Haryana और यूपी वालों के लिए गुड न्यूज, सरकार ने दी नए एक्सप्रेसवे को मंजूरी, 43 गांवों की भूमि होगी अधिग्रहित

New Expressway - हरियाणा और उत्तर प्रदेश दोनों ही राज्यों में सड़क नेटवर्क को बढ़ाने का काम किया जा रहा है। सरकार लगातार नए एक्सप्रेसवे, हाईवे और नई सड़कों का निर्माण करवा रही है। अब हरियाणा से यूपी का सफर आसान होने वाला है। दरअसल सरकार ने दोनों राज्यों के बीच नया एक्सप्रेसवे बनाने को मंजूरी दे दी है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। एक्सप्रेसवे (New Expressway update) के निर्माण के लिए 43 गांव से भूमि खरीदी जाएगी। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में भी सुधार होगा। आईये नीचे खबर में विस्तार से जानते हैं - 

 

HR Breaking News - (Haryana New Expressway)। हरियाणा और उत्तर प्रदेश के विकास गति को रफ्तार मिलने वाली है। दरअसल सरकार ने दोनों राज्याों के बीच सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने के लिए एक और नया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बनाने की योजना बनाई है। इस एक्सप्रेसवे के बनने से हरियाणा से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की यात्रा आसान, सुरक्षित और तेज हो जाएगी। 


2300 करोड़ की लागत से तैयार होगा नया एक्सप्रेसवे - 


नये ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (new greenfield expressway) की कुल लंबाई करीब 32 किलोमीटर होगी। सरकार ने इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए करीब 2300 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया है। यह एक्सप्रेसवे पलवल में ईस्टर्न पेरिफेरल इंटरचेंज को टप्पल (अलीगढ़) स्थित यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) से कनेक्ट करेगा। इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से  दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचना आसान हो जाएगा। इसके साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या से भी छूटकारा मिलेगा। 


इन शहरों को मिलेगी बेहतर कनेक्टिविटी - 


ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे के चालू होने से अलीगढ़, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, आगरा, मथुरा, पलवल और गुरुग्राम जैसे शहरों के बीच सफर आसान हो जाएगा। सारसौल से यमुना एक्सप्रेसवे (Yamuna Expressway) तक की यात्रा केवल 1 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे मथुरा, आगरा और आसपास के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों तक पहुंचने में आसानी होगी। इस एक्सप्रेसवे के बनने से लाखों लोगों को सीधा फायदा होगा। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे के किनारे लगते छोटे शहरों और गांव को मजबूत सड़क कनेक्टिविटी भी मिलेगी। 


43 गांवों की भूमि होगी अधिग्रहित -

 
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए अलीगढ़ जिले के करीब 43 गांवों की भूमि अधिग्रहित (land acquired) की जाएगी। इनमें अंडला, अर्राना, तरौरा, नयावास, रसूलपुर, जरारा, चौधाना, ऐंचना, उदयगढ़ी, मऊ, बांकनेर, बमौती, लक्ष्मणगढ़ी जैसे प्रमुख गांव शामिल हैं। इसके अलावा धर्मपुर, खैर, उसरहपुर रसूलपुर, नगला अस्सू, दमुआका, नागल कलां और अन्य गांवों की भूमि भी परियोजना में ली जाएगी। 


एक्सप्रेसवे के बन जाने से होगा ये फायदा - 


 

एक्सप्रेसवे के बन जाने से अलीगढ़ से नोएडा के बीच दूरी कम होगी और नोएडा से गुरुग्राम की यात्रा में लगने वाला समय कम हो जाएगा। इसके साथ ही वाहन चालकों को ट्रैफिक जाम में नहीं फंसना पड़ेगा। एक्सपर्ट का मानना है कि यह परियोजना न केवल क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाएगी, बल्कि व्यापार, उद्योग और रोजगार के नए अवसर भी खोलेगी। 

यह एक्सप्रेसवे अलीगढ़ से हरियाणा के पलवल तक बनाया जाएगा, जिससे अलीगढ़, मेरठ, नोएडा और गाजियाबाद से गुरुग्राम तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा। वहीं हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि इस परियोजना को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि आम लोगों को इसका लाभ मिल सके।