हरियाणा में धान खरीद का काम बाधित, 7 लाख एकड़ से ज्यादा का वेरिफिकेशन बाकी
HR Breaking News (Haryana News) : हरियाणा की अनाज मंडियों में धान की आवक (dhaan ki aavak) तेज हो गई है। लेकिन खरीद प्रक्रिया में फसल वेरिफिकेशन (fasal verification) की अड़चन किसानों के लिए परेशानी बन गई है। प्रदेश की 14 जिलों की मंडियों में अब तक 2.32 लाख टन से ज्यादा धान पहुंच चुका है। जबकि सरकारी (haryana anaj mandi) एजेंसी ने करीब 32,000 टन की ही खरीद कि है। सबसे बड़ी दिक्कत उन किसानों को आ रही है जिनकी जमीन ठेके पर है। रिकॉर्ड पोर्टल पर दर्ज होने के बावजूद वेरिफिकेशन लंबीत दिखने से गेट पास जारी नहीं हो पा रहे।
7.59 लाख एकड़ फसल का वेरिफिकेशन बाकी
प्रदेश में करीब (mandi news) 22.34 लाख एकड़ धान की फसल का रिकॉर्ड दर्ज है। इसमें से 7.59 लाख एकड़ फसल का वेरिफिकेशन अभी पूरा नहीं हुआ है। इसके चलते किसान मंडी में फसल लेकर पहुंच रहे हैं। लेकिन गेट पास नहीं बनने से सरकारी खरीद की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही। कई किसानों को तहसीलदार, एसडीएम और डीसी कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
वेरिफिकेशन के समय पेंडिंग एरर आ रहा
ठेके की जमीन पर खेती करने वाले किसानों के मामले में गेट पास बनाते समय पोर्टल पर फसल वेरिफिकेशन (fasal verification ko lekr aa rhi dikt) पेंडिंग का एरर सामने आ रहा है। किसानों का कहना है कि मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जमीन, किसान और फसल का विवरण पहले से दर्ज है, फिर भी मंडी में पहुंचने के बाद सत्यापन की कमी बताई जा रही है।
किसानों को हो रही ये परेशानी
कैथल (Kaithal news) के पाई निवासी सतीश ने बताया कि उसने 17 एकड़ जमीन ठेके पर लेकर धान की फसल बोई थी। पोर्टल पर रिकॉर्ड दर्ज होने के बावजूद मंडी में गेट पास नहीं बना। तहसीलदार स्तर पर वेरिफिकेशन लंबित बताया गया। मजबूरी में धान आढ़ती के फड़ पर उतारना पड़ा। माघो माजरी के किस विक्रम ने 9 एकड़ जमीन ठेके पर ली है 4 एकड़ की फसल मंडी पहुंचने के बाद गेट पास नहीं बना। उसे तहसीलदार से सत्यापन करने को कहा गया। किसान का कहना है कि पहले लाई गई फसल की बिक्री नहीं हो रही बाकी तैयार फसल मंडी तक कैसे लाएं।
प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने किया प्रदर्शन
वेरिफिकेशन (srakri dhan khrid) और खरीद में देरी को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। कुरुक्षेत्र में किसानों का कहना है कि पोर्टल पर दर्ज रकबे और उत्पादन में अंतर दिखाने के कारण गेट पास नहीं बन रहे। किसान मार्केट कमेटी और कृषि विभाग के कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं। अंबाला में करीब 22000 एकड़ फसल का सत्यापन बाकी बताया गया। किसानों ने जल्द समाधान की मांग की है। इसके अलावा यमुनानगर में भारतीय किसान यूनियन प्रदर्शन कर सरकार का पुतला फुंका और डीसी को ज्ञापन सौंपा। फतेहाबाद के टोहाना में भी धान की सरकारी खरीद शुरू न होने के विरोध में किसानों ने प्रदर्शन किया।
खरीद न होने से किसान ने जहर पीने का किया प्रयास
इसके अलावा घरौंडा मंडी (Gharaunda Mandi news) में कई दिनों से धान की खरीद नहीं होने से किसान ने परेशान होकर जहर खाने का प्रयास किया। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग (Food and Supplies Department) ने मंडियों में जमा धान की उठान की प्रक्रिया शुक्रवार से शुरू करने का निर्णय लिया है। विभाग के अनुसार जहां ट्रांसपोर्टर उठान में लापहरवाही करेंगे वहां चावल मिलर्स को भी धान उठाने की अनुमति दी जा सकेगी। अब तक 950 से अधिक चावल मिल संचालक पंजीकरण करा चुके हैं।
जमीन वेरिफिकेशन की यह है व्यवस्था
ठेके पर ली गई जमीन पर बोई गई फसल का सत्यापन (fasal ka satyapan)रकबे के आधार पर अलग-अलग किया जाएगा। 15 एकड़ तक की जमीन का वेरिफिकेशन तहसीलदार, 15 से 25 एकड़ तक एसडीएम और 25 एकड़ से अधिक रकबे का सत्यापन डीसी स्तर पर होगा। वरिफिकेशन पूरा होने के बाद ही गेट पास जारी होगा और खरीद प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।