हरियाणा के शहरों को स्वीडन की स्मार्ट सिटी की प्लानिंग से किया जाएगा डेवलप
HR Breaking News (Haryana Developement News) हरियाणा के शहरों के विकास के लिए प्रदेश सरकार की ओर से देश के बड़े शहरों की तर्ज पर पहली बार शहरों में सिस्टर सिटी (Haryana Developement News) बनने का ऐलान किया गया है। अब प्रदेश के शहरों को स्वीडन की स्मार्ट सिटी की प्लानिंग के अनुरूप डेवलप किया जाने वाला है, जिससे व्यावसायिक संबंध मजबूत होने के साथ ही प्रदेश को लाभ होगा।
प्रदेश के शहर बनेंगे सिस्टर सिटी
हरियाणा के शहरों को पहली बार सिस्टर सिटी (Haryana Sister City) में तब्दील किया जाने वाला है। सूत्रों के अनुसार प्रदेश के चार शहरों को सिस्टर सिटी बनाने की तैयारी की जा रही है, जिनमें पंचकुला, गुरुग्राम, फरीदाबाद और सोनीपत शामिल है। जिसको लेकर सीएम नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में नगर निकाय विभाग के अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल 14 से 17 अक्टूबर तक स्वीडन दौरे पर रहने वाला है।
इंडो-स्वीडन एनोवेशन डे का होगा आयोजन
वहां पर 16 अक्टूबर को इंडो-स्वीडन एनोवेशन डे का आयोजन (Indo-Sweden Innovation Day) होगा, जिसमें सीएम शामिल होंगे। इस कार्यक्रम का हरियाणा पार्टनर भी है। सिस्टर सिटी को लेकर प्रदेश और स्वीडन के शहरों के बीच समझौते (Agreement between Haryana and Sweden) भी होंगे। दोनों शहरों के छात्र, कलाकार और सांस्कृतिक समूह एक दूसरे के देश जाते हैं, जिससे दोनों देश एक-दुसरे की संस्कृति को समझ सकें। इससे व्यावसायिक संबंध तो मजबूत होते ही हैं और दोनों देशों को लाभ भी होता है।
प्रदूषण स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर प्लानिंग साझा
अगर एक शहर किसी खास तकनीक में बेहतर है, तो वह दूसरे शहर के साथ अपनी तकनीक को साझा करता है। दोनों देशों के सिस्टर सिटी (sister city kya hai) में कई इलाकों में सहयोग के लिए समझौता होगा, जिसमें एकीकृत शहरी योजना और भूमि उपयोग, ठोस कचरा प्रबंधन, टिकाऊ परिवहन प्रणाली, जल और स्वच्छता प्रबंधन आदि शामिल है। साथ ही प्रदूषण स्मार्ट सिटी इंफ्रास्ट्रक्चर आदि को लेकर भी प्लानिंग साझा की जाएगी।
स्वीडन से सिस्टर सिटी समझौते से हरियाणा को लाभ
स्वीडन से सिस्टर सिटी समझौते (Sister city agreements with Sweden) से प्रदेश को लाभ होगा। वहां अच्छी बिल्डिंग बनाई जाती है, ट्रैफिक पर फोकस होता है, वहां कारें भी बेहद कम है। लोग साइकिल पर अधिक चलते हैं और इसके लिए ट्रैक बने हैं। हरियाणा के शहरों में भी आगे ऐसे ट्रक दिखाई देने की संभावना है। वाहन पार्किंग की कोई समस्या नहीं है।