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हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की 3 दिन की हड़ताल, कर्मचारी बोले- लोग अपनी व्यवस्था पहले ही कर लें

electricity employees strike : हरियाणा में बिजली कर्मचारियों ने 3 दिन के हड़ताल का ऐलान किया है जिसमें आम लोगों की परेशानी बढ़ सकती है। कर्मचारियों ने लोगों को पहले से ही अपनी व्यवस्था कर लेने की सलाह दे दी है। ऐसे में बिजली से जुड़े कामों को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल है। चलिए जान लेते हैं आखिर यह हड़ताल कब तक चलेगी और कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करने का फैसला क्यों लिया गया है।
 

HR Breaking News (electricity employees strike) हरियाणा प्रदेश में बिजली कर्मचारियों द्वारा 22 अक्टूबर से लेकर 24 अक्टूबर तक लगातार 3 दिन हड़ताल करने का फैसला लिया गया है। जानकारी सामने आई है कि बिजली कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का कार्य (task of electricity distribution) प्राइवेट कंपनी को देने के फैसले का विरोध (Haryana electricity distribution privatization news) कर रहे हैं। कर्मचारियों ने लोगों से पहले ही अपनी जरूरी व्यवस्था कर लेने की अपील की है क्योंकि हड़ताल के दौरान बिजली से जुड़ी सेवाओं (Electricity-related services) पर असर पड़ सकता है। ऐसे में आम लोगों के लिए यह जानना जरूरी है कि आखिरकार बिजली कर्मचारियों की यह हड़ताल कितने समय तक चलेगी और इससे बिजली सप्लाई पर क्या असर पड़ सकता है।


हरियाणा के गुरुग्राम और नूंह में बिजली सप्लाई (Electricity supply) करने के लिए प्राइवेट कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड (Private company Eleven Power Private Limited) को लाइसेंस देने का विरोध शुरू हो गया है। बिजली कर्मचारियों की तरफ से लगातार 3 दिन तक हड़ताल करने का फैसला भी लिया गया है। हिसार (Hisar news) के राजगढ़ रोड पर स्थित विद्युत नगर सदन में कर्मचारियों द्वारा प्रदर्शन भी किया गया है जिसे देखते हुए सरकार ने बुधवार दोपहर पत्र जारी करके बिजली निगम के 25 अधिकारियों (Officials of electricity corporation) की छुट्टियों को विरोध कर दिया है। 

 

 


बिजली कर्मचारियों ने मंत्री से बातचीत करने से किया इन्कार 


ऊर्जा मंत्री अनिल विज (Energy Minister Anil Vij) द्वारा बिजली कर्मचारियों को आज बुधवार 3:00 बजे एक बैठक के लिए बुलाया गया था लेकिन हरियाणा बिजली कर्मचारी एवं इंजीनियर संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने इस बुलावे से इनकार कर दिया। HVPNL के चीफ इंजीनियर को पत्र भेजकर मोर्चे ने अपनी असमर्थता जताई है। मोर्चा पदाधिकारी (Front Office Bearers) की तरफ से कहा गया है कि संगठन के कुछ वरिष्ठ पदाधिकारी अस्वस्थ है और इस कारण बैठक में शामिल होने का फैसला लिया गया है। 

 

 

 


बिजली कर्मचारियों द्वारा हड़ताल करने की सबसे बड़ी वजह (Haryana Electricity Employees Strike)


हरियाणा के बिजली इंजीनियर और कर्मचारियों के एक संयुक्त मोर्चे ने हरियाणा विद्युत नियामक आयोग के उस फैसले के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन करने की घोषणा की है, जिसके तहत गुरुग्राम और नूंह जिले (Gurugram and Nuh electricity privatization protest) के लिए 11 पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल तक का बिजली वितरण लाइसेंस दिया गया है। 


संयुक्त मोर्चे के प्रवक्ता बलजीत बेनीवाल द्वारा बताया गया है कि 21 अक्टूबर को कर्मचारी पूरे हरियाणा प्रदेश में कई जगहों पर HERC के इस आदेश प्रतियां जलायेंगे। इन सब के बाद कर्मचारियों द्वारा फैसला लिया गया है कि 22, 23 और 24 अक्टूबर को हड़ताल की जाएगी और हड़ताल की आखिरी दिन मोर्चा अपने आंदोलन के अगले चरण की घोषणा करेगा। 


संयुक्त मोर्चा द्वारा गंभीर चेतावनी दी गई है कि निजीकरण (Haryana Electricity Privatization) की इस नीति से नए सिर्फ आम उपभोक्ताओं, किसान और छोटी दुकानदारों पर भी महंगी बिजली की मार पड़ेगी, बल्कि हरियाणा के करीब 40000 कच्चे पक्के और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के भविष्य भी लटक सकते हैं। कर्मचारियों द्वारा हड़ताल का फैसला लेने के बाद पूरे राज्य में बिजली व्यवस्था खत्म होने और ब्लैकआउट जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा सामने आ गया है।