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Haryana News : डीएलएफ की ओर से दिया गया सरकार को प्रस्ताव, एलिवेटेड रोड बनाने का सुझाव

Haryana News - डीएलएफ ने सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें एलिवेटेड रोड बनाने का सुझाव दिया गया है। कंपनी के अनुसार, इस रोड के बनने से ट्रैफिक दबाव कम होगा और साइबर सिटी की भीड़भाड़ वाले इलाकों में आवागमन आसान होगा। इस प्रस्ताव पर एनएचएआई विचार कर रही है... इससे जुड़ी पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Haryana News) सिरहौल बॉर्डर से शंकर चौक के पास साइबर सिटी तक एलिवेटेड रोड (elevated road) बनाने का प्रस्ताव रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को दिया है। रोड का डिजाइन तैयार करने और निर्माण का कार्य भी कंपनी ही करेगी।

डीएलएफ को एलिवेटेड रोड (Elevated Road to DLF) बनाने के लिए एनएचएआई से केवल स्वीकृति लेनी होगी। एनएचएआई ने कंपनी के प्रस्ताव पर विचार करना शुरू कर दिया है। एलिवेटेड रोड बन जाने से सिरहौल बॉर्डर से शंकर चौक (Sirhaul Border to Shankar Chowk) तक ट्रैफिक का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा। फिलहाल इस मार्ग पर 24 घंटे ट्रैफिक बना रहता है और पीक आवर में लोग 700 मीटर का सफर आधे घंटे से अधिक समय में तय करते हैं।

साइबर सिटी के कई हिस्सों में ट्रैफिक का भारी दबाव है। इनमें सिरहौल बॉर्डर से शंकर चौक तक का इलाका सबसे अधिक प्रभावित है, जो दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे (Delhi-Gurugram Expressway) की सर्विस लेन का हिस्सा है। सिरहौल बॉर्डर के पास एंबियंस मॉल स्थित है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग जाते हैं। इसके अलावा, साइबर सिटी (cyber city) में रोजाना हजारों लोग अपने काम पर आते हैं।

शंकर चौक के दूसरी ओर उद्योग विहार (Udyog Vihar) नामक औद्योगिक क्षेत्र है, जहां लाखों लोग काम करते हैं। इस वजह से दिल्ली-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे (Delhi-Gurugram Expressway) की सर्विस लेन पर सिरहौल बॉर्डर से लेकर शंकर चौक के पास तक वाहनों की धीमी चाल बनी रहती है, जिससे साइबर सिटी की छवि प्रभावित हो रही है।

स्थिति यह है कि पीक आवर में एंबियंस मॉल (Ambience Mall) तक जाना भी लोगों के लिए मुश्किल हो गया है। ट्रैफिक दबाव के कारण साइबर सिटी का आकर्षण धीरे-धीरे कम हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए डीएलएफ ने एनएचएआई को एलिवेटेड रोड बनाने का प्रस्ताव भेजा है। इस प्रस्ताव की एक प्रति गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण को भी भेजी गई है।

इस बारे में एनएचएआई के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि डीएलएफ का प्रस्ताव अच्छा है। एलिवेटेड रोड बनाने की अनुमति देने से पहले हर स्तर पर फिजिबिलिटी (feasibility) का अध्ययन किया जाएगा। डीएलएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एनएचएआई से अनुमति मिलते ही एस्टीमेट तैयार कर आगे का काम तेजी से शुरू कर दिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, सिरहौल बॉर्डर से प्रतिदिन औसतन साढ़े तीन लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें से आधे से अधिक वाहन साइबर सिटी और उद्योग विहार इलाके की ओर जाते हैं।

NHAI को तुरंत मंजूरी देनी चाहिए -

एनएचएआई के पूर्व तकनीकी सलाहकार और लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत मुख्य अभियंता जेएस सुहाग (JS Suhag, retired Chief Engineer from Public Works Department) का मानना है कि डीएलएफ के प्रस्ताव को तुरंत मंजूरी देते हुए एलिवेटेड रोड निर्माण की अनुमति देनी चाहिए। इससे शहर का यह बड़ा जंक्शन (junction) काफी बेहतर हो जाएगा। फिलहाल, सिरहौल बॉर्डर से शंकर चौक तक सर्विस लेन पर 24 घंटे ट्रैफिक बना रहता है।

इस वजह से शहर की छवि प्रभावित हो रही है, क्योंकि साइबर सिटी के इलाके में बड़ी संख्या में मल्टीनेशनल कंपनियां (multinational companies) काम कर रही हैं। साथ ही, एनएचएआई को एक्सप्रेसवे को भी एलिवेटेड बनाने की योजना पर काम करना चाहिए। एलिवेटेड होने से एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक (traffic) का दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।