पश्चिमी Rajasthan से सीधे जुड़ेगा मेवाड़, 968 करोड़ रुपये से अरावली की वादियों में बिछ रही नई रेल लाइन

Rail Project - एक रिपोर्ट के मुताबिक आपको बता दें कि अरावली की वादियों में नई ब्रॉडगेज रेललाइन मेवाड़ और पश्चिमी राजस्थान की दूरी को कम करने जा रही है। करीब 968 करोड़ रुपये की लागत से बन रही यह परियोजना क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नया आयाम देगी। इसके पूरा होने पर मेवाड़ को पश्चिमी राजस्थान (Mewar to Western Rajasthan) से सीधा रेल संपर्क मिलेगा...इस रिपोर्ट से जुड़ी पूरी जानकारी जानने के लिए इस खबर को पूरा पढ़ लें-
 

HR Breaking News, Digital Desk- (Rajasthan) मेवाड़ और मारवाड़ को जोड़ने का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने की ओर है। मावली जंक्शन-मारवाड़ जंक्शन रेलखंड पर नाथद्वारा से देवगढ़ मदारिया तक 82 किलोमीटर लंबी ब्रॉडगेज रेलवे लाइन का निर्माण तेज़ी से जारी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का अब तक करीब 60 फीसदी काम पूरा किया जा चुका है।

इस परियोजना पर करीब 968 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह बहुप्रतीक्षित रेल प्रोजेक्ट (much-awaited rail project) इस साल के अंत तक पूरा होने की उम्मीद है। इसके पूरा होते ही मेवाड़ को पहली बार मारवाड़ और पश्चिमी राजस्थान से सीधा ब्रॉडगेज रेल संपर्क मिल जाएगा।

मेवाड़ को मिलेगा पश्चिमी राजस्थान से सीधा रेल संपर्क-

ब्रॉडगेज लाइन के देवगढ़ तक पहुंचते ही उदयपुर, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जैसलमेर जैसे प्रमुख शहरों तक सीधी रेल यात्रा संभव हो जाएगी। इससे छात्रों, व्यापारियों, मरीजों और आम यात्रियों को समयबद्ध, सुविधाजनक और किफायती आवागमन मिलेगा। साथ ही क्षेत्रीय व्यापार, रोजगार और राजस्व गतिविधियों (revenue activities) को भी नई गति मिलेगी।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, अर्थव्यवस्था होगी मजबूत-

इस परियोजना से सबसे बड़ा फायदा पर्यटन क्षेत्र को होने वाला है। अब तक सीमित परिवहन सुविधाओं के चलते देवगढ़, टाटगढ़, आमेट और आसपास के ऐतिहासिक व प्राकृतिक पर्यटन स्थल (natural tourist destination) अपेक्षित विकास से पीछे रह गए थे। ब्रॉडगेज रेललाइन शुरू होते ही ये इलाके देशभर के पर्यटकों के लिए आसानी से पहुंच योग्य हो जाएंगे। इसका सीधा लाभ होटल उद्योग, ट्रैवल कारोबार, हस्तशिल्प, स्थानीय बाजार और सेवा क्षेत्र को मिलेगा, वहीं कृषि उत्पादों (agriculture products) को बड़े बाजारों तक तेजी से पहुंचाने के नए रास्ते भी खुलेंगे।

ब्रिटिशकालीन रेललाइन को मिलेगा नया स्वरूप-

मावली-मारवाड़ रेललाइन का निर्माण (Construction of Mavli-Marwar railway line) वर्ष 1936 में ब्रिटिश शासनकाल में हुआ था। यह मार्ग उदयपुर और जोधपुर को जोड़ता था, लेकिन आजादी के बाद 152 किलोमीटर लंबा यह रेलखंड मीटरगेज पर ही सीमित रह गया।

2024 से बंद है ट्रेन संचालन-

ब्रॉडगेज परियोजना का शिलान्यास जुलाई 2023 में नाथद्वारा में किया गया था। मावली से नाथद्वारा तक ब्रॉडगेज लाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है। नाथद्वारा से देवगढ़ (Nathdwara to Devgarh) तक गेज परिवर्तन के तहत पुरानी मीटरगेज लाइन हटाकर ट्रैक का चौड़ीकरण और पुल-पुलियाओं का विस्तार किया गया। अप्रेल 2024 से इस मार्ग पर मीटरगेज ट्रेनों का संचालन (Operation of meter gauge trains) पूरी तरह बंद कर दिया गया है।

स्टेशनों का हो रहा आधुनिक कायाकल्प-

इस रेलखंड पर स्थित कांकरोली, बेजनाल, सोनियाणा मेवाड़, कुंवारिया, लावासरदारगढ़, आमेट, कुंवाथल और देवगढ़ समेत सभी स्टेशनों का निर्माण कार्य लगभग 60 फीसदी पूरा हो चुका है। कांकरोली स्टेशन (Kankroli Station) पर तीन प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं, साथ ही यात्रियों की सुविधा के लिए फुट ओवरब्रिज और रेलवे स्टाफ (railway staff) के लिए 14 आवासीय क्वार्टरों का निर्माण भी किया जा रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, नाथद्वारा से देवगढ़ तक ब्रॉडगेज रेललाइन का निर्माण कार्य (Construction of broad gauge railway line) 60 फीसदी से अधिक पूरा हो चुका है। इसे वर्ष 2026 के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है और फिलहाल परियोजना का काम तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।