High Court Decision - किराएदार ने कर रखा था मकान पर कब्जा, हाईकोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला

Tenant and Landlords - किराएदार को मकान पर कब्जा करना भारी पड़ गया। दरअसल हाईकोर्ट ने किराएदार की याचिका को खारिज करते हुए मकान मालिक के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। आइए नीचे खबर में विस्तार से जाने कोर्ट के इस फैसले को... 

 

HR Breaking News, Digital Desk- किराएदार को मकान पर कब्जा करना भारी पड़ गया। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने किराएदार की याचिका खारिज करते हुए उसे 30 दिन में घर खाली करने का आदेश दिया है। साथ ही दस हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए मोहल्ले में इतनी कीमत के पाैधे लगाने का भी आदेश दिया है।

 

 


हिसार निवासी राम किशन ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए रेंट कंट्रोलर व अपीलेट अथॉरिटी के आदेश को चुनौती दी थी। याचिका में घर खाली करने के आदेश को रद्द करने की अपील की गई थी। याचिकाकर्ता ने ये मकान 2004 में किराए पर लिया था। कई वर्षों बाद जब मकान मालिक ने किराएदार को घर खाली करने को कहा तो किराएदार ने घर खाली करने से इनकार कर दिया।


रेंट कंट्रोलर ने मार्च 2017 में तो अपीलेट अथॉरिटी ने अक्तूबर 2018 में मकान मालिक के पक्ष में फैसला सुनाते हुए किराएदार को घर खाली करने का आदेश दिया था। इन दोनों आदेशों को याचिका में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए याची को 30 दिन में मकान खाली करने का आदेश दिया है।

साथ ही 10 हजार रुपये का जुर्माना लगाते हुए इस राशि से मोहल्ले में वृक्ष लगाने का आदेश दिया है। बागबानी विभाग के अधिकारी की निगरानी में नीम, आमला, गुलमोहर और अल्सटोनिया आदि के वृक्ष याचिकाकर्ता को लगाने होंगे। पौधों की खरीद के बिल विभाग के समक्ष जमा करवाने होंगे जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि किराएदार ने आदेश का पालन सही प्रकार से किया है।

इस आदेश के बावजूद अगर किराएदार ने घर खाली नहीं किया तो उसके खिलाफ अदालत के आदेश की अवमानना की कार्रवाई भी शुरू की जा सकती है। हाईकोर्ट ने कहा कि यह किराएदार यह तय नहीं कर सकता है कि मालिक को अपने मकान की जरुरत है या नहीं।