8th Pay Commission : देरी से लागू होने पर भी लॉटरी से कम नहीं है नया वेतन आयोग, मिलेगा इतना फायदा
8th Pay Commission : केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवां वेतन आयोग किसी बड़ी राहत से कम नहीं माना जा रहा है। भले ही इसकी सिफारिशें लागू होने में कुछ देरी हो जाए, लेकिन एरियर के रूप में मिलने वाली एकमुश्त रकम और बढ़ी हुई सैलरी (salary) से कुल मिलाकर अच्छा खासा फायदा होने की उम्मीद है। यही वजह है कि कर्मचारी इसे ‘लॉटरी’ जैसा मान रहे हैं... आइए नीचे खबर में जान लेते है इस अपडेट के बारे में विस्तार से-
HR Breaking News, Digital Desk- (8th Pay Commission) केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर उत्सुकता लगातार बढ़ती जा रही है। जहां एक तरफ वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी को लेकर उम्मीदें मजबूत हैं, वहीं दूसरी ओर इसके लागू होने में संभावित देरी को लेकर चिंता भी तेज़ है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर नई सिफारिशें समय पर लागू नहीं हो पाती हैं, तो देरी के कारण बनने वाले एरियर्स के रूप में कर्मचारियों और पेंशनर्स को कितनी बड़ी रकम मिल सकती है।
ToR को मिली मंजूरी, वेतन आयोग गठन की प्रक्रिया शुरू-
अक्टूबर 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में आठवें वेतन आयोग के टर्म्स ऑफ रेफरेंस (ToR) को मंजूरी दी गई थी। इसके साथ ही आयोग के गठन और उसके कामकाज की प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो गई। ToR को मंजूरी मिलने का मतलब है कि आयोग अब मौजूदा वेतन संरचना, महंगाई दर, भत्तों और अन्य संबंधित पहलुओं का अध्ययन करेगा और उसके आधार पर सरकार को अपनी सिफारिशें सौंपेगा।
हालांकि, अब तक सरकार की ओर से यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि नई सैलरी किस तारीख से लागू होगी।
1 जनवरी 2026 से लागू हो सकती हैं नई सिफारिशें-
भारत में परंपरागत रूप से हर 10 साल में नया वेतन आयोग लागू किया जाता है। सातवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2016 से प्रभावी हुआ था। इसी पैटर्न के आधार पर यह माना जा रहा है कि आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू हो सकता है। हालांकि, फिलहाल यह केवल अनुमान ही है, क्योंकि सरकार की ओर से अब तक इसकी कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की गई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव (Union Minister Ashwini Vaishnav) पहले ही संकेत दे चुके हैं कि आयोग की अंतरिम या अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही इसके लागू होने की तारीख पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
देश के 50 लाख कर्मचारी और 69 लाख पेंशनर्स होंगे लाभान्वित-
आठवें वेतन आयोग का लाभ करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) को मिलेगा, जिनमें सिविल और रक्षा कर्मी दोनों शामिल हैं। इसके अलावा लगभग 69 लाख पेंशनर्स भी इसकी परिधि में आएंगे। इसी वजह से इसे देश के सबसे बड़े वेतन और पेंशन सुधारों में से एक माना जा रहा है।
देरी हुई तो एरियर को लेकर बढ़ी उम्मीदें-
कर्मचारियों के बीच सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर है कि एरियर (arrear) कितना मिलेगा। एरियर वह राशि होती है, जो वेतन बढ़ोतरी में देरी होने की स्थिति में पिछली प्रभावी तारीख से जोड़कर कर्मचारियों को दी जाती है।
उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा सैलरी 40,000 रुपये है और आठवें वेतन आयोग के बाद यह बढ़कर 50,000 रुपये हो जाती है, तो उसे हर महीने 10,000 रुपये का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। यदि नई सैलरी 1 जनवरी 2026 से लागू मानी जाती है, लेकिन वास्तविक भुगतान (actual payment) मई 2027 से शुरू होता है, तो ऐसे में करीब 15 महीने का एरियर बन जाएगा।
इस हिसाब से-
10,000 × 15 महीने = 1,50,000 रुपये
यानी कर्मचारी को करीब डेढ़ लाख रुपये एरियर के रूप में मिल सकते हैं।
रिपोर्ट और टाइमलाइन का इंतजार-
सातवें वेतन आयोग (7th pay commission news) का गठन फरवरी 2014 में हुआ था और उसकी सिफारिशें 1 जनवरी 2016 से लागू की गई थीं। इसी अनुभव को देखते हुए अब कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजरें आठवें वेतन आयोग की रिपोर्ट (8th pay commission report) और उसकी संभावित टाइमलाइन पर टिकी हैं। सभी को उम्मीद है कि सरकार जल्द ही इस पर स्पष्टता लाएगी और लंबे समय से चल रहे इंतजार का अंत होगा।