बाजरा मंडी भाव : बाजरे की सरकारी खरीद नहीं हुई शुरू, किसान परेशान, मंडियों में पहुंचा 2731 एमटी बाजरा
bajra mandi bhav : खरीफ सीजन की ज्यादातर फैसले तैयार हो चुकी हैं, लेकिन धान, बाजरा और मूंग की सरकारी खरीद अब तक शुरू नहीं हुई है। कुछ दिनों पहले 1 अक्टूबर 2026 से इन सभी फसलों की सरकारी खरीद शुरू करने की खबरें सामने आई थी। लेकिन मंडियों में हजारों क्विंटल धान, बाजरा पहुंच चुका है परंतु सरकार फसल नहीं खरीद रही है जिसके चलते किसानों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
HR Breaking News - हिसार जिले की मंडियों में मूंग, बाजरा, धान की तेजी से आवक होने लगी है, लेकिन सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के चलते मंडियों में हजारों क्विंटल, बाजरा और धान खुले में पड़ा हुआ है जिसके चलते किसानों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंगलवार तक जिले की मंडियों में 2,731.33 मीट्रिक टन बाजरा (bajra ka mandi bhav) पहुंचा है।
इन मंडियों में हुई धान, बाजरे की सबसे ज्यादा खरीद - (mandi update)
मंगलवार को 760.75 मीट्रिक टन बाजरे (bajra ka bhav) की आवक हुई है। बरवाला मंडी में सबसे ज्यादा 1178.40 मीट्रिक टन बाजार पहुंचा है। इसके अलावा हिसार में 713.63 मीट्रिक टन बाजार पहुंचा और उकलाना में 715.90 मैट्रिक, आदमपुर में 123.40 एमटी बाजरे की आवक हुई है। बालसमंद और कैमरी की मंडियों में बाजरे की आवक नहीं हुई है। धान की आवक अब तेज हो गई है। मंगलवार को धान ग्रेड- ए की 2064.20 एमटी आवक हुई है, जबकि इससे पहले 4610.60 एमटी धान मंडियों में पहुंच चुका था।
फसलों की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने से किसान नाराज -
जिले में धान की कुल आवक 6674.80 एमटी हुई है। उकलाना मंडी (Uklana Mandi update) में मंगलवार को 1553.70 एमटी फसल की आवक हुई है और अब तक 4857.70 एमटी फसल पहुंच चुकी है। बारवाला में 316, पाबड़ा में 100.30 और आदमपुर में 94.20 एमटी फसल की आवक हुई है। बालसमंद, दौलतपुर, हिसार मंडी में धान की आवक नहीं हुई है। फसलों की सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के चलते किसानों में नाराजगी है और कई जगहों पर किसान प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
किसानों को नहीं मिला भावांतर का लाभ -
असरावा के रामस्वरूप किसान का कहना है कि फिलहाल बाजरा (bajra rate) खुली बोली में आढ़तियों को बेचा जा रहा है। सरकार भावांतर देने की बात कह रही है लेकिन अभी तक सरकारी खरीद शुरू नहीं की गई है, उन्होंने कहा कि पिछले साल भी किसानों को भावांतर का लाभ नहीं मिल पाया था और इस बार भी उन्हें इंतजार है।
खुली बोली में किसानों को केवल 2305 रुपये मिल रहा बाजरे का भाव -
असरावा के इंद्र सिंह किसान का कहना है कि किसानों को धान (dhaan mandi rate) और बाजरे तक बेचने में परेशानी हो रही है। आढ़ती के यहां खुली बोली में बाजरे का अधिकतम भाव 2305 रुपए प्रति क्विंटल मिल रहा है, उन्होंने आरोप लगाया है की भावांतर के नाम पर किसानों को गुमराह किया जा रहा है।