8th pay commission : कर्मचारियों के लिए 7 प्रतिशत प्रति वर्ष इंक्रीमेंट का आया मसला, जानें कितना हो सकता है फिटमेंट फैक्टर
HR Breaking News (8th pay commission ) केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स में 8वें वेतन आयोग (8th pay commission ) को लेकर चर्चांए काफी तेज हो गई है और अब कर्मचारियों को सैलरी में बड़ी बढ़ोतरी की उम्मीद जगी है। अब इसी बीच कर्मचारियों के लिए 7 प्रतिशत प्रति वर्ष को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। खबर में जानिए कि सरकार कितना फिटमेंट फैक्टर लागू कर सकती है।
किन मांगो पर हो रही चर्चा
दरअसल, आपको बता दें कि दिल्ली में होने वाली NC JCM बैठक में फिटमेंट फैक्टर (fitment factor News) 3.25 को लेकर चर्चा की जा रही है और 7 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट जैसी मांगो पर खास गौर किया जा रहा है। अगर सरकार इन मांगो को स्वीकारती है तो कर्मियों की बेसिक सैलरी और टेक होम सैलरी में बंपर उछाल आ सकता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि परिवार इकाई 5 मानने पर सैलरी में तकरीबन 66 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है, जिससे रिटायरमेंट बेनिफिट्स और पेंशन पर सीधा प्रभाव पड़ेगा।
क्या ओर कैसे काम करता है फैक्टर
इस बैठक में सबसे अहम मांग फिटमेंट फैक्टर बढ़ाने को लेकर है। मौजूदा स्ट्रक्चर के मुकाबले अगर फिटमेंट फैक्टर 3.25 लागू होता है, तो इससे केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर (Salary Structure of Central Government Employees) में बड़ा बदलाव नजर आ सकता है। बता दें कि फिटमेंट फैक्टर वह मल्टीपेयर होता है, जिससे कर्मियों की बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी को निर्धारित किया जाता है। 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) 2.57 तय किया गया था।
कर्मचारी संगठन अब यह मांग कर रहे हैं कि इसे बढ़ाकर 3.25 किया जाए। अगर सरकार यह मांग स्वीकारती है तो इससे कर्मियों की बेसिक सैलरी के साथ ही DA, HRA और रिटायरमेंट से जुड़े फायदे भी उसी अनुपात में इन्क्रिज हो जाएंगे।
कैसे होगा सैलरी का केलकुलेशन
हम आपको एक उदाहरण के माध्यम से समझाते हैं। जैसे कि अगर किसी कर्मचारी की मौजूदा बेसिक सैलरी (employee's current basic salary) 18,000 रुपये है। अगर इसे 2.57 फिटमेंट फैक्टर से केलकुलेट करें तो 18,000 × 2.57 = 46,260 रुपये कर्मियों की बेसिक सैलरी होगी और अगर 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 3।25 लागू किया जाता है तो कर्मियों की नई बेसिक सैलरी 18,000 × 3.25 = 58,500 रुपये होगी। यानी देखा जाए तो केवल बेसिक सैलरी में ही लगभग 12,240 रुपये की बढ़ोतरी हो सकती है।
DA और HRA पर पड़ेगा असर
कर्मियों की सैलरी बढ़ौतरी का असर DA और HRA पर भी पड़ता है। जैसे कि अगर मान लें कि DA 50 प्रतिशत और HRA 24 प्रतिशत है, तो इससे कर्मियों की नई बेसिक (New basic salary of employees) 58,500 रुपये पर DA तकरीबन 29,250 रुपये होगा। इसके साथ ही HRA तकरीबन 14,040 रुपये तक पहुंचने की संभावना है। ऐसे कुल मासिक सैलरी में 20,000 रुपये या उससे ज्यादा की बढ़ौतरी हो सकती है, जो कर्मचारी की पोस्टिंग और कैटेगरी पर डिपेंड करेगा।
फैमिली इकाई 3 की जगह 5 की मांग
कर्मचारी संगठन यह चाहते हैं कि न्यूनतम सैलरी (minimum salary) तय करते समय फैमिली इकाई 3 की जगह 5 मानी जानी चाहिए, जिसमे माता पिता को भी शामिल किया जाए। वो चाहते हैं कि मौजूदा सैलरी केलकुलेशन वास्तविक खर्चों को नहीं दिखाता है। परिवार इकाई 5 मानने पर न्यूनतम सैलरी और बेसिक सैलरी में तकरीबन 66 प्रतिशत तक इजाफे का दावा किया जा रहा है।
फिटमेंट फैक्टर का रिटायरमेंट बेनिफिट्स पर प्रभाव
फिटमेंट फैक्टर बढ़ने से कर्मियों की सैलरी (employees salary) के साथ ही ग्रेच्युटी, पेंशन और लीव एन्कैशमेंट जैसे रिटायरमेंट बेनिफिट्स का फायदा मिलेगा। कर्मचारी संगठन रिटायरमेंट पर लीव एन्कैशमेंट की लिमिट 300 दिन से बढ़ा दी गई है और बढ़ाकर 400 दिन करने की मांग की जा रही है, जिससे रिटायरमेंट के समय मिलने वाली रकम बढ़ जाएगी।
जानकारी के लिए बता दें कि NC JCM की ड्राफ्टिंग कमेटी (Drafting Committee of NC JCM) सभी संगठनों की मांगो को एक जुट कर एक संयुक्त ज्ञापन तैयार करने वाली है और यह ज्ञापन 8वें वेतन आयोग की चेयरपर्सन को सौंपा जाएगा। हालांकि आखिरी निर्णय सरकार और आयोग की सिफारिशों पर पूरी तरह निर्भर करेगा, लेकिन ये तय है कि अगर फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) 3.25 के आसपास तय होता है तो इससे केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल आ सकता है।