Rapid Rail के लिए हरियाणा की 2 परियोजनाओं को मंजूरी, इन रूट्स पर चलेगी हाई स्पीड ट्रेन
Rapid Rail - हरियाणा में तेज रफ्तार यात्रा को बढ़ावा देने के लिए दो नई रैपिड रेल परियोजनाओं (Rapid Rail Projects) को मंजूरी मिलने की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा है। बता दें कि परियोजनाओं की डीपीआर (DPR) को मंजूरी मिल चुकी है और अब अंतिम स्वीकृति के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है... आइए नीचे खबर में जान लेते है रूट्स के बारे में-
HR Breaking News, Digital Desk- (Rapid Rail) हरियाणा में नमो भारत काॅरिडोर (Namo Bharat corridor) की दो अहम परियोजनाओं पर अगले कुछ महीनों में काम शुरू होने की संभावना है। इस योजना के तहत करनाल से दिल्ली और बावल से दिल्ली तक रैपिड रेल चलाई जाएगी। इन परियोजनाओं की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने मंजूरी दे दी है। इसके बाद अब प्रस्ताव को Union Cabinet of India के सामने अंतिम स्वीकृति के लिए रखा जाएगा। मंजूरी मिलते ही टेंडर प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
हरियाणा की बात करें तो करनाल से दिल्ली तक 136 किमी नमो भारत कॉरिडोर (Namo Bharat Corridor) का निर्माण प्रस्तावित है। इसके बनने से करनाल से दिल्ली तक का सफर करीब 90 मिनट में पूरा हो सकेगा। इस परियोजना पर लगभग 33,051 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है, जिसमें राज्य सरकार करीब 7,472 करोड़ रुपये खर्च करेगी। इस रूट पर करनाल से पानीपत, मुरथल, कुंडली होते हुए दिल्ली तक रैपिड रेल (Rapid Rail) का संचालन होगा।
करनाल से दिल्ली के बीच अभी तक 17 स्टेशनों के निर्माण की योजना प्रस्तावित है। वहीं बावल से दिल्ली तक 93 किमी लंबे नमो भारत कॉरिडोर (Namo Bharat Corridor) पर करीब 32,327 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसमें राज्य सरकार की लगभग 6,957 करोड़ रुपये की हिस्सेदारी भी शामिल होगी।
परियोजना के पूरा होने के बाद दिल्ली और राजस्थान के बीच सफर का समय भी कम हो जाएगा और यह दूरी करीब 60 मिनट में तय की जा सकेगी। इस रूट पर बावल से रेवाड़ी, धारूहेड़ा, पंचगांव, मानेसर और गुरुग्राम होते हुए दिल्ली तक रैपिड रेल (Rapid Rail to Delhi) से यात्रा की सुविधा मिलेगी।
अभी तक इस परियोजना में 13 स्टेशनों का प्रस्ताव रखा गया है। दोनों ही कॉरिडोर में लगभग 10 से 12 किमी की दूरी पर स्टेशन बनाए जाएंगे। हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (HMRTC) के प्रबंध निदेशक चंद्रशेखर खरे ने बताया कि पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड (PIB) ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को मंजूरी दे दी है। अब इन परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) के सामने रखा जाएगा।
मंजूरी मिलने के 4 साल के भीतर पूरा होगा निर्माण कार्य-
परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि इससे हरियाणा (haryana) से दिल्ली और राजस्थान के बीच सफर काफी आसान हो जाएगा। दिल्ली से बावल तक नमो भारत कॉरिडोर बनने से राजस्थान तक आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। वहीं करनाल से दिल्ली तक रैपिड रेल (Rapid Rail) चलने से दिल्ली और उत्तर प्रदेश जाने में भी समय की काफी बचत होगी। अधिकारियों के अनुसार, आवंटन के करीब 4 वर्ष के भीतर परियोजना का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
रोहतक, फरीदाबाद और पलवल तक कॉरिडोर बढ़ाने की तैयारी-
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट काॅर्पोरेशन (एनसीआरटीसी) ने भविष्य की योजनाएं भी प्रस्तावित की हैं। एनसीआरटीसी ने भविष्य की परियोजनाओं में हरियाणा के 5 शहरों को भी शामिल किया है। इनमें दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल (Delhi-Faridabad-Ballabhgarh-Palwal) तक परियोजना का विस्तार किया जाएगा। इसके अलावा दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक तक विस्तार की परियोजना भी प्रस्तावित है।
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) ने भविष्य की योजनाओं को लेकर भी कई प्रस्ताव तैयार किए हैं। इन योजनाओं में हरियाणा के पांच शहरों को शामिल किया गया है। इसके तहत दिल्ली-फरीदाबाद-बल्लभगढ़-पलवल तक परियोजना के विस्तार का प्रस्ताव है। इसके अलावा दिल्ली-बहादुरगढ़-रोहतक (Delhi-Bahadurgarh-Rohtak) तक विस्तार की परियोजना भी प्रस्तावित है।