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कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त, लिखित भरोसा मिला, 75 लाख का तोहफा भी मिला

employees strike : रोडवेज कर्मियों की हड़ताल 5 दिनों तक चली है और बीते दिनों रोडवेज का चक्का थम गया है। कर्मचारियों को लिखित भरोसा मिलने के बाद उनकी हड़ताल समाप्त हो गई है। रोडवेज कर्मियों को 75 लाख का तोहफा दिया गया है, जिससे उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई है। चलिए खबर में जान लेते हैं कि कर्मचारियों (Roadways employees strike) को क्या लिखित आश्वासन दिया गया है।
 

HR Breaking News (employees strike) त्योहारी सीजन में बसों के सही से संचालन न होने से यात्रियों को परेशानी हो रही थी, लेकिन अब रोडवेज बसों (employees strike) के संचालन फिर से बहाल होने से यात्रियों को राहत मिली है। कर्मचारियों को लिखित आश्वासन दिया गया है, जिसके बाद कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। इसके साथ ही कर्मियों को 75 लाख की सौगात दी गई है।

आज से समय-सारणी के हिसाब से चलेंगी बसें


रोडवेज कर्मियों के अकाउंट में 75 लाख रुपए के अलाउंस (Account allowance of roadways employees) जमा होने से खुशी की लहर दौड़ उठी है। वहीं, रात्रि भत्ता, LTC,   मेडिकल और एसीपी की बाकी राशि के भुगतान का लिखित आश्वासन मिलने पर कर्मचारियों ने 5 वें दिन हड़ताल समाप्त की है। बीते दिनों 4:00 बजे से बसों का संचालन शुरू हो गया है। आज से सभी बसें समय-सारणी के हिसाब से चलेंगी। कर्मियों की मांगों को लेकर बीते दिनों डिपो महाप्रबंधक और सांझा संघर्ष समिति के बीच बातचीत हुई।

 

कार्य दिवस मनाने का लेटर जारी


इससे पहले परिवहन विभाग (transport department) के अतिरिक्त प्रधान ने हड़ताल के दिनों में कार्य दिवस मनाने का लेटर भी जारी किया था, जिसके बाद महाप्रबंधक राहुल मित्तल ने कर्मियों को बातचीत के लिए बुलाया। दोपहर 2:00 से 3:00 तक चली बैठे में महाप्रबंधक यातायात प्रबंधक और एसपीओ ने डिपो स्तर की पेंडिंग समस्याओं का समाधान करने और जायज मांगो को प्राथमिकता देने का विश्वास दिलाया है।

 

समिति के सदस्यों ने मांगा लिखित आश्वासन 


इसके लिए समिति के सदस्यों ने लिखित आश्वासन मांगा है। यातायात प्रबंधन (traffic management) की तरफ से पत्र मिलने के बाद कर्मियों ने दोपहर लगभग 3:00 बजे हड़ताल खत्म की। उस मौके पर कर्मियों ने एकता के नारे लगाए। आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे सेवानिवृत कर्मचारी नेता (retired employee leader) ML सहगल, राजपाल नैन, बलबीर देशवाल, सुरेंद्र पूनिया, सुभाष ढिल्लों भी मौजूद रहे। हिसार के बस स्टैंड के बाहर जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए लोक निर्माण विभाग की ओर से सीमेंटेड बैरियर भी लगाए गए है।

विकास मार्ग पर लगाए बैरियर 


मुख्य प्रवेश और विकास मार्ग पर बैरियर (Barrier on Vikas Marg) लगाकर बसों के लिए अलग लेन तय की गई, जिससे बसों के सड़क पर आंड़े-तिरछे खड़े होने से लगने से जाम पर रोक लगेगी और छोटे वाहन चालक और पैदल यात्राओं को सुविधा होगी। बारिश के दौरान इस हिस्से में जल भराव से सड़क पर गड्ढे और कीचड़ हो जाता था, जिससे यात्रियों को बस पकड़ने में दिक्कत होती थी। 


PWD ने यहां पर इंटरलॉकिंग टाइलें लगवाकरर सड़क को ठीक कर दिया है। वार्ड 2 के पार्षद का कहना है कि बस स्टैंड के बाहर जल भराव को लेकर नागरिकों और यात्रियों की ओर से शिकायत मिल रही थी।

समिति प्रवक्ता ने कही ये बात 


उन्होंने यह मुद्दा प्रशासनिक अधिकारियों के सामने उठाया, उसके बाद PWD बीएंडआर (PWD B&R) के अधिकारियों ने समस्या का समाधान कराया। समिति प्रवक्ता का कहना है कि 75 लाख रुपए के भत्ते अकाउंट में जमा हुए हैं। वहीं, करीब 50 लाख रुपए का रात्रि भत्ता, एचटीसी, मेडिकल बिल भी बकाया है। इससे पहले जून में कर्मियों को 4 करोड़ रुपए के बिलों का भुगतान करने के लिए हड़ताल करनी पड़ी थी। उनका कहना है कि मांगों को लेकर बार-बार आवाज उठाने के बाद भी सुनवाई नहीं होती है।


पीडब्लयूडी बीएंडआर का कहना है कि बस स्टैंड के बाहर सीमेंटेड बैरियर (Cemented barrier outside the bus stand) लगवाए गए हैं। इन्हें अब कहीं सरकाया नहीं जा सकेगा। सड़क भी ठीक करवाई गई है।