Haryana में पराली जलाने पर होगी सख्ती, गांवों में लगे सेंसर
HR Breaking News (Haryana News) : हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं (parali jalane ki news) पर निगरानी और सख्ती की जा रही है। खेतों में धुंए और वायु प्रदूषण की स्थिति पर नजर रखने के लिए अब गांव में सेंसर लगाए जा रहे हैं। कैथल (Kaithal news) के रेड जोन वाले कैलरम और जींद की कालवन गांव में पीएम 2.5 (PM 2.5) समेत वायु प्रदूषण, तापमान और उमस की वास्तविक समय में निगरानी शुरू की गई है। इसके साथ ही ड्रोन और सेटेलाइट के जरिए पराली जलाने वाले क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
रात के समय भी निगरानी
हरसेक की सेटेलाइट इमेज (Satellite image of Harsek) से खेतों में आज की संभावित घटनाओं की पहचान की जा रही है। इसके अलावा राज्य में 50 ड्रोन के जरिए रात के समय भी निगरानी की व्यवस्था शुरू की गई है। खासकर उन इलाकों में ड्रोन भेजे जाएंगे जहां अधिकारियों के लिए खेतों तक पहुंचना मुश्किल होता है। अभी तक फिलहाल चरखी दादरी (Charkhi Dadri news) में ड्रोन से निगरानी शुरू हो चुकी है।
हॉट स्पॉट इलाकों में सेंसर लगाए जा रहे
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (vayu gunvatta prabandhan aayog) के निर्देश के बाद अधिक प्रणाली वाले हॉटस्पॉट गांव में सेंसर लगाए जा रहे हैं। कैथल के कैलरम में दो और जींद के कालवन में एक स्थान पर सेंसर के जरिए पीएम 2.5, वायु प्रदूषण और उमस का आंकड़ा जुटाया जा रहा है। जिससे क्षेत्र की वायु गुणवत्ता में बदलाव पर नजर रखी जा सके।
अभी तक दो जगहों से सामने आई घटनाएं, जांच में नहीं हुई पुष्टि
सेटेलाइट निगरानी में पलवल (palwal news) और पंचकूला में आग की संभावित घटनाएं सामने आई। इसके बाद नोडल अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर जांच की लेकिन दोनों जगह पराली जलाने की पुष्टि नहीं हुई। पंचकूला और पलवल से जांच के बाद आग नहीं मिलने की रिपोर्ट दी गई। मंगलवार शाम पलवल में किसान पर 25000 रुपये जुर्माने का उल्लेख किया गया था, जिसे बाद हटा दिया गया।