Delhi NCR में अब इस रूट पर बनाया जाएगा एलिवेटेड रोड, तैयारी शुरू

Delhi NCR के विकास के लिए लगातार दिल्ली व आसपास के राज्यों की सरकारें काम कर रही है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आसपास के एरिया में नए एलिवेटेड रोड बनाने का काम शुरू हो रहा है। वहीं, दिल्ली की आसपास के शरहों से लगातार कनेक्टिविटी भी मजबूत की जा रही है। चलिए जानते हैं दिल्ली में बनने वाले नए एलिवेटेड रोड के बारे में- 

 

HR Breaking News (Delhi NCR elevated road) दिल्ली एनसीआर में लगातार नए-नए रूट्स पर काम चल रहा है। लोगों को सुगम यातायात मुहैया करवाने के लिए नए-नए प्रोजेक्ट लॉन्च हो रहे हैं। हाल ही में एक और एलिवेटेड रोड बनाने का फैसला लिया गया है। चलिए जानते हैं इस रोड के बारे में- 

 


कहां पर बनाया जाएगा यह रोड
 

यह एलिवेटेड रोड (NCR elevated road) दिल्ली के ही पास लगते नोएडा में बनाया जाएगा। नोएडा प्राधिकण की ओर से डीएनडी से महामाया फ्लाईओवर तक नई एलिवेटेड रोड बनाने की तैयारी की गई है। इसके सर्वेक्षण के लिए कार्ययोजना तैयार की जा रही है। बता दें कि फिलहाल दिल्ली के चिल्ला बॉर्डर से नोएडा के महामाया फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रोड बनाया जा रहा है। 

 

वहीं, नोएडा विकास प्राधिकरण (Noida Development authority) की ओर से थोड़े दिन पहले महामाया फ्लाईओवर से सेक्टर-94 को जोड़ने के लिए भी एलिवेटेड रोड बनाने का निर्णय लिया गया था। वहीं, बता दें कि नोएडा के सेक्टर-94 से पुस्ते पर सेक्टर-150 तक छह लेन का एक्सप्रेसवे प्रस्तावित है। इस एक्सप्रेसवे को भी एलिवेटेड रोड के रूप में बनाया जाना है। फिलहाल प्राधिकरण की तरफ से डीएनडी से महामाया फ्लाईओवर तक एलिवेटेड रोड बनाने पर मंथन किया जा रहा है।

क्लोवर लीफ बनाने की भी योजना
 

एलिवेटेड रोड के साथ ही डीएनडी पर एक क्लोवर लीफ बनाने की भी योजना है। इससे लाभ यह होगा कि दिल्ली से आने वाले वाहन सीधे यमुना पुस्ते पर यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) की तरफ जा सकेंगे। योजना पर काम शुरू किया जा रहा है, इसकी डीपीआर तैयार कराई जाएगी। बता दें कि डीएनडी पर कुछ हिस्सा दिल्ली सरकार (Delhi Govt) का भी है। ऐसे में उनसे भी बात करी जाएगी। 

बनया जा रहा स्वाई वॉक
 

इसके अलावा नोएडा में और भी विकास के काम किए जा रहे हैं। इसमें नोएडा सेक्टर-51-52 में मेट्रो स्टेशन के बीच स्काईवॉक (Sky Walk) बनाया जा रहा है। इसकी लंबाई 6 मीटर बढ़ाई जाएगी। इसके रास्ते में बदलाव किया गया है क्योंकि सेक्टर-51 मेट्रो स्टेशन की तरफ जुड़ने वाले स्थान पर बीचों-बीच बीम आ गया था। दूसरी ओर सेक्टर-52 स्टेशन की तरफ भी बीम का कुछ हिस्सा आने के कारण यहां स्लोप बनेगा। ऐसे में इस कार्य पर करीबन ढाई करोड़ रुपये अधिक खर्च होंगे। स्काईवॉक शुरू होने में 2 महीने से और अधिक समय लगने का अनुमान है। बता दें कि अतिरिक्त काम कराने के लिए प्राधिकरण की ओर से सैंद्धांतिक सहमति दी गई है।

इस लाइन पर यात्रियों के आवागमन को किया जाएगा आसान
 

बता दें कि परियोजना का काम जून-2023 में शुरू हुआ था। जो कार्य एक वर्ष में पूर्ण होना था वह तीन साल बाद आज तक अधूरा है। स्काईवॉक का निर्माण पूरा होने से ब्लू और एक्वा लाइन मेट्रो (Blue and aqua line metro) के यात्रियों का आवागमन आसान हो जाएगा। ट्रेवलेटर और पैदल चलकर यात्री 430 मीटर की जो दूरी तय करेंगे अभी वह दूरी दोनों मेट्रो स्टेशन के सीढ़ियों को चढ़ने उतरने के बाद घूमकर करीब 1 किलोमीटर पड़ रही है। बता दें कि परियोजना पर फिलहाल की लागत 31 करोड़ रुपये है, जो आगे बढ़कर 33.50 करोड़ रुपये हो जाएगी।