Delhi-पानीपत-करनाल नमो भारत को मिली मंजूरी, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मिलेगा बढ़ावा

Namo Bharat : सरकार यातायात की सुगमता को बनाए रखने के लिए नए-नए प्रोजेक्ट को हरी झंडी दिखा रही है। अब हाल ही में सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत को मंजूरी दे दी है। अब इस नए मेट्रो प्रोजेक्ट से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, आर्थिक विकास को नई दिशाा मिलेगी। खबर में जानिए इस मेट्रो प्रोजेक्ट (metro project) के बारे में-
 

HR Breaking News (Namo Bharat) यात्रियों  की यातायात की सुगमता के मकसद से सरकार कई रेल प्रोजेक्ट को मंजूरी दे रही है। अब हाल ही में सरकार ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को हरी झंडी दिखाई है। इस कॉरिडोर (Namo Bharat Corridor)के निर्माण से राज्य में क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और रोजगार के अवसर सृजित होंगे। ऐसे में आइए खबर में जानते हैं इस मेट्रो कॉरिडोर के बारे में-

 

हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट की लागत


जान लें कि मंत्रिमंडल की ओर से रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के बदले हुए डीपीआर को स्वीकृति दे दी है। मंत्रिमंडल ने दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत  (Delhi-Panipat-Karnal Namo Bharat) आरआरटीएस कॉरिडोर को हरी झंडी दिखा दी है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जानकारी दी है कि हरियाणा आर्बिटल रेल कॉरिडोर प्रोजेक्ट की संशोधित लागत 11 हजार 709 करोड़ रुपये हैं। पहले इसके लिए 5,618 करोड़ रुपये की बजट की स्वीकृति दी गई है। 


सरकार की ओर से बजट में यह बदलाव फिलहाल की बाजार परिस्थितियों, प्रोजेक्ट के दायरे में विस्तार और नीतिगत बदलावों के बेस पर किया है। संशोधित लागत का अप्रूवल पहले ही हरियाणा आर्बिटल रेल कार्पोरेशन लिमिटेड (Haryana Orbital Rail Corporation Limited) के निदेशक मंडल के जरिए हो चुका है, जो इस प्रोजेक्ट के क्रियान्वयन के लिए खास प्रयोजन वाहन है।

 

मुख्यमंत्री ने कही ये बातें
मुख्यमंत्री का कहना है कि इस प्रोजेक्ट का काम पूरा होते ही खरखौदा, मानेसर और सोहना जैसे कई  औद्योगिक एवं लाजिस्टिक्स हब को रेल नेटवर्क का फायदा मिल सकेगा। हरियाणा एनसीआर इलाके में टाउनशिप (Townships in Haryana NCR) के विकास को मजबूती मिलेगी। के इस कॉरिडोर के निर्माण से माल परिवहन सुगम होगा और ट्रांजिट समय कम करने और राज्य में औद्योगिकीकरण को गति मिलेगी। 

स्वीकृत प्रोजेक्ट में आएगी इतनी लागत


संशोधित डीपीआर इसके साथ ही जब मंत्रिमंडल की बैठक हुई तो इस बैठक में रिठाला-नरेला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर (Rithala-Narela-Kundli Metro Corridor)  के हरियाणा के हिस्से के लिए संशोधित डीपीआर को मंजूरी दी गई है। स्वीकृत प्रोजेक्ट के तहत मेट्रो लाइन को नरेला से कुंडली तक हरियाणा इलाके में 2.726 किलोमीटर तक विस्तारीकरण किया जाने वाला है, जिसमें कुंडली और नाथूपुर में दो एलिवेटेड स्टेशन का निर्माण  (Construction of elevated station) किया जाएगा। हरियाणा के हिस्से में जो ये प्रोजेक्ट बन रहा है, उसकी कुल लागत 545.77 रुपये करोड़ तय की गई है। 


इस प्रोजेक्ट की कुल लागत (total cost of project)  में भारत सरकार 97.30 करोड़ रुपये का वहन करेगी और हरियाणा सरकार 448.48 करोड़ रुपये का योगदान देगी, जिसमें भूमि लागत को भी शामिल किया गया है। मंत्रिमंडल ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अलावा मुख्य सचिव को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के साथ वार्तालाप कर तथा प्रोजेक्ट के समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए जरूरी पहल करने के लिए अधिकृत किया है।

कहां से कहां तक बनेगा ये कॉरिडोर 


मंत्रिमंडल की ओर से हाल ही में दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत (Delhi-Panipat-Karnal Namo Bharat)  कॉरिडोर के कार्यान्वयन को हरी झंडी दिखा दी गई है। यह प्रोजेक्ट राज्य में तेज, सुरक्षित और आधुनिक सार्वजनिक परिवहन को नई मजबूती देगा।। इस कॉरिडोर की शुरुआत दिल्ली से पानीपत तक होगी और उससे आगे करनाल तक जाएगा। इस कॉरिडोर की कुल लंबाई 136.30 किलोमीटर होगी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत तकरीबन 33 हजार 051.15 करोड़ है, इसमे से हरियाणा सरकार का हिस्सा 7,472.11 करोड़ है। इस प्रोजेक्ट में हरियाणा में 11 स्टेशनों का प्रस्ताव (proposal in haryana) तैयार किया गया है, जो राज्य के शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्रों की कनेक्टिविटी को बढ़ाएगा।

प्रोजेक्ट के लिए नॉमिनेट हुआ नोडल अधिकारी 


कैबिनेट ने नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग  (Village Planning Department) के प्रशासनिक सचिव को इस प्रोजेक्ट के लिए नोडल अधिकारी नॉमिनेट कर दिया है। बता दें कि इस कॉरिडोर का विस्तार करनाल से आगे कुरुक्षेत्र एवं साहा से होकर पंचकूला तक होगा तथा इस बारे में सारी चर्चा देशभर के आवास एवं शहरी कार्य मंत्रालय (Ministry of Housing and Urban Affairs) एवं एनसीआरटीसी के साथ की जाएगी।