Haryana वालों के लिए बड़ी खुशखबरी, ढाणियों में भी मिलेगी यह सुविधा
Haryana - हरियाणा के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दरअसल आपको बता दें कि अब ढाणियों में भी यह सुविधा उपलब्ध होगी। इससे पहले यह सुविधा केवल कुछ दूर स्थित ढाणियों तक ही सीमित थी। अब ग्रामीण लोग पूरी तरह से इस सुविधा का लाभ उठा पाएंगे, जिससे उनकी रोजमर्रा की जिंदगी और कामकाज आसान होगा-
HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana) नायब सरकार ने गांव से पांच किलोमीटर दूर बसी ढाणियों को 24 घंटे बिजली सप्लाई (power supply) देने का फैसला किया है। पहले केवल एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित ढाणियों में ही बिजली मिलती थी। अब प्रत्येक ढाणी में रहने वाले लोगों को 11 सदस्य की शर्त हटाकर सीधे बिजली मुहैया कराई जाएगी। यह ऐलान पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार (Panchayat Minister Krishna Lal Panwar) ने शून्यकाल के दौरान सदन में उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए किया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लाल डोरे के भीतर किसी भी घर, स्कूल, अस्पताल या श्मशान घाट के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तारों को सरकार (government) अपने खर्च पर हटा देगी। दरअसल, नांगल चौधरी से विधायक मंजू चौधरी (MLA Manju Chaudhary) ने ढाणियों में 24 घंटे बिजली सप्लाई का मुद्दा उठाया था। हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे शून्यकाल में माननीयों ने कई ज्वलंत मुद्दे उठाए।
नीलोखेड़ी विधायक भगवान दास कबीर पंथी ने चाइना डोरी के उपयोग से हो रही दुर्घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की और चाइना डोरी बेचने वालों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने नीलोखेड़ी, तरावड़ी और निसिंग में बाईपास निर्माण की भी मांग उठाई। वहीं, रेवाड़ी विधायक लक्ष्मण यादव ने 1,400 एक्सटेंशन असिस्टेंट प्रोफेसरों की नौकरी की सुरक्षा, कृषि सदन और सैनिक सदन बनाने का मुद्दा उठाया। पानीपत विधायक प्रमोद विज ने औद्योगिक नगरी पानीपत की समस्याओं पर ध्यान आकर्षित किया।
नारनौंद विधायक जस्सी पेटवाड़ ने जलभराव वाले गांवों में मुआवजा (Compensation in waterlogged villages) देने में भेदभाव का आरोप लगाया और नारनौंद विधानसभा के सभी प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने ड्रेनों की सफाई और नई ड्रेनों के निर्माण (construction of new drains), ओपीएस लागू करने, मनरेगा मेट के मानदेय बढ़ाने और मजदूरों को रोजगार गारंटी के साथ 700 रुपये दैनिक वेतन देने की भी मांग उठाई।
बाढड़ा विधायक उमेद सिंह ने किसानों को मुआवजा देने, कच्चे रास्तों को पक्का करने, हाई टेंशन तार हटाने, पीपीपी की त्रुटियों को ठीक करने और बाढड़ा को नगर पालिका का दर्जा देने की मांग उठाई।
पूंडरी विधायक ने स्कूलों में निर्माण और मरम्मत कार्य शुरू करने पर नायब सरकार का धन्यवाद जताया और पाई में कबड्डी नर्सरी का निर्माण, कैथल से कुरुक्षेत्र तक सड़क को फोर लेन करने, कैथल से करनाल तक रेलवे लाइन बिछाने और पूंडरी को सब-डिविजन बनाने की मांग की।
गन्नौर विधायक देवेंद्र कादियान ने पानीपत, सोनीपत (sonipat) और रोहतक (rohtak) नहर पर सड़क निर्माण और गन्नौर में अंडरब्रिज बनाने का मुद्दा उठाया।
विधायक सतीश फागना ने स्टील फैक्टरी में आगजनी की घटना में मृतकों को मुआवजा और घायलों को इलाज की राशि देने की मांग की। नांगल चौधरी विधायक मंजू चौधरी (Nangal Chaudhary MLA Manju Chaudhary) ने स्टोन क्रैशरों से निकल रही धूल और मिट्टी से होने वाली मौतों पर चिंता व्यक्त की और क्रैशरों को एनजीटी द्वारा तय मानकों के अनुसार चलाने का आग्रह किया। इसके साथ ही उन्होंने ढाणियों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति (24-hour power supply in the villages) की भी मांग की।
छायंसा मौतों पर मंत्री का जवाब: पानी के सैंपल जांचे गए -
हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल ने गांव छायंसा में 21 लोगों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि ज्यादातर मौतें लीवर फेल होने के कारण हुई हैं और पीने के पानी की सप्लाई प्रदूषित हो रही है। उन्होंने कहा कि गुरुग्राम ड्रेन का पानी भी प्रदूषित है।
मोहम्मद इजराइल की बात का समर्थन करते हुए थानेसर से विधायक अशोक अरोड़ा (Ashok Arora, MLA from Thanesar) ने सदन में जनस्वास्थ्य मंत्री (Public Health Minister) से जवाब देने की मांग की। जनस्वास्थ्य मंत्री ने 21 मौतों पर चिंता व्यक्त की और बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग ने तुरंत सैंपल लिए थे, जिनकी रिपोर्ट आ चुकी है। रिपोर्ट में गंदे पानी की सप्लाई की पुष्टि नहीं हुई। स्वास्थ्य विभाग अब मौतों के कारणों की विस्तृत जांच कर रहा है।
पंचायत मंत्री बोले, 25 किलोमीटर के रास्तों की मांग पर कोई फाइल लंबित नहीं-
हथीन विधायक मोहम्मद इजराइल ने 4 से 5 क्रम के रास्तों की अप्रूवल न मिलने का मुद्दा उठाया। साथ ही, उन्होंने मौजूदा विधायक की बजाय भाजपा नेताओं द्वारा रास्तों की मांग प्रस्तुत किए जाने पर भी चिंता जताई। इसके बावजूद पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार (Panchayat Minister Krishna Lal Panwar) ने कहा कि उनके पास किसी भी विधायक की डिमांड फाइल पेंडिंग नहीं है, और यह सभी कच्चे रास्तों और वेजी से संबंधित हैं। उन्होंने बताया कि वे पूरे 90 विधानसभा क्षेत्रों की रिपोर्ट सदन में प्रस्तुत कर सकते हैं।
आफताब अहमद ने अधिकारियों की गैरहाज़िरी पर उठाया सवाल-
शून्यकाल के दौरान जब माननीय ज्वलंत मुद्दे उठा रहे थे, तब सदन में पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार, पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा और पर्यावरण मंत्री राव नरबीर (Environment Minister Rao Narbir) मौजूद थे। नूंह विधायक आफताब अहमद (Nuh MLA Aftab Ahmed) ने सवाल उठाया कि शून्यकाल में उठाए गए मुद्दों का जवाब कैसे मिलेगा, जब संबंधित अधिकारी सदन में मौजूद ही नहीं हैं।
हालांकि, सरकार की ओर से मंत्री सदन में माननीयों के मुद्दों का जवाब दे रहे हैं, लेकिन अधिकारियों की मौजूदगी भी अनिवार्य है। इस पर डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्डा (Deputy Speaker Krishna Midda) ने कहा कि अधिकारी ऊपर ऑफिसर गैलरी में मौजूद हैं और सभी मुद्दों को नोट कर रहे हैं।