Income Tax : मजदूर को मिला 7 करोड़ 15 लाख रुपये का नोटिस, देखकर चौंक गया परिवार

Income Tax - एक गरीब मजदूर गोविंद कुमार और उनके परिवार की जिंदगी अचानक बदल गई जब उन्हें 7 करोड़ 15 लाख रुपये का आयकर नोटिस (notice) मिला। आपको बता दें कि परिवार हैरान और सदमे में है, क्योंकि उनके पास इतनी रकम होने का कोई अंदाजा नहीं था... आइए नीचे खबर में विस्तार से जान लेते है इस मामले के बारे में-

 

HR Breaking News, Digital Desk- (Income Tax) कभी-कभी सिस्टम की छोटी सी गलती किसी गरीब की जिंदगी पूरी तरह बदल सकती है। उत्तर प्रदेश (UP) के हरदोई जिले से ऐसी ही एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। यह कहानी है गोविंद कुमार की, जो दिनभर मेहनत मजदूरी करके अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी जुटाते हैं।

लेकिन हाल ही में उन्हें आयकर विभाग की (Income Tax Department) तरफ से 7 करोड़ 15 लाख रुपये से अधिक जमा करने का नोटिस मिला, जिसने पूरे परिवार को सकते में डाल दिया।

गरीब मजदूर के घर पहुंचा करोड़ों का नोटिस-

हरदोई जिले के माधौगंज थाना (Madhoganj Police Station) क्षेत्र के रुदामऊ गांव में गोविंद का छोटा सा घर है, जिसकी दीवारें ही उनके जीवन की कठिनाइयों को बयां करती हैं। परिवार के पास खाने के लिए पूरा अनाज भी नहीं होता, लेकिन इसी घर पर करोड़ों रुपये का आयकर नोटिस (Income tax notice) पहुंचा। नोटिस देखकर गोविंद और उनके परिवार के सदस्यों-पत्नी सोनी देवी, बूढ़े माता-पिता और भाई-बहन-के मन में एक ही सवाल उभरा: एक मजदूर के पास इतने पैसे आखिर कहां से आए?

किसान के साथ हुआ धोखा-

यह घटना आज की नहीं, बल्कि करीब छह साल पुरानी है। काम की तलाश में गोविंद (govind) कानपुर गए थे, जहां कुछ लोगों ने उनकी गरीबी का फायदा उठाया। उन्हें सरकारी मदद दिलाने का लालच दिया गया और एक महिला उन्हें सीतापुर के बिसवां ले गई। वहां एक बैंक (bank account open) में उनके नाम से खाता खुलवाया गया, बदले में गोविंद को केवल दो-तीन हजार रुपये दिए गए। साथ ही उनकी पासबुक और चेकबुक (checkbook) भी उनसे ले ली गई।

खाते का किया गया गलत इस्तेमाल-

गोविंद को इस बात का अंदाजा नहीं था कि उनके नाम से खुला खाता गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाएगा। आशंका है कि जालसाजों (fraudsters) ने इसी खाते का इस्तेमाल कर फर्जी कंपनी (fake company) बनाकर करोड़ों रुपये का लेन-देन किया। गोविंद को इस पूरे मामले की जानकारी नहीं थी और वह तो बस मेहनत-मजदूरी करके अपना परिवार चलाने में व्यस्त थे।

नोटिस ने उड़ाए होश-

जब आयकर विभाग (Income Tax Department) की टीम गांव पहुंची और पुराने नोटिस व बैंक लेन-देन (bank transaction) की जानकारी गोविंद को दी, तो उनके होश उड़ गए। उन्हें पहली बार पता चला कि उनके नाम पर करोड़ों रुपये का कारोबार दिखाया गया है। यह उनके परिवार के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं था। गोविंद का बड़ा भाई ठेला लगाता है और छोटा भाई मजदूरी करता है, ऐसे में पूरे परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है।

परिवार ने मांगी मदद-

गोविंद ने कहा, “मैं बहुत गरीब हूं और मेहनत-मजदूरी करके अपना परिवार चलाता हूं। मेरे पास कुछ भी नहीं है। मेरे नाम पर इतनी रकम कहां से आई, मुझे समझ नहीं आया।” उनकी मां कमला देवी ने बताया कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी। बच्चों को काम के बहाने बुलाया गया और खाता खुलवा (account open) दिया गया। अब नोटिस आने के बाद इस धोखे की पूरी सच्चाई सामने आई है।

न्याय की उम्मीद-

अब गोविंद उच्च अधिकारियों से मदद की गुहार लगाने की तैयारी कर रहे हैं। उनका मकसद है कि उन्हें बेगुनाह साबित किया जाए और जिन लोगों ने यह धोखा दिया, उन्हें सजा मिले। साथ ही सवाल उठता है कि इतने बड़े लेन-देन पर बैंक (Bank) की निगरानी कहां थी।

सबके लिए एक जरूरी सीख-

गोविंद की कहानी सिर्फ एक व्यक्ति की नहीं है। यह उन हजारों मजदूरों और गरीबों के लिए चेतावनी है, जो थोड़े से लालच में अपने दस्तावेज दूसरों को सौंप देते हैं। बिना समझे खाता खुलवाना (account open) और कागजात (documents) देना खतरनाक साबित हो सकता है। अब यह देखना बाकी है कि जांच के बाद गोविंद को कब इंसाफ मिलेगा और क्या सिस्टम उसकी जिंदगी को फिर से पटरी पर ला पाएगा।