Haryana में इस साल एक और एक्सप्रेसवे बनकर होगा तैयार, इन शहरों को होगा लाभ
HR Breaking News, Digital Desk- (Ambala Shamli Expressway) हरियाणा में सड़क नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा रहा है। अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे और अंबाला रिंग रोड (Ambala Ring Road) परियोजनाओं पर काम तेज़ी से चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से न केवल अंबाला बल्कि आसपास के जिलों और पड़ोसी राज्यों के लोगों को भी यातायात में बड़ी राहत मिलेगी।
अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे-
हरियाणा सरकार के ऊर्जा, परिवहन और श्रम मंत्री अनिल विज ने बताया कि 121 किलोमीटर लंबा अंबाला-शामली एक्सप्रेसवे (Ambala-Shamli Expressway) दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने NHAI को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य तय समयसीमा में पूरा किया जाए।
भारतमाला परियोजना के तहत तैयार होगा ग्रीनफील्ड हाईवे-
यह एक्सप्रेसवे भारतमाला परियोजना के तहत विकसित किया जा रहा है। छह लेन का यह एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे (Access Controlled Greenfield Highway) हरियाणा के अंबाला से उत्तर प्रदेश के शामली तक जाएगा और आगे दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे से जुड़ जाएगा।
चंडीगढ़ ट्राई-सिटी को मिलेगा सीधा लाभ-
अंबाला के सादोपुर गांव से शुरू होकर यह एक्सप्रेसवे अंबाला-मोहाली एक्सप्रेसवे (Ambala-Mohali Expressway) से जुड़ जाएगा। इसके पूरा होने से चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला जैसे शहरी क्षेत्रों से दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की यात्रा तेज़ और आसान हो जाएगी।
इन जिलों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे-
हरियाणा में यह एक्सप्रेसवे अंबाला, कुरुक्षेत्र, करनाल और यमुनानगर जिलों से होकर गुजरेगा, जबकि उत्तर प्रदेश में सहारनपुर और शामली (Saharanpur and Shamli) जिले इसके दायरे में शामिल होंगे। साथ ही, यह साहा, बरारा और रादौर जैसे कस्बों के लिए बाईपास का भी काम करेगा।
एक्सप्रेसवे से रियल एस्टेट और व्यवसाय में तेजी-
एक्सप्रेसवे के बन जाने से आसपास की जमीन और व्यावसायिक संपत्तियों की कीमतों में वृद्धि की उम्मीद है। बेहतर कनेक्टिविटी से लॉजिस्टिक्स (logisitc), कृषि व्यापार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा (promote industrial activities) मिलेगा, साथ ही दिल्ली-एनसीआर से जुड़ाव भी मजबूत होगा।
परियोजना में पर्यावरणीय संतुलन पर खास ध्यान-
परियोजना के तहत लगभग 7,900 पेड़ों को हटाना पड़ेगा, इसलिए पर्यावरणीय प्रभाव का आकलन (Environmental Impact Assessment) किया गया है। इसके साथ ही सड़क किनारे बड़े पैमाने पर पौधारोपण और हरित पट्टी विकसित करने की योजना भी बनाई गई है।
ट्रैफिक से मिलेगी राहत -
हाल ही में मंत्री अनिल विज (Minister Anil Vij) ने अंबाला रिंग रोड परियोजना की समीक्षा की और इसे जल्दी पूरा करने के निर्देश दिए। रिंग रोड (ring road) बन जाने से दूसरे राज्यों से आने वाले वाहन शहर के भीतर प्रवेश किए बिना सीधे गुजर सकेंगे, जिससे शहरी ट्रैफिक पर दबाव कम होगा।