Vegetable price : सब्जियों के भाव में आई तेजी, बिगाड़ दिया रसोई का बजट

Vegetable Price : पिछले एक सप्ताह ऐसे देश के ज्यादा तेरे लाखों में मौसम बदलता हुआ नजर आ रहा है। मार्च महीने की शुरुआत से लोगों को तपती गर्मी का सामना करना पड़ा लेकिन अब बरसात की वजह से लोगों को महंगी सब्जियां भी परेशान कर रही है। बताया जा रहा है कि सब्जियों की लगातार बढ़ रही कीमतों ने रसोई घर के बजट को बिगाड़ दिया है। आइए जानते हैं सब्जियों के ताजा भाव।
 

HR Breaking News : (Vegetable Price Hike) बरसात के इस मौसम से लोगों को गर्मी से तो छुटकारा मिला है लेकिन सब्जियों की कीमतों ने लोगों के पसीने छूटा दिए हैं। मार्च महीने में हो रही इस बरसात की वजह से सब्जियों के दामों में अचानक तीन से चार गुना की बढ़ोतरी देखी गई है। शहर की सब्जी मंडियों में सब्जियों की आवक कम हो गई है, जिसका सीधा असर रसोई घर पर पड़ रहा है। सब्जियों के बढ़ रहे भाव (Vegetable price hike) को देख हर कोई परेशान हो रहा है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि अभी सब्जियों के भाव जल्दी ही कम भी नहीं होंगे।

 


आम लोगों को हो रही परेशानी


बरसात के मिजाज की वजह से लोगों को काफी दिक्कत हो रही है। सब्जी बेचने वालों का कहना है कि खेतों में पानी भर जाने से फसल खराब होने का डर रहता है और सब्जियां लाना-ले जाना भी मुश्किल हो जाता है। इसलिए मंडियों में सब्जियां कम पहुंच रही हैं। कुछ लोग इस मौके का फायदा उठाकर सब्जियों को जमा कर लेते हैं और दाम बढ़ा देते हैं। पहले जो ठेले वाले गली-मोहल्लों में सब्जी बेचते थे, उनमें से कई ने बारिश के कारण काम बंद कर दिया है क्योंकि उन्हें नुकसान हो रहा है। अब लोगों के पास या तो सूखा राशन खाने का ऑप्शन है या महंगी सब्जियां खरीदनी (Rising vegetable prices) पड़ रही हैं।

 


दाम बढ़ने के पीछे का कारण


स्थानीय सब्जी विक्रेता संदीप प्रजापत के अनुसार, जो हरी सब्जियां पहले 10-20 रुपए किलो मिलती थीं, अब वही 60 से 140 रुपए किलो तक पहुंच गई हैं। सिर्फ एक सप्ताह में आलू और प्याज के दाम भी काफी बढ़ गए हैं। हालत यह है कि कई दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दी हैं क्योंकि मंडी में सब्जियां (Vegetable inflation) आ ही नहीं रही हैं। 


अब लोगों के लिए 100 रुपए में एक समय की सब्जी खरीदना भी मुश्किल हो गया है। पहले तेज गर्मी से फसल खराब हुई और अब बारिश ने उत्पादन कम कर दिया है। मांग ज्यादा है और सप्लाई कम, इसलिए सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं।


राहत मिलेगी या नही


सब्जी विक्रेताओं (vegetable vendors) की तरफ से कहा गया है कि जब तक बारिश कम नही होगी और खेतों से नई फसल नहीं आएगी, तब तक दाम कम होने की संभावना नहीं है। उनका मानना है कि अगले दो महीने तक सब्जियां महंगी (vegetable price hike) ही रहेंगी। ऐसे में आम लोगों की जेब पर ज्यादा असर  होगाद्ध


सब्जियों के भाव - 


 हरी मिर्च - 100 रु./किलो
प्याज - 45 रु./किलो
अदरक/लहसुन - 120 रु./किलो
नींबू - 60-80 रु./किलो
शिमला मिर्च - 120 रु./किलो
पालक - 60 रु./किलो
टमाटर - 60 रु./किलो
भिंडी - 60 रु./किलो
ग्वार गोभी - 80 रु./किलो
फली - 140 रु./किलो
आलू - 20 रु./किलो
लौकी - 60 रु./किलो
बैंगन - 120 रु./किलो
तुरई - 140 रु./किलो
हरा धनिया - 120 रु./किलो
इनके अलावा अरबी, करेला, परमल, जमीकंद जैसी सब्जियां भी 80 रुपए किलो से ऊपर बिक रही हैं।