हरियाणा के चार जिलों के किसान दूसरे जिलों में नहीं बेच पाएंगे धान
HR Breaking News (Haryana News) हरियाणा के किसानों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। अब प्रदेश के चार जिलों के किसानों पर दूसरे जिलों में धान की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। अब इन जिलों के किसान अपनी ही मंडियों (Haryana Farmers News) में धान की बिक्री कर सकेंगे। प्रदेश में धान खरीद के लिए सेंटर भी बनाए गए हैं। खबर में जानिए किन जिलों के किसान दूसरे जिलों में धान की बिक्री नहीं कर सकेंगे-
किन जिलों के किसान नहीं कर सकेंगे बिक्री
इस संदर्भ में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (Food and Supplies Department) की तरफ से लेटर जारी किया गया है, जिसमे कहा है कि अम्बाला, कैथल, कुरुक्षेत्र और जींद के किसान एक से दूसरे जिलों में धान नहीं बेच सकेंगे। बड़ी बात यह है कि यह चारों जिले नले पंजाब बॉर्डर से सटे हुए हैं। वहीं, दूसरी ओर अब तक हुई आवक और धान खरीद को लेकर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग आज रिव्यू करने वाला है।
इससे पता लग सकेगा कि धान खरीद के किन सेंटरों (Paddy procurement centres) पर अब धान की आवक रूक गई है। ऐसे में इन सेंटरों को बंद किया जाने वाला है। हरियाणा में धान खरीद (Paddy purchase in Haryana) के लिए 239 सेंटर बनाए गए है।
मंडियों में कितनी हुई धान की आवक
जानकारी के लिए बता दें कि हरियाण की मंडियों (Haryana Mandi) और खरीद केंद्रों में अब तक 45.72 लाख टन धान की आवक हो गई है, जिसमे से 39.25 लाख MT की खरीद हुई है। वहीं, 34.30 लाख टन का उठान हो गया है। यानी देखा जाए तो अभी मंडियों में 11 लाख टन से अधिक धान है। अब तक किसानों को 8067 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की जा चुकी है। यह राशि 4.62 लाख से अधिक किसानों को दी गई है।
सबसे ज्यादा कहां है धान की आवक
सभी मंडियो की तुलना में अब तक कुरुक्षेत्र की मंडियों में सबसे ज्यादा 8.94 लाख टन धान (Arrival of paddy in Kurukshetra) आ गया है। वहीं, करनाल में 6.64 लाख टन, अम्बाला में 4.73 ला टन, कैथल में 7.97 लाख टन धान आ गया है। यमुनानगर में 3.65 लाख टन और सिरसा में 3.02 लाख टन धान आ गया है।