8th Pay Commission : कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और प्रमोशन से जुड़े नियमों में होंगे बड़े बदलाव, जानें ताजा अपडेट
HR Breaking News (8th Pay Commission) आमतौर पर सरकार हर दस साल में नया वेतन आयोग लागू करती है और अब जनवरी 2026 से नया पे कमीशन प्रभावी हो गया है। हालांकि अभी इसका ऐलान नहीं हुआ है। अब इसी बीच नए पे कमीशन पर कर्मचारियों के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। बताया जा रहा है कि नए पे कमीशन (8th Pay Commission Salary Hike) के लागू होने पर कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और प्रमोशन में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।
कब हुआ था नए पे कमीशन का गठन
सरकार ने 8वें वेतन आयोग का गठन (Constitution of 8th Pay Commission) नवंबर 2025 में ही कर दिया था और अब कर्मचारियों के बीच रिपोर्ट का इंतजार बना हुआ है, जिसके बाद सरकारी कर्मचारियों की सैलरी और पेंशन-अलाउंस पर फैसला (Decision on pension-allowance) लिया जाएगा। वहीं, दूसरी ओर कर्मचारी संगठनों की ओर से अपनी मांगों को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। अगर इन प्रमुख मांगों को सरकार स्वीकार कर लेती है तो आगामी समय में लाखों कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और अन्य सुविधाओं में बंपर उछाल आ सकता है।
जानिए क्या है कर्मचारी यूनियनों की मांगे
नया पे कमीशन (new pay commission) के लागू होने पर केंद्र सरकार के कर्मचारियों की सैलरी, पेंशन और भत्तों में बड़ा बदलाव देखा जाने वाला है। AITUC की ओर से एक विस्तार से लिस्ट सरकार को सौंप दी गई है, जिससे सैलरी बढ़ौतरी, पेंशन सुधार और काम की जगह पर मिलने वाले अलाउंस को शामिल किया गया हैं। इन प्रस्तावों का लक्ष्य वित्तीय सुरक्षा को ठीक बनाना, ठहराव को कम करना और उचित सैलरी को सुनिश्चित करना है।
कितना फिटमेंट फैक्टर की हुई मांग
AITUC का कहना है कि 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) में 3.0 फिटमेंट फैक्टर होना चाहिए। फिटमेंट फैक्टर एक ऐसा गुणक होता है जिसके आधार पर कर्मचारियों की नई सैलरी और पेंशन को तय किया जाता है। यूनियन के अनुसार अगर 3.0 फिटमेंट फैक्टर (fitment factor) लागू किया जाता है तो इससे कर्मचारियों की सैलरी में बंपर उछाल देखने को मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।
कितना बढ़ेगा कर्मियों का सालाना इंक्रीमेंट
रिपोर्ट के अनुसार अभी तो 7वें वेतन आयोग (7th Pay Commission) के तहत सभी 18 पे-लेवल के कर्मचारियों को सालाना 3 प्रतिशत इंक्रीमेंट दिया जाता है। AITUC की ओर से मांग की गई है कि नए पे कमीशन में इसे बढ़ाकर 6 प्रतिशत सालाना इंक्रीमेंट किया जाए, ताकि बढ़ती महंगाई से कर्मियों को वित्तीय राहत मिल सकें। ज्यादा सालाना बढ़ौतेरी से समय के साथ इनकम में लगातार बढ़ौतरी होगी। इससे लंबे समय तक वित्तीय स्थिरता बनी रहेगी। यह बदलाव खासतौर से युवा कर्मचारियों को उनके पूरे करियर के दौरान फायदा पहुंचा सकता है।
संगठनों ने की फैमिली यूनिट बढ़ाने की मांग
AITUC की ओर से फैमिली यूनिट बढ़ाने की भी मांग (Demand to increase family unit) की गई है। 7वें वेतन आयोग में तीन यूनिट का फॉर्मूला तय किया गया था। अब AITUC की ओर से इसे बढ़ाकर 5 यूनिट करने की मांग रखी गई है, जिसमें माता-पिता को भी शामिल करने को कहा है।
AITUC की ओर से प्रमोशन सिस्टम में बदलाव (Change in promotion system) की मांग की गई है। यूनियन के अनुसार 30 साल की सरकारी नौकरी में कर्मियों को पांच प्रमोशन मिलना चाहिए। उनका कहना है कि मौजूदा सिस्टम में कर्मचारियों को लंबे समय तक प्रमोशन का लाभ नहीं मिलता है। ऐसे में कर्मचारी लॉन्ग टाइम तक एक ही पोस्ट पर अटके रहते हैं, जिससे करियर वहां रूका रह जाता है।
यूनियंस ने की OPS बहाल करने की मांग
AITUC की ओर से नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (Unified Pension Scheme) को समाप्त करने की मांग की गई है। AITUC के अनुसार ओल्ड पेंशन स्कीम (Old Pension Scheme) को एक बार फिर से चालू किया जाना चाहिए। AITUC का मानना है कि पेंशन लाभ नहीं, बल्कि एक अधिकार है। इसने हर पांच साल में पेंशन में 5 प्रतिशत इजाफे का सुझाव भी दिया गया है, जिससे रिटायर होने वालों को रिटायरमेंट के बाद ज्यादा स्थिर आय मिलेगी।
DA कैलकुलेशन के फॉर्मूले में बदलाव की मांग
यूनियन की ओर से पेंशन कम्यूटेशन की बहाली अवधि को कम करने की मांग की है। अभी तो फिलहाल पेंशन कम्यूटेशन की राशि 15 साल बाद रिस्टोर्ड होती है, जिसे घटाकर 11 से 12 साल करने की मांग की गई है। इसके अलावा यूनियन ने महंगाई भत्ता (dearness allowance) कैलकुलेशन के फॉर्मूले में बदलाव को लेकर मांग की है।
यूनियन की ओर से मांग की गई है कि प्रोडक्टिविटी लिंक्ड बोनस (Productivity Linked Bonus) को कर्मचारियों के वास्तविक बेसिक सैलरी के बराबर होना चाहिए। अभी यह बोनस 30 दिन के लिए ज्यादार 7,000 रुपये तक सीमित है। AITUC का मानना है कि इस पर कोई लिमिट नहीं होनी चाहिए। संगठनों के अनुसार इस पर लगी सीमा हटाकर यह 18,000 रुपये यानी न्यूनतम 30 दिन की बेसिक सैलरी के बराबर कर दिया जाना चाहिए।
कुछ अतिरिक्त सुविधाओं कि की मांग
इसके साथ ही AITUC ने कुछ अतिरिक्त सुविधाओं को लेकर भी सुझााव दिए हैं। इन मांगो में- रिस्क और हार्डशिप अलाउंस बढ़ाने, कैशलेस मेडिकल ट्रीटमेंट, महिलाओं के लिए मेंस्ट्रुअल लीव औरपेटरनिटी लीव (Paternity Leave) देने की भी मांग की है। यूनियन की ओरसे केंद्र सरकार की नौकरियों में कॉन्ट्रैक्ट जॉब, आउटसोर्सिंग और लैटरल एंट्री को लेकर विरोध जताया है। AITUC ने सरकार से लगभग 15 लाख रिक्त पदों को नियमित भर्ती के माध्यम से भरने की मांग की है।
एक जैसे सैलरी स्ट्रक्चर लागू करने की मांग
AITUC की ओर से सरकार से सभी विभागों में एक जैसे ही सैलरी स्ट्रक्चर लागू करने की मांग की गई है। यूनियन का कहना है कि सरकारी कर्मचारियों की सैलरी को प्राइवेट सेक्टर के स्टैंडर्ड से मर्ज (Merge with private sector standards) नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि दोनों का काम अलग होता है।