UP में नए एक्सप्रेसवे की डीपीआर हुई तैयार, जमीन-खरीद फरोक्त पर लगी रोक

UP News - उत्तर प्रदेश में प्रस्तावित नए एक्सप्रेस-वे को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। परियोजना की डीपीआर तैयार होने के बाद अब जिस इलाके से एक्सप्रेस-वे गुजरेगा, वहां जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही भूमि अधिग्रहण (land acquisition) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, जिससे जल्द ही आगे की कार्रवाई तेज होने की उम्मीद है... इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (UP) शामली-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे अब अहम चरण में पहुंच गया है। डीपीआर बनने के बाद जिस इलाके से एक्सप्रेस-वे गुजरेगा, वहां जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। साथ ही जिलाधिकारी ने विशेष भूमि अधिग्रहण (Land acquisition) अधिकारी की नियुक्ति कर दी है। अब जल्द ही थ्री-ए की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसके बाद आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा।

पश्चिमी यूपी के शामली जिले से शुरू होकर पूर्वी यूपी में नेपाल सीमा तक जाने वाले करीब 750 किमी लंबे शामली–गोरखपुर ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेस-वे (Shamli-Gorakhpur Greenfield Economic Corridor Expressway) की डीपीआर तैयार हो चुकी है। यह छह लेन का एक्सप्रेस-वे होगा, जिसकी अनुमानित लागत करीब 35 हजार करोड़ रुपये है। इसके निर्माण की जिम्मेदारी एनएचएआई (NHAI) की रुड़की इकाई को दी गई है।

यह एक्सप्रेस-वे शामली के थानाभवन ब्लॉक के गोगवान जलालपुर और भैंसानी इस्लामपुर गांवों (Bhainsani Islampur Villages) से होकर गुजरेगा। इसी कारण इन दोनों गांवों में जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगा दी गई है। साथ ही जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने आगे की प्रक्रिया के लिए विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी (एडीएम-एफ) सत्येंद्र कुमार सिंह को नियुक्त किया है।

उन्होंने बताया कि जल्द ही थ्री-ए की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, जिसके तहत गाटा-खसरा की सूची जारी की जाएगी। इसके बाद थ्री-डी की कार्रवाई होगी, जिसके साथ ही जमीन भारत सरकार के अधीन (under Government of India) आ जाएगी। वहीं, मंडल के अन्य जिलों में यह एक्सप्रेस-वे मुजफ्फरनगर (Muzaffarnagar) के 35 और सहारनपुर के 9 गांवों से होकर गुजरेगा।

थ्री-जी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मिलेगा मुआवजा-
एक्सप्रेस-वे के निर्माण से पहले कई चरण पूरे किए जाते हैं। पहले ड्रोन सर्वे और डीपीआर तैयार होती है। इसके बाद विशेष भूमि अधिग्रहण अधिकारी की नियुक्ति कर जमीन की खरीद-फरोख्त (buying and selling of land) पर रोक लगाई जाती है। फिर गाटा-खसरा की सूची तैयार होती है और जमीन को भारत सरकार की घोषित किया जाता है। इसके बाद थ्री-जी के तहत आपत्तियों का निस्तारण होता है और मुआवजा दिया जाता है। पूरी प्रक्रिया में करीब 8 से 10 महीने लगते हैं।

इन जिलों से गुजरेगा, एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा-
पश्चिमी यूपी में बिजनौर, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली। मध्य यूपी में बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, सीतापुर, लखनऊ। पूर्वी यूपी में बहराइच, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर और अन्य जिलों की बात करें तो रामपुर, मुरादाबाद, बरेली, संभल हैं।

इसके अलावा शामली-गोरखपुर एक्सप्रेसवे गंगा एक्सप्रेस-वे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे, लखनऊ-गोरखपुर एक्सप्रेस-वे (Lucknow-Gorakhpur Expressway), अंबाला-शामली एक्सप्रेस-वे और दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे (Delhi-Dehradun Expressway) से जुड़ेगा। इससे दिल्ली, देहरादून और मसूरी तक आवागमन सुगम होगा, वहीं गंगा किनारे बसे ग्रामीण इलाकों और शहरों को भी बड़ा लाभ मिलेगा।