Haryana में रेलवे की बड़ी सौगात, पहली हाईड्रोजन ट्रेन का ट्रायल हुआ सफल, जानें क्या है रूट 

Haryana -हरियाणा में रेलवे को बड़ी सौगात मिली है। दरअसल आपको बता दें कि राज्य में पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया गया। यह ट्रायल जींद से ललितखेड़ा तक हुआ और डीजल इंजन के साथ हाइड्रोजन इंजन की कार्यप्रणाली को परखा गया...ऐसे में चलिए आइए नीचे खबर में जान लेते है इस ट्रेन का पूरा रूट (train route) और ट्रायल की मुख्य जानकारियां-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana) देश की पहली हाइड्रोजन (country's first hydrogen) ट्रेन का बुधवार को सफल ट्रायल शुरू हुआ। यह ट्रायल जींद रेलवे स्टेशन से ललितखेड़ा स्टेशन (Jind Railway Station to Lalitkheda Station) तक करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर किया गया। इसके बाद ट्रेन को डीजल इंजन के सहारे मोहाना स्टेशन तक ले जाया गया। रेलवे अधिकारियों ने इस ट्रायल को संतोषजनक बताया है।

 

 

हाइड्रोजन ट्रेन को बुधवार की सुबह 7 बजे यार्ड से बाहर निकाला गया। डीजल इंजन (diesel engine) की मदद से इसे पहले हांसी रोड पुल के नीचे लाया गया, जहां ट्रेन कुछ समय के लिए रुकी रही। इसके बाद ट्रेन को फिर जंक्शन पर वापस ले जाया गया और वहां से सुबह 8:25 बजे यह सोनीपत की ओर रवाना हुई।

सुबह 8:40 बजे डीजल इंजन की मदद से ट्रेन पिंडारा (Pindara) तक पहुंचाई गई। यहां से डीजल इंजन हटा कर ट्रेन का रनिंग ट्रायल हाइड्रोजन इंजन से ललितखेड़ा तक किया गया। दोनों स्टेशनों के बीच ट्रेन को दो बार चलाया गया, इस दौरान इसकी अधिकतम गति करीब 70 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई।

पिंडारा पहुंचने के बाद ट्रेन को गोहाना से आगे मोहाना (Mohana beyond Gohana) तक डीजल इंजन के साथ हाइड्रोजन इंजन में ले जाया गया। इसके बाद मोहाना से ट्रेन को वापस जींद की ओर लाया गया। पूरी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी टीम ने हर कदम पर बारीकी से निगरानी सुनिश्चित की।


ट्रायल में ट्रेन की स्पीड, ब्रेक और फ्यूल सेल की हुई परीक्षण-


ट्रायल के दौरान ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम (breaking sysytem), हाइड्रोजन फ्यूल सेल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा मानकों का विस्तार से परीक्षण किया गया। भंभेवा स्टेशन पहुंचने के बाद विशेषज्ञों ने इंजन और कोच का तकनीकी निरीक्षण भी किया। बताया जा रहा है कि सभी मानक संतोषजनक पाए जाने पर हाइड्रोजन ट्रेन (hydrogen train) को जल्द ही नियमित ट्रैक पर चलाया जाएगा।

अगले चरण में ट्रेन का ट्रायल सोनीपत तक होगा


ट्रायल के अगले चरण में ट्रेन को सोनीपत (sonipat) तक चलाया जाएगा। अगले तीन से चार दिनों तक विभिन्न समयों में परीक्षण जारी रहेगा। इस दौरान ट्रेन की अधिकतम गति, ईंधन खपत, सिग्नल सिस्टम के साथ समन्वय और आपातकालीन परिस्थितियों में इसकी प्रतिक्रिया का विस्तार से परीक्षण किया जाएगा।

जानें क्या है तकनीक-


हाइड्रोजन ट्रेन की तकनीक (hydrogen train technology) सरल होने के साथ-साथ बेहद क्रांतिकारी भी है। यह हाइड्रोजन फ्यूल सेल पर काम करती है, जो ट्रेन को बिना डीजल इंजन या ओवरहेड वायर के ही बिजली से संचालित करती है। भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का सफल ट्रायल (trial) भी इसी उन्नत तकनीक के आधार पर किया गया है।