Haryana Roadways : हरियाणा में चलेंगी 500 ई-बसें, ड्राइवरों के लिए सीट बेल्ट लगाना हुआ अनिवार्य

Haryana News : हरियाणा प्रदेश के विकास की रफ्तार को तेज करने के लिए सरकार की तरफ कई कोशिशें की जा रही है। हरियाणा प्रदेश में अब 500 ई-बसें चलाई जाएंगी, इसके साथ हरियाणा रोडवेज के ड्राइवरों के लिए भी नियमों को सख्त किया गया है तथा बताया गया है कि रोडवेज की बसों की चालकों को अब सीट बेल्ट का उपयोग करना होगा नहीं तो जुर्माना भरना पड़ेगा।
 

HR Breaking News : (Haryana Roadways Rule) यात्रा को सुगम बनाने के लिए हरियाणा सरकार की तरफ नहीं-नई एक्सप्रेसवे तथा रेलवे लाइन (Indian Railway)  बिछाई जा रही है। हरियाणा सरकार की तरफ से हरियाणा रोडवेज की बसों के ड्राइवरों के लिए नियमों को और भी सख्त कर दिया गया है। अब उन्हे बस चलाते वक्त सीट बेल्ट लगानी पड़ेगी वरना भारी जुर्माना भरना पड़ेगा या फिर उनके खिलाफ कारवाई की जाएगी। अगर हरियाणा रोडवेज की किसी बस में सीट बेल्ट नहीं हुई तो संबंधित वर्कशाप मैनेजर पर कार्रवाई की जाएगी।
 

 

देना होगा 1000 रुपये का जुर्माना 


परिवहन विभाग (Transport Department) ने सभी रोडवेज अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया है कि वे सीट बेल्ट लगाने के नियम का पालन करवाएं। यह नियम यात्रियों और ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है। अगर कोई ड्राइवर सीट बेल्ट नहीं लगाता है, तो उसे 1000 रुपये का जुर्माना देना पड़ सकता है। यह नियम सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।


अगर बस में सीट बेल्ट नहीं है, तो इसके लिए ड्राइवर को जिम्मेदार (Haryana Roadways Rules) नहीं ठहराया जाएगा। इसके बजाय, वर्कशॉप मैनेजर को जुर्माना देना होगा या फिर उसके खिलाफ कारवाई की जाएगी। आदेश जारी होने के बाद, सभी डिपो की वर्कशॉप में बसों में सीट बेल्ट लगाने का काम तेजी से शुरू हो गया है। इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि सभी बसों में सीट बेल्ट उपलब्ध हो और यात्रियों की सुरक्षा बढ़े।


अधिकारियों को सख्त आदेश दिए गए हैं कि सड़क पर चलने वाली हर बस सुरक्षा मानकों को पूरा करे। चाहे बस पुरानी हो या नई, सभी में सीट बेल्ट होना जरूरी है। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी और दुर्घटनाओं में चोटों को कम करने में मदद मिलेगी।

 

चलाई जाएंगी 500 ई-बसें


हरियाणा सरकार (Haryana Government) की तरफ से लोगों को खास सुविधा प्रदान करने के लिए राज्य में जल्द ही 500 नई ई-बसें चलाई जाएंगी। प्रदेश में इलेक्ट्रिक बसों के लिए तैयारी लगभग पूरी हो चुकी है। जल्द ही 500 नई ई-बसें अलग-अलग डिपो में आ जाएंगी और मार्च महीने के अंत तक सभी इलेक्ट्रिक बस डिपो से नियमित संचालन शुरू करने की योजना है।


सरकार का उद्देश्य है कि रोडवेज के बेड़े में ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें शामिल की जाएं। इससे सार्वजनिक परिवहन आकर्षक बनेगा और निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। इससे प्रदूषण भी घटेगा और यात्रा करना आसान होगा।


प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग नेटवर्क (Charging network for electric vehicles) को बढ़ावा देने के लिए ऊर्जा विभाग को नोडल एजेंसी बनाया गया है। यह विभाग विभिन्न जगहों पर चार्जिंग स्टेशन लगाने की योजना पर काम कर रहा है, जिससे लोगों को इलेक्ट्रिक वाहन चार्ज करने में आसानी हो।


इस काम में निजी क्षेत्र और वाहन बनाने वाली कंपनियों की मदद भी ली जा रही है। इससे चार्जिंग नेटवर्क तेजी से फैलेगा और इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल (Use of electric vehicles) बढ़ेगा। इससे प्रदूषण कम होगा और यात्रा करना आसान होगा।