Haryana से यूपी तक बनेगा नया एक्सप्रेसवे, पहले बनेगा नक्शा, फिर तय होगा रास्ता

Expressway News : देश के विकास की रफ्तार को नई गति प्रदान करने के लिए सरकार की तरह से नए-नए कदम उठाएं जा रहे है। अब Haryana से यूपी तक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, जिसको लेकर नक्शा बनाया जा रहा है। नक्शा तैयार होने के बाद रास्ता बनाया जाएगा। चलिए खबर में जानते है Haryana से यूपी तक बनने वाले इस नए एक्सप्रेसवे को लेकर जारी हुई इस जानकारी के बारे में विस्तार से।
 

HR Breaking News : (Gorakhpur-Panipat Expressway) सड़क यात्रा की मजबूती को तेज करने के लिए सरकार की तरफ से नए-नए कदम उठाएं जा रहे है। देश की सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाले राज्य उत्तर प्रदेश से लेकर हरियाणा तक अब एक नया ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से लेकर पानीपत तक बनेगा। अब गोरखपुर से लेकर पानीपत तक नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा, इसमें एक्सप्रेस वे के लिए सर्वे का काम जारी है इसके बाद नक्शा बनाया जाएगा। राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से इस नक्शे को मंजूरी की मिलने के बाद से ही इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। 


मिली जानकारी के मुताबिक पता चला है कि NHAI के अधिकारी इस सर्वे पर काफी तेजी से कम कर रहे हैं तो जल्द ही जमीन अधिग्रहण का प्रक्रिया शुरू हो जाएगा। इस नए एक्सप्रेसवे (New Expressway News) के बन जाने से गोरखपुर से पानीपत के बीच की यात्रा काफी आसान हो जाएगी। 


पानीपत-गोरखपुर एक्सप्रेसवे (Panipat-Gorakhpur Expressway) को कुशीनगर तक बढ़ाया जा रहा है। विशेषज्ञों की टीम द्वारा इस 750 किमी लंबे एक्सप्रेसवे के सर्वे का काम किया जा रहा है। पीपीगंज में पत्थर लगाने का काम पूरा हो गया है, अब लेवल सर्वे हो रहा है। यह एक्सप्रेसवे पीपीगंज के नयनसर टोल प्लाजा के पास से गोरखपुर-सोनौली हाईवे को पार करेगा। कुशीनगर-पानीपत एक्सप्रेसवे की लंबाई संतकबीर नगर में 22.50 किमी, गोरखपुर में 34 किमी और कुशीनगर में 3 किमी होगी।

 


जमीन की कीमत 


गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहण (expressway process in hindi) को लेकर किसानों के बीच चर्चा चल रही है। कई किसानों ने इसी बीच कहा है कि पिछले 9 साल से सर्किल रेट में बढ़ोतरी नहीं हुई है। सच्चाई यह भी है की जमीन की कीमत सर्किल रेट से 10 गुना ज्यादा हो चुकी है। एक्सप्रेसवे के अंदर कई किसानों के घर तथा जमीन आ रहे हैं ऐसे में वह और ज्यादा मुआवजे की मांग कर रहे हैं।


प्रधान सुमन त्रिपाठी का कहना है कि पानीपत एक्सप्रेसवे के बन जाने से क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। SDM सिद्धार्थ पाठक की तरफ से भी बयान जारी किया गया है तथा बताया है कि पानीपत एक्सप्रेसवे के लिए एलाइनमेंट किया गया है लेकिन अभी गजट नहीं हुआ है। SDM की तरफ से बताया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र में चार गुना तक मुआवजा दिया जाता है तो नगरीय क्षेत्र में सर्किल रेट से दोगुना मुआवजा दिया जाता है।
 

 

इन जिलों से होकर गुजरेगा गोरखपुर पानीपत एक्सप्रेसवे 


इस नए एक्सप्रेसवे (New expressway) को कुशीनगर में सिलीगुड़ी एक्सप्रेसवे से भी जोड़ा जाएगा। शुरुआत में जब घोषणा हुई तो यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शामली तक बनना था लेकिन अब इसे हरियाणा के पानीपत तक बनाने का फैसला लिया गया है। 


यह एक्सप्रेसवे कुशीनगर से पानीपत तक बनेगा। यह एक्सप्रेस वे, कुशीनगर से गोरखपुर, संतकबीरनगर, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, बरेली, संभल, अमरोहा, मेरठ, बिजनौर, सहारनपुर, मुज़फ्फरनगर, शामली, पानीपत तक बनेगा।


पानीपत एक्सप्रेस को ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस वे (Greenfield Expressway) बनाया जाएगा यानि पेड़ कम से कम काटने पडेंगे। पानीपत एक्सप्रेस वे पर काम चल रहा है। सर्वे में भी एलाइनमेंट का पूरा ध्यान रखते हुए कम से कम पेड़ काटने पर जोर दिया जा रहा है। इस एक्सप्रेस वे के बन जाने से समय और इंधन की काफी बचत होगी।