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हरियाणा में 800 एकड़ पंचायती भूमि पर होगी प्राकृतिक खेती

Haryana News : प्रदेश सरकार द्वारा प्राकृतिक खेतो को बढ़वा देने के लिए अनकों प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए प्रदेश मे अब सरकार द्वारा 800 एकड़ पंचायती भूमि के हिस्से पर प्राकृतिक खेती की जाने की योजना बनाई गई है। यह बात कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कही। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से
 

HR Breaking News (Haryana News) : हरियाणा में प्राकृतिक खेती (Natural farming in Haryana) को बढ़ावा देने के लिए सरकार द्वारा अनेकों योजनाएं चलाई जाती है। अभी इसी कड़ी में सरकार  800 एकड़ पंचायती भूमि का भी इस्तेमाल करेगी। योजना के पहले चरण में अगले साल की शुरुआत से कुल पंचायती भूमि के 10 प्रतिशत हिस्से पर प्राकृतिक खेती की जाएगी।  प्राकृतिक तरीके से उगाई गई फसलों को बेचने के लिए अनाज मंडी में अलग व्यवस्था भी की जाएगी ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी ना हो।

कृषि मंत्री ने की बजट घोषणाओं की समीक्षा

कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा (krishi evam kisan kalyan mantri shyam singh rana) ने बजट घोषणाओं की समीक्षा की। इस दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए की सरकारी योजनाओं को लागू करने में तेजी लाई जाए। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ कृषि क्षेत्र से जुड़ी अन्य योजनाओं की प्रगति की भी जानकारी ली। 

1.40 एकड़ सेमग्रस्त भूमि को किया खेती योग्य (farming news) 

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल एक लाख एकड़ सेमग्रस्त भूमि को सुधारने का काम किया गया था। इस साल यह लक्ष्य बढ़ाकर 1.40 लाख एकड़ कर दिया गया है। इसमें से अब तक 22,000 एकड़ भूमि को दुरुस्त किया जा चुका है। सेमग्रस्त जमीन में सुधार होने से ऐसी भूमि को दोबारा खेती के योग्य बनाने में मदद मिलेगी। 

तीन हजार से अधिक किसान करवा चुके पानी की जांच 

इस दौरान मंत्री ने मेरा पानी मेरी विरासत योजना (mera pani meri virasat yojana) की भी समीक्षा की है। इस योजना के तहत धान की जगह दूसरी फसलों की बिजाई करने वाले किसानों को अनुदान दिया जाता है। इसका उद्देश्य पानी की बचत के साथ फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना है। मंत्री ने अधिकारियों को खेती की मिट्टी और ट्यूबल के पानी की जांच का काम तेज करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों के अनुसार अब तक करीब 3000 किसान अपने ट्यूबल के पानी की जांच करवा चुके हैं।