Delhi Dehradun Greenfield Highway: दिल्ली-देहरादून हाईवे बना रहा सफर आसान, इस दिन हो सकता है उद्घाटन
Delhi Dehradun Greenfield Highway - दिल्ली और देहरादून के बीच सफर करने वालों के लिए बड़ी राहत की खबर है। बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे का काम तेजी से पूरा किया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जल्द ही इसका उद्घाटन किया जा सकता है। हाईवे शुरू होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा समय काफी कम हो जाएगा-
HR Breaking News, Digital Desk- (Delhi Dehradun Greenfield Highway) दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर बड़गांव इंटरचेंज के अधूरे काम को तेजी से पूरा किया जा रहा है। डाट काली मंदिर से हाईवे तक वायाडक्ट (ऊंचे पुल) का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। वहीं बड़गांव के पास इंटरचेंज से जुड़े बाकी बचे काम भी तेज गति से कराए जा रहे हैं ताकि प्रोजेक्ट जल्द पूरा हो सके।
जिले में हाईवे पर 41 किमी पर वाहनों का संचालन पिछले दो महीने से हो रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि हाईवे का विधिवत शुभारंभ 13 मार्च को संभावित है।
सूत्रों के मुताबिक हाईवे के उद्घाटन की तारीख पर अंतिम फैसला 10 मार्च को होने की संभावना है। दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर डाट काली मंदिर के पास करीब 26 करोड़ रुपये की लागत से बना 1.3 किमी लंबा वायाडक्ट (ऊंचा पुल) तैयार हो चुका है और एनएचएआइ (National Highways Authority of India) ने इसे वाहनों के लिए खोल दिया है। इससे उत्तराखंड (Uttrakhand) प्रवेश द्वार पर लगने वाले जाम में कमी आने और यात्रियों को सुरक्षित मार्ग मिलने की उम्मीद है।
बता दें कि डाट काली मंदिर (Dat Kali Temple) उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की सीमा पर स्थित एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, इसलिए यातायात को सुगम बनाने के लिए ऊंचे पुल के निर्माण का फैसला लिया गया था। वायाडक्ट का निर्माण दिसंबर 2024 में शुरू हुआ था और इसे लगभग एक साल के भीतर पूरा कर लिया गया। यह पुल उत्तराखंड में प्रवेश करने वाली सुरंग से ठीक पहले बनाया गया है।
इसके अलावा इस हाईवे पर करीब 12 किलोमीटर लंबा एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर (Wildlife Corridor) भी तैयार किया गया है, ताकि जंगल से गुजरने वाले वन्यजीव सुरक्षित तरीके से आवाजाही कर सकें। वहीं देहरादून क्षेत्र में मानसून के दौरान आने वाली तेज बाढ़ को देखते हुए एलिवेटेड रोड के 575 पिलरों में से तेज धारा वाले हिस्सों में पड़ने वाले लगभग 24 पिलरों की मोटाई डेढ़ से दो फीट तक बढ़ाकर उन्हें और मजबूत बनाया गया है।
एलिवेटेड रोड का निर्माण कार्य लगभग पूरा-
दिल्ली-देहरादून ग्रीनफील्ड हाईवे पर डाटकाली मंदिर (Datkali Temple on the Delhi-Dehradun Greenfield Highway) से गणेशपुर तक करीब 12 किमी लंबा एलिवेटेड सेक्शन पूरी तरह तैयार हो चुका है। यह हिस्सा पहाड़ी बरसाती नदी के ऊपर बनाया गया है। इस एलिवेटेड रोड पर 28 दिसंबर से वाहनों की आवाजाही शुरू हो चुकी है और इसे एशिया का सबसे लंबा इको-कॉरिडोर (Eco-corridor) भी बताया जा रहा है।
यह एलिवेटेड कॉरिडोर राजाजी नेशनल पार्क (Rajaji National Park) की रमणीय वादियों से होकर गुजरता है। परियोजना के तहत छह एनिमल अंडरपास, दो हाथी अंडरपास, 113 छोटे अंडरपास, 76 किमी लंबी सर्विस रोड, 62 बस शेल्टर, 16 एंट्री-एग्जिट प्वाइंट और पांच रेलवे ओवरब्रिज बनाए गए हैं। इसके अलावा डाट काली मंदिर के पास करीब 1995 करोड़ रुपये की लागत से 340 मीटर लंबी तीन लेन सुरंग भी तैयार की गई है, जिसकी चौड़ाई 11 मीटर और ऊंचाई सात मीटर रखी गई है।
22 फरवरी को किया साइट का निरीक्षण-
चेयरमैन चेयरमैन संतोष यादव (Santosh Kumar Yadav) ने 22 फरवरी को टीम के साथ हाईवे का निरीक्षण किया था। बड़गांव इंटरचेंज पर बचे हुए कार्यों को तेजी से पूरा कराया जा रहा है। सहारनपुर (Saharanpur) जिले में इस हाईवे की कुल लंबाई करीब 74 किमी है, जिसमें से लगभग 41 किमी हिस्से पर पिछले दो महीनों से वाहनों की आवाजाही जारी है।
हाईवे पर लाइटिंग के अलावा कुछ स्थानों पर पौधारोपण का कार्य (tree planting work) अभी जारी है। इसी वजह से सहारनपुर से दिल्ली तक कई जगहों पर सुरक्षा के लिए बैरिकेडिंग लगाई गई है। शामली के ख्यावड़ी गांव से करीब दो किलोमीटर आगे यह हाईवे सहारनपुर में प्रवेश करता है। बागपत डिवीजन (Baghpat Division) के अंतर्गत बड़गांव क्षेत्र से लाखनौर के गोल चक्कर तक इसकी दूरी लगभग 33 किलोमीटर बताई जा रही है।