं उपलब्ध-

सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन की नि:शुल्क व्यवस्था (Free registration facility) कई स्थानों पर की है, जिनमें शामिल हैं-

- ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत कार्यालय,

- तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्र,

- सहकारी समितियां और सहकारी विपणन संस्थाएं,

वहीं सशुल्क पंजीयन के लिए किसान निम्न स्थानों पर आवेदन कर सकते हैं-

- एमपी ऑनलाइन कियोस्क

- कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

- लोक सेवा केंद्र

- निजी साइबर कैफे

सरकार का कहना है कि इस फैसले से ज्यादा से ज्यादा किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ मिल सकेगा और इससे प्रदेश के किसानों की आमदनी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।