हरियाणा में बदला मौसम विभाग का अलर्ट, अब 48 घंटे 6 ही जिलों में बारिश की संभावना
HR Breaking News (Haryana ka mausam) हरियाणा में अक्टूबर में कब तक 90% बारिश कम है। मानसून में भी सामान्य से कम बारिश रही है। अक्टूबर में अब तक 0.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है जो कि नॉर्मल से 3.2 एमएम कम है। सामान्य तौर पर अक्टूबर की शुरुआत में हरियाणा में 3.6 एमएम तक बारिश दर्ज की जाती है, हालांकि पिछले 24 घंटे में सामान्य बारिश दर्ज की गई है जो कि प्रदेश में औसतन 0.1 एमएम बारिश दर्ज की गई है। वहीं भारत मौसम विभाग की तरफ से आने वाले दिनों के लिए अलर्ट जारी किया गया है, चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-
कल मौसम साफ रहने की संभावना (kal ka mausam)
भारत मौसम विभाग की तरफ से 9 अक्टूबर को हरियाणा में कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है। हालांकि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बादल छाए रह सकते हैं और ठंडी हवा भी चल सकती है। तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है। तुरंत कहीं पर बादल बनकर बारिश होने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
10 अक्टूबर को सक्रिय होगा पश्चिमी विक्षोभ (10 October ka mausam)
हरियाणा में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है जोकि 10 अक्टूबर से सक्रिय होगा। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा के पांच जिलों में 10 अक्टूबर को बारिश का अलर्ट है। इन 6 जिलों में सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, हांसी, यमुनानगर और पंचकूला शामिल है। इन जिलों में बिजली कड़कने, बिजली चमकने व तेज हवाओं का भी अलर्ट जारी किया गया है।
11 अक्टूबर को हरियाणा का मौसम (11 October ka mausam)
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव 11 अक्टूबर को भी देखने को मिलेगा, जिसमें सिरसा (Sirsa me barish), फतेहाबाद (Fatehabad me barish), हांसी (hansi me barish), हिसार (hisar me barish), पंचकूला और यमुनानगर में बारिश को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान बिजली चमकने, बिजली कड़कने व तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। इससे पहले भारत मौसम विभाग की तरफ से यह अलर्ट अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत के जिलों के लिए था जो अब बदल चुका है और सिरसा, फतेहाबाद, हांसी, हिसार की तरफ बारिश की संभावना बन रही है। इसके अलावा 12 अक्टूबर को भी मौसम साफ रहने की संभावना जताई जा रही है।
किसानों को हो सकता है नुकसान (farmers news)
इन दिनों में बारिश की किसानों को आवश्यकता नहीं है। बारिश (Haryana Weather Alert) के साथ आंधी आने से किसानों को दोहरा नुकसान हो सकता है। एक तो अनाज मंडी में किसानों की फसल पहुंच चुकी है, दूसरा बहुत सारे किसानों की फसल अभी पकने की कगार पर है। ऐसे में अगर भारी बारिश का दौर शुरू हो जाएगा तो इससे किसानों को काफी नुकसान हो सकता है। धान, कपास, गन्ने की फसल तक को गिरने से नुकसान होने की आशंका है।