Delhi के पास उत्तर प्रदेश में 4000 हेक्टेयर भूमि में बनेगा नया शहर, जमीनें बनेंगी सोना

New City In UP : राजधानी दिल्ली के पास उत्तर प्रदेश में अब एक नया शहर बसाया जाएगा, इसकी वजह से आसपास के इलाकों में जमीन की कीमतें सोना बन जाएगी। इस नए शहर के आने से रोजगार के अवसर बढ़ जाएंगे। चलिए खबर के माध्यम से जानते हैं उत्तर प्रदेश में बसाए जाने वाले इस नए शहर के बारे में पूरी जानकारी।
 

HR Breaking News : (UP New City) देश के लोगों को अच्छी सुविधा उपलब्ध करवाने विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए सरकार की तरफ से नए-नए प्रोजेक्ट्स पर काम किया जा रहा है जैसे -राज्यों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नए-नए एक्सप्रेसवे, यात्रियों को अच्छी सुविधा प्रदान करवाने के लिए रेल लाइन का विस्तार तथा नए-नए शहर भी बसाए जा रहे हैं। अब दिल्ली के पास उत्तर प्रदेश में 4000 हेक्टेयर भूमि में नए शहर को बसाया जाएगा। नए शहर के बस जाने से यहां आस-पास के इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतें (Property Prices In UP) काफी ज्यादा बढ़ जाएंगी।


उत्तर प्रदेश के विकास (Development of Uttar Pradesh) को नई दिशा देने के लिए सरकार की तरफ से एक और नया कदम उठाया गया है। अब यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) के पास तकरीबन 4000 हेक्टेयर जमीन में नया हाथरस शहर (हाथरस अर्बन सेंटर) बसाया जाएगा। नया शहर बसाने की इस योजना के लिए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) की तरफ से मास्टर प्लान तैयार करने का प्रोसेस शुरू कर दिया गया है। चुनी गई कंपनी द्वारा साल 2041 तक का विस्तृत मास्टर प्लान तैयार किया जाएगा।


हाथरस अर्बन सेंटर (Hathras Urban Center) के लिए 3 कंपनियां योग्य पाई गईं थी- - आरवी इंजीनियरिंग (तेलंगाना), गुरुड़ा यूएवी सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड तथा - एलईए एसोसिएट्स साउथ एशिया। अब 1.24 करोड़ रुपये की बोली के साथ आरवी इंजीनियरिंग को जिम्मेदारी मिली है।


हाथरस अर्बन सेंटर का मास्टर प्लान 


राज्य व केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश औद्योगिक क्षेत्र विकास अधिनियम-1976 तथा यूआरडीपीएफआई गाइडलाइंस के नियमों अनुसार हाथरस अर्बन सेंटर का मास्टर प्लान (Development of UP) बनाया जाएगा। यह योजना जीआईएस तकनीक पर आधारित होगी। इसमें औद्योगिक विकास, भविष्य की जनसंख्या, सड़क, बिजली, पानी, सीवरेज, हरित क्षेत्र, प्राकृतिक संसाधन तथा पर्यावरण संतुलन शामिल होंगे।
 

हाथरस का इतिहास 


हाथरस के इतिहास (History of Hathras) की बात की जाएं तो यह बेहद पुराना औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र है।  हाथरस ब्रिटिश काल में कारोबार के लिए जाना जाता था, लेकिन बुनियादी सुविधाओं की कमी से विकास की स्पीड़ पर असर पड़ा। हाथरस में उद्योग की बात की जाएं तो मौजूदा समय में जिले में 10 हजार से अधिक MSME और कुटीर उद्योग है। 
 

 

NH-93 और NH-33 से जुड़ेगा नया शहर 


नया हाथरस शहर (New Hathras City) NH-93 और NH-33 से जुड़ेगा। हाथरस की खासियत की बात करे तो इसका बेहतर सड़क और रेल संपर्क यहां के लोगों  को एक अच्छी सुविधा प्रदान करता है। हाथरस जंक्शन पर दो प्रमुख रेल लाइनें मिलती हैं, जिससे आवागमन आसान है। कमी की बात करें तो यहां आंतरिक सड़कों, बिजली, पानी, सीवरेज की कमी अभी भी है।


नया हाथरस’ परियोजना से हाथरस की कमियां दूर होंगी। इससे यहां नए उद्योग, रोजगार और आधुनिक सुविधाएं आएंगी। हाथरस और आसपास के जिलों की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी।