8th Pay Commission : नए वेतन आयोग में कितनी बढ़ेगी सैलरी, पिछले दो वेतन आयोग से समझें कैलकुलेशन

8th Pay Commission : सरकारी कर्मचारी लंबे समय से नए वेतन आयोग का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि इससे सैलरी और पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी की उम्मीद है। अगर हम छठे और सातवें वेतन आयोग के फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) को देखें, तो हर बार मूल वेतन में बड़ा उछाल आया है। इन्हीं पुराने आंकड़ों के आधार पर अब 8वें वेतन आयोग में संभावित बढ़ोतरी का अंदाजा लगाया जा सकता है... आइए नीचे खबर में समझ लेते है इसका कैलकुलेशन-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (8th Pay Commission) आठवें वेतन आयोग को लेकर सरकारी कर्मचारियों और पेंशनर्स में सैलरी व पेंशन बढ़ने की उम्मीदें तेज हो गई हैं। इससे पहले छठे और सातवें वेतन आयोग (7th pay commission news) में वेतन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी की गई थी। अब सवाल यह है कि आठवें वेतन आयोग से कितनी बढ़ोतरी की संभावना बन सकती है-आइए नीचे खबर में समझते हैं।

सरकारी कर्मचारी और पेंशनभोगी आठवें वेतन आयोग से जुड़ी हर अपडेट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। कई सालों से बढ़ती महंगाई के बाद, बड़ी संख्या में लोग वेतन और पेंशन में मजबूत संशोधन की उम्मीद कर रहे हैं। फिटमेंट फैक्टर बढ़ने पर मूल वेतन, पेंशन और एरियर में अच्छा इजाफा हो सकता है। हालांकि अभी आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है, लेकिन संभावित वेतन वृद्धि को लेकर चल रही चर्चाओं ने देशभर के केंद्रीय कर्मचारियों (central employees) और रिटायर्ड कर्मियों (retired personnel) की उम्मीदें जरूर बढ़ा दी हैं।

किसी भी वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर एक बेहद अहम भूमिका निभाता है। यही संख्या तय करती है कि मूल वेतन या पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी। संशोधित वेतन की गणना (Calculation of revised pay) मौजूदा मूल वेतन को फिटमेंट फैक्टर से गुणा करके की जाती है। फिटमेंट फैक्टर जितना ज्यादा होगा, वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी भी उतनी ही अधिक होगी। यह तरीका कार्यरत कर्मचारियों और पेंशनभोगियों-दोनों पर लागू होता है।

छठे वेतन आयोग (6th pay commission) के दौरान फिटमेंट फैक्टर 1.92 तय किया गया था, जिसके चलते सभी स्तरों पर वेतन में बढ़ोतरी हुई। न्यूनतम मूल वेतन पांचवें वेतन आयोग के 3,200 रुपये से बढ़कर 7,440 रुपये हो गया था। वहीं उच्च स्तर पर अधिकतम मूल वेतन ₹30,000 से बढ़कर 90,000 रुपये तक पहुंच गया, जिससे वरिष्ठ अधिकारियों को बड़ी वित्तीय राहत मिली।

सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया, जिससे वेतन और पेंशन में बड़ी बढ़ोतरी हुई। यानी मूल वेतन और पेंशन को 2.57 से गुणा किया गया। न्यूनतम मूल वेतन (minimum basic salary) 7,440 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो गया, जबकि अधिकतम मूल वेतन 90,000 रुपये से बढ़कर 2,50,000 रुपये तक पहुंच गया, जिससे सभी स्तर के कर्मचारियों को फायदा हुआ।

आठवें वेतन आयोग को लेकर चर्चाएं जारी हैं और विशेषज्ञों का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 1.8 से 2.86 के बीच हो सकता है। ये सभी आंकड़े फिलहाल अनुमानित हैं और सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अगर इस दायरे में ऊंचा फिटमेंट फैक्टर चुना जाता है, तो कर्मचारियों के मूल वेतन और पेंशन (pension update) में अच्छी बढ़ोतरी संभव है। अंतिम फैसला ही भविष्य की सैलरी और पेंशन को तय करेगा।

संभावित असर को समझने के लिए अगर आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest news) में 2.15 का फिटमेंट फैक्टर मान लिया जाए (यह सिर्फ उदाहरण के तौर पर है), तो इससे मूल वेतन में अच्छी-खासी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। हालांकि, असली फिटमेंट फैक्टर सरकार की मंजूरी, देश की आर्थिक स्थिति और वेतन आयोग की विस्तृत समीक्षा के बाद दी गई सिफारिशों पर ही तय होगा।

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी कर्मचारी का वर्तमान मूल वेतन (Current basic pay of the employee) 18,000 रुपये है, तो संशोधित वेतन की गणना फिटमेंट फैक्टर का उपयोग करके की जाएगी। मौजूदा मूल वेतन को 2.15 से गुणा करके नई राशि प्राप्त की जाती है। यह सरल कैलकुलेशन (calculation) कर्मचारियों को यह अनुमान लगाने में मदद करती है कि नई वेतन संरचना (new salary structure) की घोषणा के बाद उनके वेतन में कितनी बढ़त हो सकती है।

इस विधि के तहत 18,000 रुपये को 2.15 से गुणा करने पर 38,700 रूपये का नया मूल वेतन बनेगा। यानी अगर ऐसा फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) लागू होता है, तो मूल वेतन दोगुने से भी ज्यादा हो सकता है। यही वजह है कि कर्मचारी (employees) और पेंशनभोगी (pensioners) आठवें वेतन आयोग से जुड़ी हर अपडेट पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं, क्योंकि इसका सीधा असर उनकी आमदनी और भविष्य की पेंशन पर पड़ेगा।

पेंशनभोगी भी नए वेतनमान में गहरी दिलचस्पी रखते हैं, क्योंकि पेंशन की राशि सीधे संशोधित मूल वेतन से जुड़ी होती है। अगर फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) ज्यादा रहता है, तो मासिक पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी होगी और एरियर की रकम भी ज्यादा बन सकती है। यह उन रिटायर्ड लोगों (retired people) के लिए खास तौर पर जरूरी है, जो रोजमर्रा के खर्च और इलाज के लिए मुख्य रूप से पेंशन पर ही निर्भर रहते हैं।

हालांकि उम्मीदें काफी ज्यादा हैं, लेकिन यह समझना जरूरी है कि अंतिम फैसले और सटीक आंकड़े सरकार की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही सामने आएंगे। तब तक चल रही सभी चर्चाएं केवल अनुमान ही मानी जाएंगी। सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को स्पष्ट दिशा-निर्देशों का इंतजार करना होगा। मंजूरी मिलते ही आठवें वेतन आयोग से वेतन (Salary as per 8th Pay Commission), पेंशन और कुल वित्तीय स्थिति में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।