DA Hike : महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत होगा या 61, जाने पूरा कैलकुलेशन
DA Hike - केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए जनवरी 2026 से महंगाई भत्ता बढ़ना तय माना जा रहा है। अब सवाल यह है कि महंगाई भत्ता 60% तक जाएगा या 61% तक पहुंचेगा। ऐसे में ताजा CPI-IW आंकड़ों के आधार पर पूरा कैलकुलेशन समझना जरूरी है, ताकि संभावित बढ़ोतरी का सही अंदाजा लगाया जा सके... तो चलिए आइए नीचे खबर पर डाल लेते है एक नजर-
HR Breaking News, Digital Desk- (DA Hike) पिछली बार केंद्र सरकार ने कर्मचारियों और पेंशनरों के डीए/डीआर में 3% की बढ़ोतरी की थी, जिससे जुलाई 2025 से यह दर 58% हो गई। अब 1 जनवरी 2026 से फिर बढ़ोतरी होनी है। फिलहाल अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (Industrial workers) की रिपोर्ट, डीए की दरों में दो से तीन प्रतिशत की बढ़ोतरी होने के संकेत दे रही है।
जुलाई 2025 में सूचकांक 146.5 था, जो नवंबर तक बढ़कर 148.2 पहुंच गया है, जबकि दिसंबर की रिपोर्ट अभी आना बाकी है। वहीं दिसंबर में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 1.33% हो गई, जो नवंबर में 0.71% थी। ऐसे में डीए/डीआर की दर 60% के पार जाने की संभावना जताई जा रही है।
बता दें कि मार्च 2025 में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 140.1 पर रहा था। अप्रैल में सूचकांक 140.6 रहा तो मई 2025 में 144.0 था। उसके बाद जून 2025 में यह सूचकांक 145.0 पर रहा था। जुलाई में 146.5, अगस्त 2025 में 147.1, सितंबर 2025 में 147.3, अक्टूबर 2025 147.7 और नवंबर 2025 में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (औद्योगिक श्रमिक) 148.2 रहा है। अभी दिसंबर 2025 की रिपोर्ट आना बाकी है।
महंगाई दर 1.44 प्रतिशत के स्तर पर पहुंची-
रसोई के जरूरी सामान, खासकर सब्जियों और प्रोटीन युक्त चीजों के दाम बढ़ने से दिसंबर 2025 में खुदरा महंगाई तीन महीने के उच्च स्तर 1.33% पर पहुंच गई। नवंबर में यह 0.71% थी। इससे पहले सितंबर में महंगाई दर 1.44% के स्तर पर दर्ज की गई थी।
अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (एआईसीपीआई-आईडब्ल्यू) से डीए व डीआर की दर 60 के आंकड़े को पार करने का संकेत दे रही है। नवंबर के सूचकांक में भारत के औद्योगिक केंद्रों में महंगाई को बढ़ते हुए दर्शाया गया है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय (Ministry of Labor and Employment) के तहत श्रम ब्यूरो हर महीने देश के 88 औद्योगिक केंद्रों के 317 बाजारों से जुटाए गए खुदरा दामों के आधार पर औद्योगिक श्रमिकों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) जारी करता है। नवंबर 2025 में यह सूचकांक 0.5 अंक बढ़कर 148.2 पर पहुंच गया। इस दौरान वार्षिक महंगाई दर 2.56% रही, जबकि नवंबर 2024 में यह 3.88% थी।
नियमों के अनुसार, जब डीए/डीआर 50% के पार पहुंच जाता है तो उसे मूल वेतन और पेंशन में मर्ज किया जाना चाहिए। हालांकि, वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी (Minister of State for Finance Pankaj Chaudhary) ने संसद में स्पष्ट किया था कि सरकार फिलहाल ऐसा कोई विलय नहीं करेगी। इस पर नेशनल मिशन फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. मंजीत सिंह पटेल ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
सरकार ने पहले ही कर्मचारियों का दस प्रतिशत पैसा हर माह बचा लिया है। इसे यूं भी कह सकते हैं कि पिछले दो साल से दस प्रतिशत के हिसाब से कर्मचारियों का वेतन हड़पा जा रहा है। पेंशन भी हड़पी जा रही है। आठवें वेतन आयोग (8th pay commission latest news) के लागू होने की उम्मीद भी दो साल बाद ही कर सकते हैं।
ऐसे में कर्मचारियों को करीब चार साल तक हर महीने लगभग 10% वेतन का नुकसान झेलना पड़ेगा। अब जब सरकार डीए को मूल वेतन में मर्ज (DA merged with basic pay) नहीं करने की बात कह रही है, तो डॉ. पटेल के मुताबिक यह सवाल उठता है कि सरकार कर्मचारियों को उनका आर्थिक लाभ देने से क्यों कतरा रही है।