Delhi से चलने वाली बसों को मिल सकते हैं नए रूट, इन लोगों को होगा फायदा

Delhi - हाल ही में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि राजधानी दिल्ली से चलने वाली अंतरराज्यीय बसों के लिए नए रूट तय किए जा सकते हैं। ट्रैफिक पुलिस (traffic police) के प्रस्ताव से आउटर रिंग रोड पर जाम कम होने की उम्मीद है। इससे बस यात्रियों के साथ-साथ रोजाना सफर करने वाले वाहन चालकों को भी राहत मिल सकती है-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Delhi) राजधानी दिल्ली में आउटर रिंग रोड पर जाम की समस्या कम करने के लिए कश्मीरी गेट आईएसबीटी से उत्तर भारत के विभिन्न राज्यों के लिए चलने वाली अंतरराज्यीय बसों को नया रूट दिए जाने की तैयारी है। इस संबंध में दिल्ली ट्रैफिक पुलिस (Delhi Traffic Police) ने अध्ययन कर परिवहन आयुक्त को प्रस्ताव भेजा है।

ट्रैफिक पुलिस द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में सुझाव दिया गया है कि आउटर रिंग रोड का इस्तेमाल बंद कर अंतरराज्यीय बसों का आवागमन दिल्ली-देहरादून हाईवे और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway) से कराया जाए। इससे दोहरा लाभ होगा-आउटर रिंग रोड पर बसों का दबाव घटने से जाम की समस्या कम होगी, वहीं यात्रियों का सफर समय भी घटेगा। साथ ही ट्रैफिक सुचारू होने से प्रदूषण में भी कमी आने की संभावना है।

काफी बसें अभी कश्मीरी गेट आईएसबीटी तक पहुंच रही हैं-

फिलहाल कश्मीरी गेट आईएसबीटी पर जम्मू-कश्मीर (Jammu and Kashmir at Kashmere Gate ISBT), पंजाब, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा से सरकारी व निजी मिलाकर 2500 से अधिक बसें आती-जाती हैं। इन बसों का मौजूदा रूट कश्मीरी गेट आईएसबीटी से चंदगीराम अखाड़ा, मजनूं का टीला, वजीराबाद फ्लाईओवर (Wazirabad Flyover) होते हुए आउटर रिंग रोड के अन्य हिस्सों से एनएच-एक के रास्ते सोनीपत होकर संबंधित राज्यों तक जाता है। बसों की संख्या अधिक होने के कारण इस रूट पर लोगों को भारी परेशानी और अक्सर जाम का सामना करना पड़ता है।

सड़क के बीच यात्रियों को चढ़ाने से बढ़ी परेशानी-

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के अध्ययन में सामने आया है कि इन बसों के आवागमन से आउटर रिंग रोड पर जाम (Traffic jam on Outer Ring Road) की समस्या लगातार बढ़ रही है। इस रूट पर चलने के दौरान बसें करीब 1 घंटे 40 मिनट तक राजधानी की सड़कों पर बनी रहती हैं। कई जगहों पर बसें बीच सड़क में ही यात्रियों को चढ़ाने और उतारने लगती हैं, जिससे यातायात बाधित होता है। इससे न सिर्फ अन्य वाहनों की रफ्तार प्रभावित होती है, बल्कि बस यात्रियों का सफर भी लंबा हो जाता है। पीछे से आने वाले वाहनों को अचानक ब्रेक लगाना पड़ता है, जिससे कई बार जाम की स्थिति बन जाती है।

युद्धिष्ठिर रोड से जीटी रोड की ओर बसों का किया जाएगा डायवर्जन-

ट्रैफिक पुलिस (traffic police) के अध्ययन में यह भी सामने आया है कि कश्मीरी गेट आईएसबीटी के पास युद्धिष्ठिर ब्रिज से बसों को जीटी रोड की ओर शास्त्री पार्क की तरफ मोड़ दिया जाए। इसके बाद शास्त्री पार्क लूप (Shastri Park Loop) से इन बसों को दिल्ली-देहरादून हाईवे (Delhi-Dehradun Highway), ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (Eastern Peripheral Expressway), एनएच-एक होते हुए सोनीपत के रास्ते उत्तर भारत के राज्यों के लिए नया रूट बनाया जा सकता है।

इस वैकल्पिक रूट से आउटर रिंग रोड पर ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम होगा। प्रस्ताव के अनुसार, इस मार्ग से बसें मात्र 30 मिनट में लोनी बॉर्डर पार कर दिल्ली की सीमा (Delhi border after crossing Loni border) से बाहर निकल सकती हैं, जबकि करीब 1 घंटे 15 मिनट में सोनीपत (sonipat) तक पहुंच जाएंगी। इससे न सिर्फ जाम की समस्या घटेगी, बल्कि बस यात्रियों का समय भी बचेगा।

सफर का घटेगा समय- 

 बस रूट छोटा होने से यात्रियों के सफर का समय घटेगा

वाहनों का दबाव कम होने से जाम में कमी आएगी

 जाम में कमी आने से प्रदूषण भी कम होगा

निशांत गुप्ता, डीसीपी (ट्रैफिक), सेंट्रल रेंज ने बताया कि भौतिक निरीक्षण के दौरान नया रूट अधिक उपयुक्त पाया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारत के राज्यों से आने-जाने वाली सभी सरकारी और निजी बसों का संचालन इसी नए रूट से कराने के लिए परिवहन विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। इस व्यवस्था से राजधानी में जाम की समस्या से काफी हद तक राहत मिलने की उम्मीद है।

अतुल रंजीत कुमार, यातायात विशेषज्ञ का कहना है कि अंतरराज्यीय बसों (interstate buses) के लिए प्रस्तावित नया रूट आउटर रिंग रोड (outer ring road) पर ट्रैफिक का दबाव कम करने में प्रभावी साबित होगा। इससे बसें कम समय में दिल्ली की सीमा से बाहर निकल जाएंगी। उनके अनुसार, इस बदलाव से जाम की समस्या घटेगी (traffic jam will reduce) और राजधानी के लोगों को काफी राहत मिलेगी।