NCR में 80 गांवों की जमीन पर बसाया जाएगा नया शहर, प्रॉपर्टी बनेगी सोना 

New City in Delhi-NCR : दिल्ली व एनसीआर तेजी से विकसित होता हुआ विशाल शहर है। यहां पर देश की बड़ी-बड़ी कंपनियां निवेश कर रही है जिसकी वजह से रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं। ऐसे में एनसीआर में तेजी से आबादी बढ़ती जा रही है, जिसके चलते सरकार लोगों को बेहतर आवासीय सुविधा देने के लिए अब एनसीआर में नया शहर बसाने की तैयारी कर रही है। यह नया शहर (New City) 80 गांव की जमीन पर डेवलप किया जाएगा। आईये नीचे खबर में जानते हैं कब शुरू होगा काम - 

 

HR Breaking News - (Delhi NCR Development Project)। दिल्ली-NCR के विकास को रफ्तार देने के लिए सरकार कई प्रोजेक्ट पर काम कर रही है, और इसी पहल के तहत, अब एनसीआर में नया शहर विकसित करने की तैयारी कर रही है। सरकार का यह कदम विकास को नई दिशा देगा। नया शहर बसाने के लिए जमीन अधिग्रहण की फाइनल मंजूरी सरकार से अगले एक से डेढ़ महीने में मिलने की संभावना है। बता दें कि जमीन अधिग्रहण एक हाइब्रिड मॉडल (Hybrid Model) के तहत किया जाएगा, जिसमें किसानों की सहमति से भूमि खरीदी जाएगी। वहीं, प्रशासनिक प्रक्रियाओं का इस्तेमाल भी किया जाएगा। 

 


किसानों के हितों का रखा जाएगा ध्यान - 

 


नया नोएडा (New Noida) विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण एक हाइब्रिड मॉडल के तहत खरीदने की योजना बनाई गई है। इस मॉडल के तहत  अथॉरिटी या कोई अन्य डेवलपर आपसी सहमति के आधार पर किसानों से सीधे जमीन खरीद सकता है। जरूरत पड़ने पर, भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) अधिनियम की धारा 4 और 6 के तहत जिला प्रशासन के जरिए भी जमीन का अधिग्रहण किया जा सकता है। अधिकारियों का कहना है कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए हाइब्रिड मॉडल को प्राथमिकता दी जा रही है।

 


शहर बसाने के लिए 80 गांव की खरीदी जाएगी जमीन - 


नया नोएडा (New Noida Update) दादरी और बुलंदशहर क्षेत्रों के लगभग 80 गांवों की भूमि पर बसाया जाएगा। कागजों पर इस प्रोजेक्ट का नाम DNGIR  रखा गया है। DNGIR मास्टर प्लान 2041 को अक्टूबर 2024 में उत्तर प्रदेश सरकार ने मंजूरी दी थी। इस बड़े प्रोजेक्ट को चार चरणों में पूरा किया जाएगा। इसके लिए सबसे पहले जमीन अधिग्रहण और मुआवज़े की दरें तय करना जरूरी है। इसके बाद शहर के निर्माण कार्य को शुरू किया जाएगा।

अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया है कि जमीन मुआवजे की दरें तय करने को लेकर जनवरी में बैठक होगी। नोएडा अथॉरिटी ने इससे जुड़ा एक प्रस्ताव पहले ही तैयार कर लिया है। जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) प्रक्रिया और मॉडल को लेकर सरकारी स्तर पर भी एक बैठक हुई है, जिसमें हाइब्रिड मॉडल पर सहमति बन सकती है। हालांकि, इसको लेकर अभी तक कोई कंफर्म फैसला सामने नहीं आया है। 
 


21,000 हेक्टेयर में बनेगा नया नोएडा -


 नया नोएडा (New Noida) करीब 21,000 हेक्टेयर के एरिया में विकसित करने का प्लान है। पहले फेज में 2027 तक 3,165 हेक्टेयर पर काम किया जाएगा। दूसरे फेज में 3,798 हेक्टेयर पर 2027 से 2032 के बीच विकसित किया जाएगा। वहीं, तीसरे फेज में 5,908 हेक्टेयर जमीन पर 2032 से 2037 के बीच शहर निर्माण पर काम चलेगा और आखिरी फेज में 2037 से 2041 के बीच 8,230 हेक्टेयर डेवलप किया जाएगा। 


जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया यह से होगी शुरू


पहले चरण में जोखाबाद और सांवलि इलाकों में ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे और जीटी रोड (GT Road) के जंक्शन के पास जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अधिकारियों को उम्मीद है कि अगले एक से डेढ़ महीने में सरकारी मंजूरी मिल सकती है। इसके बाद जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) प्रक्रिया को औपचारिक रूप से पूरा किया जाएगा। नए नोएडा के बनने से आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में बंपर उछाल आएगा। एक्सपर्ट का कहना है कि नया शहर विकसित होने पर प्रॉपर्टी सोना बन जाएगी। 


जमीन अधिग्रहण के लिए कर्मचारियों की जरूरत -


नया नोएडा को बसाने की जिम्मेदारी नोएडा अथॉरिटी (Noida Authority) ने अपने कंधों पर ली है। हाल ही में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेजी से पूरी करने के लिए अतिरिक्त प्रशासनिक कर्मचारियों की भी मांग की गई है। नोएडा अथॉरिटी ने सरकार से 3 तहसीलदार, 6 कानूनगो और लेखपाल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है। कुछ तहसीलदारों ने भी अथॉरिटी के साथ काम करने की इच्छा जताई है। 

नया नोएडा बनेगा एजुकेशन सिटी

नया नोएडा (New Noida News) को एजुकेशन सिटी के तौर पर विकसित किया जाएगा, जहां यूनिवर्सिटी और कॉलेज बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट को भविष्य में इस इलाके के इंडस्ट्रियल और शहरी विकास के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। नया नोएडा प्रोजेक्ट से इंडस्ट्री, रियल एस्टेट (real estate), शिक्षा, हेल्थकेयर और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा. 21,000 हेक्टेयर में एक नया इंडस्ट्रियल और Residential Hub बनाया जाएगा, जो दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (Delhi-Mumbai Industrial Corridor) से जुड़ा होगा, जिससे आर्थिक विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और रोजगार के नए मौके मिलेंगे।