Haryana वालों के लिए गुड न्यूज, इस जिले की 46KM लंबी सड़क होगी फोरलेन, 480.44 करोड़ का बजट मंजूर
Haryana Highway Update : हरियाणा में रोड नेटवर्क को बढ़ाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। राज्य में एक के बाद एक नए एक्सप्रेसवे और हाईवे का निर्माण किया जा रहा है। अब हरियाणा वालों के लिए एक और अच्छे खबर सामने आई है। दरअसल, सरकार ने 46 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन करने की घोषणा की है। इसके दोहरीकरण के लिए सरकार ने 480.44 करोड रुपए के बजट को मंजूरी दे दी है। आईए नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं। यह सौगात किस जिले को मिली है।
HR Breaking News - (Haryana New Highway)। हरियाणा के विकास को पंख लगने वाले हैं। दरअसल, सरकार राज्य में कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। सड़क कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए नए रोड बनाए जा रहे हैं। वहीं लोगों को बेहतर आवास की सुविधा देने के लिए नए शहर बसाने का भी मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में सरकार ने अब हरियाणा राज्य के एक जिले में सड़क को फोरलेन (Haryana New Highway) करने की योजना बनाई है। इस रोड के फोर लाइन होने से लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा सफर पहले से कहीं ज्यादा आसान सुरक्षित और तेज हो जाएगा।
इस जिले की सड़क होगी चौड़ी -
बता दे नूंह से अलवर सीमा तक जाने वाली सड़क को अब फोरलेन (Haryana New Fourlane Road) राष्ट्रीय राजमार्ग के रूप में विकसित किया जाएगा। यह परियोजना पिछले 1 साल से अटकी हुई थी जिसे अब वन विभाग से मंजूरी मिल गई है। दर्शन अब इस रोड के चौड़ीकरण करने के लिए 113 एकड़ वन भूमि के डायवर्जन को अनुमति मिल चुकी है।
यह सड़क गुरुग्राम अलवर राष्ट्रीय राजमार्ग (Gurugram Alwar National Highway) का हिस्सा है। परियोजना के तहत नूंह से राजस्थान के नौगावां बॉर्डर तक करीब 40 किलोमीटर लंबी इस सड़क को फोरलेन किया जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने 31 मार्च 2025 को इस परियोजना के लिए लगभग 480.44 करोड रुपए का बजट मंजूर किया था।
इन गांव को होगा फायदा -
इस सड़क के चौड़ीकरण से दो महत्वपूर्ण बाईपास भी बन जाएंगे। भादस और मालब गांव के पास इन बाईपास का निर्माण किया जाएगा, ताकि भारी वाहनों को गांव के अंदर से नए गुजरना पड़े। इससे ग्रामीण क्षेत्र में लगने वाले जाम से भी छुटकारा मिलेगा और सफल भी आसान होगा।
इस वजह से अटकी हुई थी परियोजना -
दरअसल इस सड़क को चौड़ा करने के लिए वन भूमि की मंजूरी सबसे बड़ी बाधा बनी हुई थी जिसे अब एक साल बाद वन विभाग की ओर से मंजूरी मिल चुकी है। जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के चंडीगढ़ स्थित क्षेत्रीय कार्यालय ने 113 एकड़ वन भूमि के डायवर्शन को सशर्त स्वीकृति दे दी है।
केंद्र सरकार के ‘परिवेश’ पोर्टल के माध्यम से जमा करेगी राशि
अब निर्माण एजेंसी को वन संरक्षण अधिनियम (Forest Conservation Act),1980 के तहत तय सभी शर्तों का पालन करना होगा। इसके तहत प्रतिपूरक वनीकरण और वन भूमि की निर्धारित कीमत भी जमा करानी होगी। यह राशि केंद्र सरकार के ‘परिवेश’ पोर्टल के माध्यम से जमा कराई जाएगी।
इन इलाकों को होगा फायदा -
वन विभाग से मंजूरी मिलने के बाद नगीना और बड़कली सहित आसपास के क्षेत्रों में खुशी का माहौल है। इस सड़क के फोरलेन (Haryana New Fourlane Road) बनने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी और क्षेत्र में व्यापार, पर्यटन तथा विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। निर्माण एजेंसी को इस परियोजना को 2 साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि फोरलेन बनने के बाद नूंह और आसपास के इलाकों में यातायात व्यवस्था पहले से ज्यादा सुरक्षित और आसान हो जाएगी।