Car Buying Tips : खरीदना चाह रहे हो नई कार, वेटिंग का भी नहीं चाहिए झंझट, फोलों करें ये टिप्स
Car Buying Tips : अगर आप नई कार खरीदना चाहते हैं लेकिन लंबी वेटिंग लिस्ट से बचना चाहते हैं, तो थोड़ी स्मार्ट प्लानिंग जरूरी है। त्योहारों के सीजन में सही समय पर लिया गया फैसला आपको महीनों का इंतजार बचा सकता है। प्री-बुकिंग और कुछ आसान टिप्स अपनाकर आप बिना झंझट अपनी पसंदीदा कार जल्दी घर ला सकते हैं-
HR Breaking News, Digital Desk- (Car Buying Tips) भारत में त्योहारों का सीजन-नवरात्रि, दशहरा, धनतेरस और दीवाली-नई कार खरीदने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इस दौरान कारों की डिमांड काफी बढ़ जाती है, जिससे कई मॉडलों पर वेटिंग पीरियड महीनों से बढ़कर सालों तक पहुंच जाता है। ऐसे में कई लोग समय पर अपनी पसंदीदा कार नहीं खरीद पाते हैं।
अगर आप इस नवरात्रि या दीवाली पर नई कार घर लाने की योजना बना रहे हैं, तो आखिरी समय की खरीदारी के बजाय प्री-बुकिंग करना ज्यादा समझदारी भरा फैसला हो सकता है। प्री-बुकिंग से न सिर्फ वेटिंग पीरियड कम (Pre-booking not only reduces the waiting period) होता है, बल्कि डिलीवरी भी समय पर मिलने की संभावना बढ़ जाती है। यहां हम आपको प्री-बुकिंग के फायदे और कुछ ऐसे सीक्रेट बताएंगे (new car pre booking guide), जिनसे आप लंबी वेटिंग लिस्ट से बच सकते हैं।
प्री-बुकिंग करने के फायदे-
ऑटो कंपनियां (Auto Companies) अक्सर इनपुट कॉस्ट बढ़ने का हवाला देकर साल में दो-तीन बार कारों की कीमतें बढ़ा देती हैं। ऐसे में प्री-बुकिंग करने वाले ग्राहकों को कई कंपनियां ‘प्राइस प्रोटेक्शन’ का फायदा देती हैं। इसका मतलब यह होता है कि बुकिंग के बाद अगर कार की कीमत बढ़ भी जाती है, तो आपको कार पुरानी तय कीमत पर ही मिलती है।
स्टॉक सीमित होने पर आपको समझौता करना पड़ सकता है। वहीं, प्री-बुकिंग आपको अपनी पसंद का खास रंग और स्पेसिफिक वेरिएंट (जैसे सनरूफ या ऑटोमैटिक) चुनने की आजादी देती है।
धनतेरस या दिवाली के दिन कार घर लाना एक अलग अहसास है। प्री-बुकिंग करने वालों का नाम प्रायोरिटी लिस्ट में सबसे ऊपर होता है, जिससे शुभ मुहूर्त पर डिलीवरी मिलने की संभावना 90% तक बढ़ जाती है।
जल्दी बुकिंग करने पर आपको बैंकों से बेहतर ब्याज दर (Better interest rates than banks) और शोरूम से अच्छे एक्सचेंज बोनस मिलने की गुंजाइश रहती है। जब हाई डिमांड होती है, तो डीलर के पास मोलभाव का समय नहीं होता।
लंबी वेटिंग से बचने का ‘सीक्रेट’-
सिर्फ बुकिंग कर देना ही काफी नहीं होता। अगर आप जल्दी डिलीवरी चाहते हैं, तो कुछ ‘इनसाइडर ट्रिक्स’ अपनाने पड़ते हैं। इनमें लॉन्च से पहले अनऑफिशियल बुकिंग, एक से ज्यादा डीलरशिप पर संपर्क और सही समय पर फॉलो-अप जैसे तरीके शामिल हैं। आइए इन सभी प्वाइंट्स को आसान भाषा में समझते हैं-
लॉन्च से पहले ‘अनऑफिशियल’ बुकिंग-
अक्सर कार कंपनियां आधिकारिक बुकिंग शुरू होने से पहले ही डीलर्स को इसकी जानकारी दे देती हैं। ऐसे में आप अपने नजदीकी डीलर के संपर्क में बने रहें और ‘एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट’ (Expression of Interest) के तौर पर एक छोटी रकम जमा कर सकते हैं। इससे ऑफिशियल बुकिंग शुरू होते ही आपको प्राथमिकता मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
मल्टीपल डीलरशिप्स का उपयोग-
एक ही शहर में एक ही कंपनी के कई डीलर हो सकते हैं। आमतौर पर बड़े डीलर के पास कारों का एलोकेशन ज्यादा होता है, जबकि छोटे डीलर पर ग्राहकों की भीड़ कम रहती है। ऐसे में दोनों जगह जानकारी लें और जहां वेटिंग लिस्ट कम हो, वहीं बुकिंग कराना ज्यादा फायदेमंद रहता है।
कलर और ट्रिम में गुंजाइश (Flexibility)-
अगर आप किसी ऐसे रंग के लिए अड़े हैं, जो कम बनता है, तो वेटिंग बढ़ेगी। डीलर से पूछें कि उनके पाइपलाइन में कौन सा वेरिएंट (Which variant is in the pipeline?) उपलब्ध है। अगर आप रंग में थोड़ा बदलाव कर लें, तो आपको कार हफ्तों पहले मिल सकती है।
कैंसिलेशन पर रखें नजर-
कई बार लोन रिजेक्ट (loan reject) होने या प्लान बदलने की वजह से ग्राहक आखिरी समय पर अपनी बुकिंग कैंसिल कर देते हैं। ऐसे में आप अपने सेल्स एग्जीक्यूटिव (Sales Executive) से साफ तौर पर कह दें कि अगर कोई गाड़ी अचानक उपलब्ध होती है, तो आप तुरंत भुगतान करने के लिए तैयार हैं। इससे कैंसिल हुई बुकिंग वाली कार (Car with cancelled booking) आपको जल्दी मिल सकती है।
बोनस टिप-
त्योहारों की भीड़ में कार खरीदना किसी चुनौती से कम नहीं होता। ऐसे में प्री-बुकिंग (pre-booking) न सिर्फ आपकी मानसिक शांति बनाए रखती है, बल्कि आपकी जेब पर पड़ने वाले अतिरिक्त खर्च से भी बचाती है। बुकिंग रसीद पर हमेशा ‘रिफंडेबल’ क्लॉज जरूर जांच लें, ताकि प्लान बदलने पर आपका पैसा सुरक्षित रहे।