हिसार मंडी भाव : मूंग एमएसपी से 1770 रुपये नीचे, बाजरे का भी नहीं मिल रहा सरकारी भाव
हिसार मंडी भाव : मंडी में फसल लेकर पहुंच रहे किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं। किसानों ने सरकारी खरीद शुरू नहीं होने को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि मूंग की फसल एमएसपी से 1770 रुपये नीचे मिल रहा है। चलिए जानतें हैं इसके बारे में विस्तार से।
HR Breaking News (हिसार मंडी भाव) : मंडियों में मूंग की फसल लेकर पहुंच रहे किसानों को सरकारी खरीद शुरू होने का इंतजार है। लेकिन खरीद का शेड्यूल जारी नहीं होने से उन्हें नुकसान उठाकर फसल बेचनी पड़ रही है। मूंग का न्यूनतम समर्थन मूल्य 87,70 प्रति क्विंटल निर्धारित है। जबकि हिसार मंडी में निजी खरीदार 7000 से 8000 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव दे रहे हैं। ऐसे में किसानों को हर क्विंटल पर 770 से 1770 रुपए तक कम दाम मिल रहे हैं। सरकारी खरीद के अभाव में किसानों के पास निजी व्यापारियों को फसल बेचने या घर पर स्टोर करने के अलावा अन्य विकल्प नहीं है।
1550 क्विंटल दर्ज हुई मूंग की आवक (hisar mandi bhav)
इस सीजन में हिसार मंडी में अब तक की मूंग (hisar mandi moong bhav) की कुल आवक 1550 क्विंटल दर्ज की गई है। मंडी में फसल लेकर आए किसानों को उम्मीद थी की मंडी की सरकारी खरीद शुरू होने पर उन्हें समर्थन मूल्य मिल सकेगा। लेकिन अभी खरीद की तारीख तक तय नहीं हुई है। इसके चलते कई किसानों को कम भाव पर अपनी फसल बेचनी पड़ रही है।
लगातार बढ़ रही मूंग की खेती
जिले में मूंग की खेती (latest mandi bhav hisar) का रकबा भी लगातार बढ़ रहा है। वर्ष 2024 में यह 23.03 हजार हेक्टेयर था जो 2025 में बढ़कर 26.64000 और 2026 में 29.92 हजार हेक्टेयर हो गया है। मूंग की एमएसपी पर खरीद शुरू करने धान खरीद में किसानों की कटौती रोकने और बाजरे के भावांतर योजना से जुड़ी शर्तों के विरोध में संयुक्त किसान मोर्चा हरियाणा (sanyukt kisan morcha haryana) ने 14 अक्टूबर को प्रदर्शन करने का आह्वान किया है। इसके तहत मार्केट कमेटी कार्यालय पर 3 घंटे तक तालाबंदी की जाएगी।
9536 एमटी धान की हुई खरीद
जिले की मंडियों (hisar mandi dhan bhav) में धान की आवक बढ़ने के साथ उठान की रफ्तार धीमी बनी हुई है। अब तक 24,331 मीट्रिक टन धान मंडी में पहुंच चुका है। जबकि इसमें से 9536 एमटी की खरीद हुई है। इस हिसाब से खरीदा गया और बिना उठाने वाला धान मिलकर कुल 21809 मीट्रीक धान मंडियों में रखा है। वहीं मौसम विभाग की ओर से 16 अक्टूबर तक बारिश की संभावना भी बताई जा रही है। ऐसे में फसल को सुरक्षित रखना चुनौती बन सकता है।
सरकार की और से खरीद को लेकर नहीं किया शेड्यूल जारी
जिला मंडी एसोसिएशन (jila mandi assiociation) के प्रधान पवन असरावां ने बताया कि मूंग की आवक फिलहाल कम है। सरकारी खरीद की उम्मीद में किसान फसल निकालने के बाद उसे घर पर रख रहे हैं। हिसार और आदमपुर मंडी में मूंग की आवक अधिक होती है। लेकिन सरकार की ओर से अभी तक खरीद को लेकर कोई कार्यक्रम जारी नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि बारिश की संभावना को देखते हुए पाबड़ा मंडी में शेड के नीचे रखा गेहूं एफसीआई से उठा दिया गया है।
मंडी में 8205 मीट्रीक टन बाजरा पहुंचा
जिले की मंडियों (bajra bhav) में अब तक 8205 मेट्रिक टन बाजरा पहुंचा है। इसमें से 6355 एमटी बाजरा निजी खरीदारों ने खरीदा है। बाजरे का एमएसपी 2900 रुपए प्रति क्विंटल है। लेकिन मंडियों में इसके भाव 2250 से 2450 रुपए प्रति क्विंटल है। सरकार ने बाजरे पर 600 रूपये भावांतर देने की घोषणा की है। इसका लाभ उन्हें किसानों को मिलेगा जिन्होंने मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर फसल का पंजीकरण कराया है। इसके लिए मंडी का गेट पास और निजी खरीदार का जे फॉर्म भी देना होगा।
1220 रूपये कम दाम में बेची फसल
बुड़ाक गांव के किसान रामसिंह ने बताया कि वह हिसार की मंडी में मूंग की फसल लेकर पहुंचे थे। जहां उनकी फसल का भाव 7550 रुपए प्रति क्विंटल लगाया गया। यह निर्धारित एमएसपी से 1220 रुपए कम है। सरकारी खरीद कब शुरू होगी इसकी जानकारी उन्हें नहीं मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में कम कीमत में अपनी फसल बेचनी पड़ी।
तेजी से उठान के निर्देश
डीएफएससी अमित शेखावत (DFSC) ने बताया कि मूंग की सरकारी खरीद का शेड्यूल अभी जारी नहीं हुआ है। धान कि आवक को देखते हुए सभी खरीद एजेंसी को उठान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। पाबड़ा मंडी में रखा गया हूं भी उठा दिया गया है।