दिल्ली NCR में नया शहर बसाने के लिए दिवाली बाद शुरू होगा भूमि अधिग्रहण, 300 से ज्यादा किसान सहमत
HR Breaking News (Delhi NCR News) दिल्ली एनसीआर में लगातार आबादी बढ़ती जा रही है। बढ़ती आबादी को समायोजित करने के लिए लगातार सरकारों की तरफ से काम किया जा रहा है। लोगों को अच्छी सुविधा व अच्छे रहन-सहन के लिए दिल्ली एनसीआर में एक नया शहर बसाया जाएगा। इस शहर के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया दिवाली के बाद शुरू होने जा रही है। चलिए जानते हैं इसके बारे में विस्तार से-
दिल्ली एनसीआर में बसाया जाएगा नया नोएडा (Delhi NCR New city)
दिल्ली एनसीआर में नए नोएडा को बसाने की कवायद तेज हो गई है। दादरी, नोएडा, गाजियाबाद विशेष निवेश क्षेत्र के रूप में न्यू नोएडा का विकास किया जाएगा। इसके लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया दिवाली के बाद शुरू होगी। किसानों से इस मामले में लगातार सहमति ली जा रही है और काफी किसान अपनी जमीन देने को राजी भी हो गए हैं।
361 किसान सहमति से जमीन देने को तैयार
नए शहर के लिए 361 किसानों ने सहमति से जमीन देने के लिए मंजूरी दी है। सहमति से अधिग्रहण की प्रक्रिया को गति देने के लिए 3 स्थानों पर कैंप लगाए गए हैं। 5 लेखपालों की टीम किसानों से संबंधित दस्तावेज व सहमति पत्र ले रही है। 80 गांवों की जमीन पर नोएडा व आसपास के क्षेत्र को डेवलप किया जाना है। ऐसे में परियोजना पर बारीकी से कार्य किया जा रहा है।
जमीन के मुआवजा की दर भी हुई तय
भूमि अधिग्रहण के लिए जमीन की मुआवजा दर भी तय हो गई है। भूमि अधिग्रहण की समीक्षा के दौरान प्राधिकरण की तरफ से अधिकारियों को प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। जमीन अधिग्रहण के साथ अवैध निर्माण व अतिक्रमण को भी रोकने की तैयारी तेज की जा रही है। इस इलाके में अवैध निर्माण व अतिक्रमण पर रोक रहेगी।
3 नए सर्किल बनाए (3 New Circles)
प्राधिकरण की तरफ से 3 नए सर्किल भी बनाए गए हैं। इन सर्किलों का नाम 11, 12 और 14 दिया गया है। सर्किल 11 की जिम्मेदारी महाप्रबंधक एसपी सिंह को सौंप गई है। वहीं महाप्रबंद एके अरोड़ा को सर्किल 12 और 14 का काम दिया गया है। इन सर्कलों में जल्द ही नए वरिष्ठ प्रबंधकों की भी नियुक्ति की जाएगी।
किसानों से किस प्रकार बन रही सहमति (New Noida Land acquire)
भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में 361 किसानों ने जमीन देने के लिए सहमति जताई है। इसमें किसानों के लिए मुआवजा नीति तय की गई है। पहले और दूसरे चरण के अंदर जमीन देने वाले किसान को मुआवजे के साथ-साथ 6% आबादी भूखंड भी दिया जाएगा। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की तरफ से यह व्यवस्था की गई है। वहीं तीसरे और चौथे चरण में जो किसान अपनी जमीन यमुना प्राधिकरण को देंगे उसके अनुसार मुआवजे के साथ 7% आबादी भूखंड भी दिया जाएगा।
चार चरणों में होगा नए शहर का विकास (New Noida Planning)
न्यू नोएडा का विकास चार चरणों में किया जाएगा। मास्टर प्लान के तहत 209.11 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में नोएडा प्राधिकरण का विकास किया जाएगा। 20911.29 हेक्टेयर क्षेत्र में 80 गांवों की जमीन शामिल की गई है। शहर की अनुमानित आबादी करीब 6 लाख रखी गई है। पहले चरण में वर्ष 2027 तक 3165 हेक्टेयर क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। वहीं दूसरे चरण में 3798 हेक्टेयर क्षेत्र को 2032 तक विकसित किया जाएगा। तीसरा चरण 5 साल चलेगा जिसमें 2032 से 2037 तक 5908 हेक्टेयर जमीन को विकसित किया जाएगा। अंतिम चरण 2041 तक का है जो 2037 से शुरू होगा और इसमें 8230 हेक्टेयर जमीन का विकास किया जाएगा।
क्या कहते हैं अधिकारी
जमीन अधिग्रहण (Land Acquired) को लेकर नोएडा प्राधिकरण के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी पुष्पराज सिंह ने बताया कि प्रथम चरण में समय सीमा नजदीक आ रही है तो ऐसे में जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। दिवाली के तुरंत बाद किसानों से सहमति के आधार पर जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू होगी।