8th Pay Commission: सरकार ने की सैलरी बढ़ाने की तैयारी, फिटमेंट फेक्टर और भत्तों पर ये लिया फैसला
fitment factor Update : केंद्र सरकार ने कर्मचारियों ने हाल ही में एक बड़ा फैसला लिया है। बता दें कि अब सरकार ने कर्मचारियों की सैलरी को बढ़ाने की तैयारी कर ली है। अब फिटमेंट फैक्टर और भत्तों पर एक बड़ा फैसला लिया है। इसकी वजह से कर्मचारियों को काफी लाभ होगा। आज हम आपको इस खबर के माध्यम से सैलरी बढ़ौतरी के बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। आइए जानते हैं इस बारे में।
HR Breaking News - (8th Pay Commission Update)। सरकार अब जल्द ही 8वें वेतन आयोग को लागू करने जा रही है। इस वेतन आयोग के तहत कर्मचारियों की सैलरी में तगड़ा उछाल आएगा। इसके अलावा कर्मचारियों को इसमें कई अन्य भत्तों का भी लाभ होने वाला है। सरकार ने फिटमेंट फेक्टर और भत्तों पर एक अहम फैसला लिया है। फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) में बढ़ौतरी होने की वजह से कर्मचारियों की सैलरी में बूम आएगा। खबर के माध्यम से जानिये 8वें वेतन आयोग को लेकर जारी किये गए इस अपडेट के बारे में।
इन चीजों पर भी होगी चर्चा-
हाल ही में जारी की गई एक रिपोर्ट के मुताबिक रेलवे कर्मचारियों की यूनियन AIRF के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने बताया है कि बैठक में कर्मचारियों की भविष्य की सैलरी का पूरा ढांचा तैयार करने पर बात हुई है। इनमें से ये 5 सबसे महत्वपूर्ण चीजों को शामिल किया गया है।
फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) : सबसे ज्यादा चर्चा इस बात पर की जा रही है कि फिटमेंट फैक्टर क्या हो? कर्मचारी संघ 3.25 के फिटमेंट फैक्टर की मांग पर टिके हुए है।
न्यूनतम वेतन (Minimum Salary) : देश में बढ़ती महंगाई को देखते हुए कम से कम सैलरी कितनी तय की जाने वाला है। इस फैसले पर विस्तार से विचार किया जा रहा है।
सालाना इंक्रीमेंट (Annual Increment) : मांग की जा रही है कि हर साल होने वाली वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) को बढ़ाकर 7 प्रतिशत तक कर दिया जाएगा।
भत्ते (Allowances) : एचआरए (HRA), टीए (TA) और अन्य मेडिकल अलाउंस में किस तरह का बदलाव हो, इस पर भी सुझाव तैयार किया जा रहा है।
वेतन पैटर्न (Salary Hike) : नया सैलरी स्ट्रक्चर कैसा हो इसकी निचले स्तर के कर्मचारियों को भी बराबर लाभ मिले हैं।
भेदभाव खत्म करने की हो रही है मांग-
मीटिंग में ऑल इंडिया एनपीएस इंप्लॉईज फेडरेशन के अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने एक बेहद महत्वपूर्ण मुद्दा पर बात की है। उन्होंने बताया है कि केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) और ऑटोनॉमस (स्वायत्त) संस्थानों के लाखों कर्मचारियों को भी जेसीएम में प्रतिनिधित्व का मिलान करना चाहिए। अक्सर इन कर्मचारियों तक केंद्र के नियम पहुंचने में देरी होती है, जिसको अब खत्म करने की मांग की जा रही है।
इस दिन होगी अगली बैठक-
हालांकि चर्चा 2 घंटे तक चल रही है। हालांकि फिलहाल बातचीत पूरी नहीं हुई है। 10 मार्च के बाद एक और बड़ी बैठक की जाएगी। 10 मार्च की बैठक के बाद एक संयुक्त ज्ञापन को तैयार किया जाएगा, जिसको औपचारिक रूप से आयोग को सौंपा जाने वाला है।
पुरानी पेंशन (OPS) का होगा ब्रह्मास्त्र-
वेतन आयोग की चर्चाओं के बीच पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दौबारा से लागू करने की मांग की जा रही है, हालांकि मांग अभी भी सबसे ऊपर ही बनी हुई है। कर्मचारी संघों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे 8वें वेतन आयोग के साथ-साथ OPS की बहाली को केंद्र बिंदु में रखें।
आगे का ये है रूख-
8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) की ये बैठकें अगले एक दशक के लिए केंद्रीय कर्मचारियों की किस्मत को तय करने वाली है। अगर 3.25 का फिटमेंट फैक्टर मान लिया जाता है, तो फिर केंद्रीय कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में जबरदस्त इजाफा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल सबकी नजरें 10 मार्च की बैठक पर टिकी हुई हैं।