हरियाणा दिल्ली बॉर्डर पर ट्रैफिक जाम होगा खत्म, 8 किलोमीटर का एलिवेटेड कॉरिडोर मंजूर
HR Breaking News (Haryana Delhi New Road) दिल्ली एनसीआर में लगातार ट्रैफिक का दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी को देखते हुए लगातार इसके विकल्प भी तलाशें जा रहे हैं और नए एक्सप्रेसवे व कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। अब दिल्ली में 8 किलोमीटर लंबाई का एक एलिवेटेड कॉरिडोर बनाया जाएगा, जिसको uer-2 एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। इससे दिल्ली में ट्रैफिक का दबाव काफी कम होगा और वहां डाइवर्ट हो जाएंगे।
कहां से कहां तक बनेगा एलिवेटेड कॉरिडोर (elevated corridor)
एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण पश्चिमी दिल्ली में किया जाएगा। यह मुंडका से पीरागढ़ी तक बनाया जाएगा, जिसकी लंबाई 8 किलोमीटर होगी। इसको अब सरकार की तरफ से मंजूरी मिल गई है। एलिवेटेड कॉरिडोर को अर्बन एक्सटेंशन रोड 2 से भी जोड़ा जाएगा। इससे पश्चिमी दिल्ली में ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और रोजाना हजारों लोगों को इससे राहत मिलेगी।
पीडब्ल्यूडी विभाग ने बनाया प्लान (PWD Vibhag)
नए कॉरिडोर को बनाने का प्लान दिल्ली के रोहतक रोड नेशनल हाईवे 10 पर ट्रैफिक के दबाव को कम करेगा। दिल्ली का तीसरा रिंग रोड इसके साथ कनेक्ट किया जाएगा। इससे दिल्ली के पीरागढ़ी उद्योग नगर, मुंडका, पंजाबी बाग, नांगलोई के लोगों को काफी लाभ होगा और ट्रैफिक जाम की समस्या से छुटकारा मिलेगा।
मास्टर प्लान 2047 का है हिस्सा (Master Plan 2047)
दिल्ली में यह कॉरिडोर मास्टर प्लान 2047 के तहत विकसित किया जा रहा है। 2047 में भारत की आजादी को 100 साल पूरे हो जाएंगे, जिस पर भारत को एक डेवलप नेशन बनाने के लिए कवायद जारी है। दिल्ली में भविष्य में ट्रैफिक के दबाव को देखते हुए इस एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण किया जाएगा। इसमें स्थानीय ट्रैफिक के साथ-साथ बाहर से आने वाले लोगों को भी काफी लाभ मिलेगा।
जल्द डीपीआर कराई जाएगी तैयार (DPR)
इस एलिवेटेड कॉरिडोर (elevated Corridor) के लिए डीपीआर तैयार कराई जाएगी, जिसकी स्टडी के लिए पीडब्ल्यूडी विभाग की तरफ से निजी एजेंसी को जिम्मेदारी दी जाएगी। इस एलिवेटेड कॉरिडोर की फिजिबिलिटी पर स्टडी करेंगे, डीपीआर आने के बाद इस पर फाइनल एस्टीमेट आते ही कार्य को शुरू कर दिया जाएगा।
दिल्ली हरियाणा बॉर्डर (Delhi Haryana Border) पर मिलेगा ज्यादा लाभ
नया कॉरिडोर बनने से दिल्ली हरियाणा बॉर्डर (Haryana Border) पर काफी लाभ मिलेगा। रोहतक-बहादुरगढ़ की तरफ जाने वाले लोगों को इस कॉरिडोर से स्मूथ सफर मिलेगा। मुंडका, पीरागढ़ी से होकर जो जाते हैं, उनके लिए यह लाभकारी रहेगा। दिल्ली, हरियाणा बॉर्डर के रोहतक रोड (Rohtak Road) पर भारी ट्रैफिक रहता है। ऐसे में पंजाबी बाग से मुंडका तक 15 किलोमीटर का हिस्सा काफी पैक रहता है। ज्यादातर ऑफिस की छुट्टी व सुबह के समय यहां ज्यादा ट्रैफिक होता है, ऐसे में यह एलिवेटेड कॉरिडोर रोहतक रोड की और वेस्ट दिल्ली की लाइफ लाइन बन सकता है। इससे मुंडका और पीरागढ़ी एरिया में ट्रैफिक जाम खत्म हो जाएगा।
मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया में भी ट्रैफिक होगा कम (New mundka industrial area)
नया एलिवेटेड कॉरिडोर बन जाने से दिल्ली में सबसे ज्यादा बिजी एरिया को काफी लाभ मिलेगा। रोहतक रोड और आउटर रिंग रोड (Rohtak Road and outer Ring Road) में ज्यादा ट्रैफिक देखने को मिलता है। सुबह शाम के समय हरियाणा और दिल्ली का ट्रैफिक इस एरिया में रहता है। इससे मुंडका की तरफ जाना काफी मुश्किल हो जाता है। पीरागढ़ी और उद्योग नगर मेट्रो स्टेशन (Udhyog Metro Station) के बीच भी वाहनों की गति बहुत धीमी हो जाती है।
वहीं, मुंडका इंडस्ट्रियल एरिया (Mundka Industrial Area) में भी भारी वाहनों की आवाजाही लगी रहती है। इसकी वजह से भी ट्रैफिक काफी प्रभावित होता है। अब नया एलिवेटेड कॉरिडोर बनने से मुंडका से पीरागढ़ी और आउटर रिंग रोड का ट्रैफिक (Outer Ring Road Delhi) बिना किसी ट्रैफिक सिग्नल के सीधा बाहर निकल सकता है। वहीं हरियाणा के बहादुरगढ़ और दिल्ली से रोहतक की तरफ जाने वाले वाहन सीधे अर्बन एक्सटेंशन रोड दो के माध्यम से इंदिरा गांधी एयरपोर्ट टू द्वारका तक निकल सकते हैं, उन्हें दिल्ली के आंतरिक ट्रैफिक की समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा पश्चिम विहार, सैनिक विहार, रानी बाग, नांगलोई, शकूरबस्ती, इंडस्ट्रियल एरिया मंगोलपुरी का भी ट्रैफिक कम होगा।