8th Pay Commission : शहरों के हिसाब से तय किया जाएगा HRA, जान लें कितनी बढ़ेगी कर्मचारियों की सैलरी
8th Pay Commission : आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है. कर्मचारियों के मन में मुख्य सवाल यह है कि इसके लागू होने पर उनकी मूल सैलरी कितनी बढ़ेगी और उन्हें मकान किराया भत्ता (HRA) कितना मिलेगा... ऐसे में आइए नीचे खबर में जान लेते है इन्हीं सवालों से जुड़े जवाब-
HR Breaking News, Digital Desk- (8th Pay Commission) आठवां वेतन आयोग 1 जनवरी 2026 से लागू होने की उम्मीद है. कर्मचारियों के मन में मुख्य सवाल यह है कि इसके लागू होने पर उनकी मूल सैलरी कितनी बढ़ेगी और उन्हें मकान किराया भत्ता (HRA) कितना मिलेगा. कर्मचारी यह भी जानना चाहते हैं कि इस बार फिटमेंट फैक्टर क्या तय होगा और इसके आधार पर बेसिक सैलरी और बाकी भत्तों में कितना इजाफा होगा.
बताया जा रहा है कि फिटमेंट फैक्टर 2.86 के आसपास हो सकता है. बेसिक सैलरी बढ़ने से HRA और DA जैसे भत्तों का लाभ भी मिलेगा. बड़े शहरों में HRA ज्यादा मिलेगा जबकि छोटे शहरों में कम. जान लीजिए क्या रहेगा पूरा कैलकुलेशन.
बेसिक पे में कितनी बढ़ोतरी?
आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest news) के लागू होने से कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी. रिपोर्ट्स के अनुसार, फिटमेंट फैक्टर 2.86 रहने की संभावना है. इसे स्वीकार करने पर, मौजूदा बेसिक पे लगभग तीन गुना बढ़ सकता है. उदाहरण के लिए, ₹20,000 बेसिक पे बढ़कर लगभग ₹57,200 हो सकता है. इससे कम ग्रेड के कर्मचारियों के वेतन में भी अच्छा-खासा इजाफा होगा. बेसिक पे बढ़ने के साथ ही DA (महंगाई भत्ता) और HRA (House Rent Allowance) जैसे अन्य भत्तों में भी लाभ मिलेगा. यह वृद्धि कर्मचारियों को महंगाई और दैनिक ज़रूरतों को पूरा करने में सहायता करेगी.
शहरों के हिसाब से HRA बढ़ोतरी-
HRA यानी मकान किराया भत्ता शहर के हिसाब से तय होता है. X कैटेगरी के महानगरों में HRA 27%, Y कैटेगरी के मध्यम शहरों में 18% और Z कैटेगरी के छोटे शहरों में 9% होगी. 8वें वेतन आयोग में बेसिक सैलरी बढ़ने के साथ ही HRA भी इसी रेशियो में बढ़ेगा. इसका मतलब है कि बड़े शहरों में किराए का बोझ कम होगा और कर्मचारियों (employees) की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. छोटे शहरों में भले प्रतिशत कम हो. लेकिन कर्मचारियों को इस बदलाव से महंगाई और खर्चों में राहत मिलेगी.
जान लीजिए पूरा कैलकुलेशन-
मान लेते हैं आठवें वेतन आयोगद में 2.86 फिटमेंट फैक्टर रहेगा. इसके हिसाब से लेवल 1 से 3 का कैलकुलेशन देखते हैं. लेवल 1 में अगर मौजूदा बेसिक 18000 रुपये है. तो नया बेसिक लगभग 51480 रुपये हो जाएगा. इसी आधार पर Z, Y और X श्रेणी के शहरों में HRA लगभग 4,633, 9,266 और 13,890 रुपये होगा. लेवल 2 में मौजूदा बेसिक 19900 रुपये का नया बेसिक 56914 रुपये होगा
आठवें वेतन आयोग में 2.86 फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) मानकर, लेवल 1 और 2 के मूल वेतन (बेसिक सैलरी) में वृद्धि का अनुमान है।
लेवल 1 में मौजूदा मूल वेतन ₹18,000 से बढ़कर लगभग ₹51,480 हो जाएगा। इसके आधार पर Z, Y और X श्रेणी के शहरों में HRA (मकान किराया भत्ता) क्रमशः 4,633, 9,266, और ₹13,890 होने का अनुमान है।
लेवल 2 में, मौजूदा मूल वेतन ₹19,900 से बढ़कर लगभग ₹56,914 हो जाएगा। यह अनुमान केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन में महत्वपूर्ण वृद्धि की ओर इशारा करता है।
तो वहीं HRA लगभग 5122, 10244 और 15366 रुपये तक पहुंचेगा. लेवल 3 में 21700 रुपये का बेसिक बढ़कर 62062 रुपये होगा और HRA Z/Y/X शहरों में लगभग 5586, 11171 और 16758 रुपये हो सकता हैं. आपको बता दें फिलहाल सरकार की ओर से इसपर आधिकरािक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं. इनमें बदलाव भी हो सकता है.