लगातार दो बार आया भूकंप, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से लेकर लद्दाख तक कांपी धरती
Earthquake : भूकंप के झटकों के कारण धरती एक बार फिर से कांप उठी है। भूकंप आने के कारण लोगों को जब कंपन महसूस हुआ तो लोग घरों से बाहर निकला आए। टैक्टोनिक प्लेट्स के टकराने से आए भूकंप के चलते लोग सहम गए। दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश से लेकर लेह लद्दाख तक जोरदार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं।
HR Breaking News (Earthquake News) देश में पिछले 6 घंटे में भूकंप आने के दो मामले सामने आए हैं। सुबह 8:44 बजे दिल्ली एनसीआर में भूकंप के झटके महसूस हुई तो दोपहर 11:51 पर लेह लद्दाख में जोरदार भूकंप आया। लेह लद्दाख में आए भूकंप की इंटेंसिटी चीन, पाकिस्तान, तजाकिस्तान तक रही।
दिल्ली में दो पॉइंट आठ की तीव्रता का भूकंप
देश की राजधानी दिल्ली (Delhi Earthquake) में 2.8 की तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया है। भूकंप सुबह 8:44 पर आया, जिसकी गहराई धरती के 5 किलोमीटर नीचे रही। भूकंप का प्रमुख केंद्र नॉर्थ दिल्ली रहा है। भूकंप के हल्के झटके हरियाणा के शहरों में और उत्तर प्रदेश के कुछ शहरों में भी महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता ज्यादा न होने के कारण किसी प्रकार के नुकसान की कोई सूचना नहीं है।
लेह लद्दाख में भी आया तेज भूकंप
लेह लद्दाख में आया भूकंप (Bhookamp) काफी तेज रहा, जिसकी तीव्रता 5.7 आंकी गई। यह भूकंप दोपहर में 11:51 पर आया। कारगिल क्षेत्र में आए इस भूकंप के कारण पाकिस्तान, तजाकिस्तान और चीन तक कंपन महसूस हुआ है। इस भूकंप की वजह से फिलहाल तक तो किसी प्रकार के नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन काफी तेज भूकंप होने के कारण नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
क्या है भूकंप का कारण
भूकंप आने का कारण (Bhookam k karn) टेक्टोनिक प्लेट होती है। धरती टेक्टोनिक प्लेटों पर टिकी हुई है जो एक लावा रूपी तरल पर तैरते रहते हैं। जब यह टेक्टोनिक प्लेट आपस में टकराती है तो भूकंप के झटके महसूस होते हैं। देश को भूकंप के अलग-अलग जॉन के हिसाब से बांटा गया है। कुछ हिस्सों में भूकंप का खतरा ज्यादा रहता है, जबकि कुछ हिस्सों में भूकंप का खतरा कम रहता है। इससे पहले भूटान में भी सुबह 7:49 पर भूकंप के झटके महसूस किए गए थे।
पहले भी आते रहे हैं भूकंप
हरियाणा में इससे पहले भी भूकंप की गतिविधियां (Seismic activity) लगातार दर्ज की गई हैं। इससे पहले हरियाणा के रोहतक में 3.3 के मेग्नीट्यूड का भूकंप दर्ज किया गया था, जोकि पिछले साल 21 दिसंबर को दिन में 12:13 मिनट पर आया था। इस भूकंप की गहराई धरती से 5 किलोमीटर नीचे रही थी। इसी प्रकार हरियाणा के सोनीपत में 1 दिसंबर 2025 को रात को 9:22 पर 3.2 के मेग्नीट्यूड का भूकंप दर्ज किया गया था, जिसकी गहराई भी 5 किलोमीटर नीचे रही थी।
नवंबर में हरियाणा में कोई भूकंप नहीं आया। इससे पहले 10 अगस्त को झज्जर (bhukamp in gurgaon today) में 3.1 की तीव्रता का दिन में 4:10 मिनट पर भूकंप आया था, उससे पहले 22 जुलाई को फरीदाबाद में 3.2 के मेग्नीट्यूड का भूकंप सुबह 6:00 बजे दर्ज किया गया। फिर इससे पहले 17 जुलाई को झज्जर में 2.5 के मेग्नीट्यूड का भूकंप दिन में 12:34 पर दर्ज किया गया।
इसी प्रकार 11 जुलाई को भी झज्जर में 3.7 के मेग्नीट्यूड का भूकंप आया जोकि 7.49 बजे आया था। फिर इससे पहले 10 जुलाई को झज्जर में ही 4.4 की तीव्रता का भूकंप सुबह 9:04 पर आया था। इससे पहले फिर 28 जून को महेंद्रगढ़ में 2.8 की तीव्रता का भूकंप शाम के समय दर्ज किया गया और 23 जून को रेवाड़ी में 2.5 की तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। पिछले साल की बात करें तो 26 दिसंबर 2024 को सोनीपत में 2.6 के और 25 दिसंबर 2024 को सोनीपत में 3.5 की तीव्रता का भूकंप आया था।