हरियाणा बागवानी बीमा योजना में बदलाव, 50 हजार रुपये तक मिलेगा मुआवजा
CM bagwani beema yojana update - हरियाणा में बागवानी करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल सरकार की ओर से समय-समय पर बागवानी से जुड़ी योजनाओं के नियमों में बदलाव किया जाता है। हाल ही में हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में संशोधन किया है। फसलों के नुकसान पर अब किसानों को प्रति एकड़ अधिक मुआवजा दिया जाएगा। चलिए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं।
HR Breaking News - हरियाणा में किसानों को आर्थिक सहायता देने के लिए सरकार की ओर से कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। फसलों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए कई तरह की बीमा योजना (bima yojana) शुरू की गई है जिनके तहत आर्थिक मदद की जाती है। वहीं अब हरियाणा में बागवानी करने वाले किसानों के लिए अच्छी खबर है।
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में बदलाव -
दरअसल, हरियाणा सरकार ने मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (CM bagwani beema yojana) में कुछ बदलाव किए हैं। अब प्राकृतिक आपदा से बागवानी फसल के खराब होने पर किसानों को नुकसान के अनुपात में मुआवजा दिया जाएगा। फूलों वाली फसल के खराब होने पर अधिकतम 50,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा और सब्जियों व मसाले की फैसल खराब होने पर 40,000 रुपये प्रति एकड़ मुआवजा निर्धारित किया गया है।
फसल में नुकसान के हिसाब से तय होगा मुआवजा -
बागवानी विभाग (Horticulture Department) के नए प्रावधानों के मुताबिक 20% से कम नुकसान पर किसी भी तरह का मुआवजा नहीं दिया जाएगा। 20 से 40% फसल को नुकसान होने पर बीमा राशि का 25% दिया जाएगा। नुकसान ज्यादा होने पर भुगतान भी बढ़ाया जाएगा। अगर को 80% नुकसान पहुंचा है तो बीमा की राशि पूरी मिलेगी।
सब्जियों और मसाले की फसलों के लिए 40 हजार रुपये प्रति एकड़ बीमा तय -
कृषि विभाग (Haryana Agriculture Department) के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजेंद्र कुमार ने इस संबंध में अधिसूचना जारी की है। योजना में सब्जियों और मसाले के लिए अधिकतम बीमा राशि 40,000 प्रति एकड़ तय की है। वहीं फलों की फसलों के लिए बीमा राशि 50,000 रुपये प्रति एकड़ तय की गई है।
योजना का फायदा लेने के लिए भरना होगा 2 प्रतिशत प्रीमियम -
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना (CM Horticulture Insurance Scheme) का फसल खराब होने पर मुआवजा लेने के लिए किसानों को पहले 2 प्रतिशत प्रीमियम भरना होगा। सब्जी और मसाला फसलों के लिए किसानों को 800 रुपये प्रति एकड़ अंशदान देना होगा। इसके अलावा फलों की फसलों के लिए प्रति एकड़ 1,000 रुपये अनुदान देना होगा। 40 से 60 प्रतिशत नुकसान होने पर सब्जी या मसाला फसल के लिए किसानों को 20,000 प्रति एकड़ मुआवजा मिलेगा।
बागवानी विभाग के मुताबिक, अगर फलों, मसाला या सब्जी की फसलों को प्राकृतिक नुकसान ज्यादा या कम होता है। उसी के अनुसार मुआवजे का भुगतान किया जाएगा।