DA Hike October 2026 : कर्मचारियों को दशहरा पर नहीं मिला महंगाई भत्ते में इजाफे का उपहार, अब केंद्रीय कैबिनेट की बैठक पर नजर
HR Breaking News (DA Hike October 2026 Update) देश के केंद्रीय कर्मचारियों के लिए दशहरे के दिन महंगाई भत्ते में बढ़ौतरी की घोषणा नहीं हुई है। कर्मचारियों की तरफ से बेसब्री से महंगाई भत्ते में बढ़ौतरी का इंतजार किया जा रहा है। कर्मचारियों का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। सरकार की तरफ से कैबिनेट की बैठक की जाएगी। इस मीटिंग में कर्मचारियों के लिए फैसला लिया जा सकता है और बैठक में महंगाई भत्ते की बढ़ौतरी पर मुहर लग सकती है।
21 अक्टूबर को होगी कैबिनेट की बैठक (Center Govt Cabinmate meeting)
केंद्रीय कर्मचारियों की नजर महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी पर है। कर्मचारियों को उम्मीद थी कि महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में दशहरा पर घोषणा की जा सकती है, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब केंद्रीय कैबिनेट की बैठक का इंतजार है जो कि 21 अक्टूबर को होने वाली है। इस बैठक में महंगाई भत्ते पर सरकार फैसला ले सकती है। सरकार की तरफ से 1 करोड़ कर्मचारियों को महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की सौगात दी जा सकती है। इससे पहले 14 अक्टूबर को भी कैबिनेट की बैठक हो चुकी है, लेकिन महंगाई भत्ते पर कोई घोषणा नहीं की गई। उस दौरान सरकार की तरफ से रेलवे कर्मचारियों के लिए प्रोडक्टिविटी लिंक बोनस को मंजूरी दी गई थी, तो जुलाई 2026 के डीए संशोधन का इंतजार अभी भी बना हुआ है।
कितनी हो सकती है महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी (DA Hike News)
केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में 3% की बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल कर्मचारियों को है। 60% की दर से महंगाई भत्ता दिया जा रहा है। अगर 3% की बढ़ोतरी होती है तो कर्मचारियों की सैलरी में 63% महंगाई भत्ता हो जाएगा। इससे कर्मचारियों का महंगाई भत्ता बढ़कर कर्मचारियों की टोटल सैलरी में बढ़ोतरी होगी।
कर्मचारी फैडरेशन (Employees Federation) के सचिव की तरफ से उम्मीद जताई गई
केंद्रीय कैबिनेट की बैठक 21 अक्टूबर को होने वाली है। 21 अक्टूबर को होने वाली बैठक को लेकर ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन के सचिव सी. श्रीकुमार की तरफ से उम्मीद जताई गई है कि सरकार इस बैठक के दौरान महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी (DA Hike Latest News) का फैसला ले सकती है और इसकी घोषणा कर सकती है। हालांकि सरकार की तरफ से इस पर अभी कोई पुष्टि नहीं की गई है। कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी कितनी होगी इसको लेकर भी फिलहाल कोई स्पष्ट नहीं है। 3% बढ़ोतरी का अनुमान लगाया जा रहा है, जबकि पिछली बार मात्र 2% की बढ़ोतरी हुई थी। अप्रैल 2026 में सरकार की तरफ से दो प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान किया गया था जो जनवरी 2026 से लागू है। अब महंगाई की दर ज्यादा बढ़ी है तो जुलाई 2026 से कर्मचारियों को 3% महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का लाभ दिया जा सकता है।
ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स के आंकड़े है इंपॉर्टेंट (All India Consumer Price Index)
महंगाई भत्ते (Dearness allowance) में बढ़ोतरी के लिए ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (All India Consumer Price Index) के आंकड़े महत्वपूर्ण हैं। महंगाई भत्ते की गणना (DA Hike Calculation Formula) के लिए औद्योगिक श्रमिकों की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के 12 महीने के औसत के आधार पर कैलकुलेशन किया जाता है। इसमें बेस ईयर 2016 रखा जाता है क्योंकि यह सातवें वेतन आयोग (7th pay commission) के तहत दिया जाता है और 7वें वेतन आयोग को 2016 में लागू किया गया था। सरकार की तरफ से साल में 2 बार महंगाई भत्ते (DA Hike July 2026) में बढ़ोतरी का ऐलान किया जाता है। फिलहाल जनवरी 2026 में महंगाई भत्ता मिल रहा है, जबकि जुलाई 2026 के महंगाई भत्ते का इंतजार बना हुआ है। पिछली घोषणा 18 अप्रैल 2026 को की गई थी। अब देखते हैं कि सरकार इसकी घोषणा कब करती है।
कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा संभव (employees salary hike)
महंगाई भत्ते (DA Hike 2026) में बढ़ोतरी को लेकर अभी कोई ऐलान नहीं हुआ है। 3% बढ़ोतरी का अनुमान है। ऐसे में महंगाई भत्ता 60% से बढ़कर 63% हो जाता है तो न्यूनतम बेसिक सैलरी में अच्छा खासा इजाफा देखने को मिलेगा। अगर किसी को फिलहाल महंगाई भत्ते के 18000 रुपये मिल रहे हैं तो उसके महंगाई भत्ते में ₹900 का इजाफा हो जाएगा और सालाना बढ़ोतरी है 10800 रुपये की होगी। ऐसे में कर्मचारियों को अच्छा खासा लाभ मिलने की उम्मीद है। कर्मचारियों के वास्तविक बेसिक सैलरी पर यह नियम लागू होता है।
कर्मचारी संगठन जल्द घोषणा की कर रहे मांग (Employees Update)
कर्मचारी संगठनों की तरफ से 8वें वेतन आयोग (8th pay commission) का इंतजार भी किया जा रहा है। साथ में 10 अक्टूबर को लिखे पत्र में लगातार बढ़ रही कीमतों के चलते महंगाई भत्ते में संशोधन की जल्द घोषणा की मांग की गई है। ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन की तरफ से 10 अक्टूबर को पत्र लिखा गया था। फिलहाल सरकार की तरफ से इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया गया है।