5 Day Working : बैंक कर्मचारियों ने रखी 5-डे वर्किंग की मांग, मंगलवार को ही बंद कर दिए बैंक्स
Banking Update : बैंक कर्मचारियों की 5-डे वर्किंग की मांग को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। इसी मांग के समर्थन में बैंक कर्मियों ने मंगलवार को देशभर में बैंकों को बंद कर विरोध जताया। इस बंद (Bank strike) का असर आम उपभोक्ताओं की बैंकिंग सेवाओं पर भी देखने को मिला। कर्मचारियों का कहना है कि सप्ताह में पांच दिन काम का नियम लागू होने से कार्य-दबाव कम होगा और कार्यक्षमता में सुधार आएगा।
HR Breaking News (Bank strike in India) एक बार फिर से कर्मचारियों के बीच 5 डे वर्किंग को लेकर मांग तेज हो गइ है। बता दें कि कर्मचारियों ने मंगलवार को इसको लेकर विरोध जताया है। इस दौरान बैंक कर्मियों (5 day work week for bank employees latest update) ने मंगलवार को बैंक बंद कर दिये थे। इस बैंक बंद का प्रभाव बैंकिंग सेवाओं पर भी देखने को मिला है। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से बैंक के इस अपडेट के बारे में बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
यूएफबीयू के द्वारा दी गई ये जानकारी
यूएफबीयू के द्वारा 5-डे वर्क वीक को तत्काल लागू करने की मांग की जा रही है। इसको लेकर 27 जनवरी को देशव्यापी हड़ताल पर जाने के फैसले से आज सरकारी बैंकों का कामकाज प्रभावित (bank employees latest update) होने की उम्मीद लगाई जा रही है। अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रतिनिधित्व करने वाले 9 संगठनों के संयुक्त निकाय यूएफबीयू द्वारा हड़ताल की ये पुकार 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ हुई सुलह बैठक के विफल होने के बाद की गई है। चूंकि 25 जनवरी (bank employees Strike) और 26 जनवरी को बैंक बंद रहे हैं, इस वजह से मंगलवार की हड़ताल की वजह से लगातार तीन दिनों तक शाखा स्तर की सेवाएं बाधित रहने वाली है।
संगठन का ये है कहना
यूएफबीयू के घटक अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ (Indian Bank Employees Union) के महासचिव ने जानकारी देते हुए बताया है कि सुलह कार्यवाही के दौरान विस्तृत चर्चा के बावजूद उनकी मांग पर कोई आश्वासन नहीं मिल पा रहा है। इस वजह से वे हड़ताल पर जाने को मजबूर हो रहे हैं। एआईबीओसी (AIBOC Latest Update) के महासचिव ने बताया है कि मार्च 2024 में वेतन संशोधन समझौते के दौरान इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और यूएफबीयू के बीच सभी शनिवारों को छुट्टी घोषित करने पर सहमति बना दी गई थी।
काम के घंटों पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव
अखिल भारतीय बैंक कर्मचारी संघ के महासचिव ने बताया है कि ये दुर्भाग्यपूर्ण होने वाला है कि सरकार हमारी वाजिब मांग पर प्रतिक्रिया नहीं दे रही है। इसकी वजह से काम (bank union strike January 2026) के घंटों का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि वे सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने पर पूरी तरह से सहमत रहने वाले हैं।
यूएफबीयू के एक्सपर्ट्स ने दी जानकारी
यूएफबीयू के एक अन्य घटक नेशनल कन्फेडरेशन ऑफ बैंक एम्प्लॉइज के महासचिव एल चंद्रशेखर ने जानकारी देते हुए बताया है कि ये आंदोलन ग्राहकों के खिलाफ नहीं है। बल्कि ये एक टिकाऊ और मानवीय बैंकिंग (banking operations hit strike tomorrow) प्रणाली के लिए रहा है। पांच-दिवसीय बैंकिंग कोई विलासिता नहीं मिली है। बल्कि ये आर्थिक और मानवीय आवश्यकता रही है।
प्राइवेट बैंक पर नहीं पड़ेगा कोई प्रभाव
भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई), पंजाब नेशनल बैंक (PNB Bank latest Update) और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों की शाखाओं में नकद जमा, निकासी, चेक निपटान और प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होने की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि इसका प्राइवेट बैंकों (Strike effect on private banks) पर कोई प्रभाव देखने को नहीं मिल रहा है।
हालांकि, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और एक्सिस बैंक (Axis Bank) जैसे प्रमुख निजी क्षेत्र के ऋणदाताओं का परिचालन काफी हद तक अप्रभावित रहने की उम्मीद लगाई जा रही है। क्योंकि उनके कर्मचारी (private banks Strike) उन यूनियनों का हिस्सा नहीं हैं जोकि हड़ताल पर जा रही हैं। ऐसे में उनके ऊपर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।