Namo Bharat बदलेगी उत्तर प्रदेश की तस्वीर, NCR में बनेंगे 17 स्टेशन
Namo Bharat - नमो भारत रैपिड रेल परियोजना उत्तर प्रदेश की यात्रा और कनेक्टिविटी की तस्वीर बदलने जा रही है। एनसीआर में इसके तहत कुल 17 स्टेशन बनाए जाएंगे, जो प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को जोड़ेंगे। इससे रोजमर्रा की आवाजाही आसान होगी, समय और ईंधन की बचत होगी... पूरी डिटेल जानने के लिए खबर को पूरा पढ़ लें-
HR Breaking News, Digital Desk- (Namo Bharat Corridors in Delhi NCR) - दिल्ली-एनसीआर में दिल्ली-मेरठ नमो भारत कॉरिडोर के सफल संचालन के बाद, अब दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-अलवर रैपिड रेल रूट NCRTC की प्राथमिकता में हैं। दूसरे चरण में दिल्ली-गाजियाबाद (Delhi-Ghaziabad) से तीन नए रूट शुरू किए जाएंगे, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत, खुर्जा, बुलंदशहर और हापुड़ जैसे शहरों को जोड़ेंगे।
फिलहाल, दिल्ली के सराय काले खां (Sarai Kale Khan) से मेरठ के मोदीपुरम तक 82 किलोमीटर लंबा नमो भारत कॉरिडोर पर रैपिड रेल सेवा चल रही है।
आगे चलकर दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत, गाजियाबाद-खुर्जा और गाजियाबाद-हापुड़ रूट्स पर नमो भारत रैपिड रेल परियोजना पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन कॉरिडोर की डीपीआर (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार हो चुकी है। शहरी विकास एवं केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सराय काले खां से अन्य कॉरिडोर को जल्द मंजूरी देने के संकेत दिए हैं। केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में रैपिड रेल के लिए 2,200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत नमो भारत कॉरिडोर-
नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (NCRTC) दूसरे चरण में दिल्ली-शाहदरा-बड़ौत रूट (Delhi-Shahdara-Baraut route) पर रैपिड रेल सेवा शुरू करने की तैयारी कर रही है। इस 56 किलोमीटर लंबे रूट पर ट्रेन शाहदरा से शुरू होकर बागपत जिले के बड़ौत तक जाएगी और रास्ते में शाहदरा, लोनी, खेकड़ा, बागपत और बड़ौत जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल होंगे।
ढाई घंटे का सफर सिर्फ 1 घंटे में-
दिल्ली-मेरठ नमो भारत समेत अन्य रैपिड रेल ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 180 किमी प्रति घंटे और ऑपरेशनल स्पीड 160 किमी प्रति घंटे है। फिलहाल सड़क मार्ग से दिल्ली से बड़ौत तक का सफर 2.5 से 3 घंटे लेता है, लेकिन इस कॉरिडोर के बनने के बाद यह दूरी सिर्फ 50-60 मिनट में तय की जा सकेगी।
चार राज्यों में होगी कनेक्टिविटी-
सराय काले खां रूट पर यह कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ, दिल्ली-पानीपत-करनाल और दिल्ली-अलवर कॉरिडोर से जुड़ जाएगा। इस नेटवर्क के जरिए दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश, राजस्थान (rajasthan) और हरियाणा (haryana) समेत चार राज्यों में हाई-स्पीड कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी। इससे यात्री बिना किसी स्टेशन पर बदलाव किए दूसरे रूट की रैपिड रेल ट्रेनों का इस्तेमाल कर सकेंगे।
वेस्ट यूपी में घटेगा ट्रैफिक-
इस कॉरिडोर के बनने से बागपत और बड़ौत जैसे पश्चिमी यूपी के इलाकों को दिल्ली से सीधा और हाई-स्पीड कनेक्शन मिलेगा। इसके चलते दिल्ली-सहारनपुर हाईवे (NH-709B) पर वाहनों का दबाव कम होगा और प्रदूषण में भी गिरावट आएगी। पश्चिमी यूपी के छात्रों के लिए, जो पढ़ाई और कामकाज के लिए दिल्ली आते-जाते हैं, यह एक बड़ा लाभ साबित होगा।
2. गाजियाबाद-खुर्जा नमो भारत कॉरिडोर-
गाजियाबाद-खुर्जा नमो भारत कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले को दिल्ली-एनसीआर के हाई-स्पीड रैपिड रेल नेटवर्क से जोड़ेगा। यह कॉरिडोर नमो भारत परियोजना के दूसरे चरण का हिस्सा है और इसकी लंबाई लगभग 45-50 किलोमीटर होगी। यह गाजियाबाद के मुख्य RRTS स्टेशन से शुरू होकर दक्षिण-पूर्व की ओर बुलंदशहर और खुर्जा तक जाएगा। मिट्टी के बर्तनों के लिए प्रसिद्ध खुर्जा, पश्चिमी यूपी के औद्योगिक क्षेत्रों को दिल्ली से सीधे जोड़ेगा। फिलहाल इसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का काम चल रहा है।
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल नेटवर्क-
गाजियाबाद स्टेशन पर यह कॉरिडोर दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल नेटवर्क (Delhi-Meerut Rapid Rail Network) से जुड़ जाएगा। इसके जरिए खुर्जा से आने वाले यात्री सीधे दिल्ली के सराय काले खां या मेरठ तक पहुंच सकेंगे। फिलहाल सड़क मार्ग से गाजियाबाद से खुर्जा तक का सफर 1.5 से 2 घंटे लेता है, लेकिन नमो भारत ट्रेन से यह दूरी मात्र 30-35 मिनट में तय होगी।
खुर्जा और बुलंदशहर में रैपिड रेल-
खुर्जा और बुलंदशहर के पास मौजूद डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर इस क्षेत्र को माल ढुलाई का बड़ा केंद्र बनाता है। रैपिड रेल (RRTS) के आने से यहां लोगों की आवाजाही भी काफी आसान हो जाएगी। प्रस्तावित स्टेशनों में गाजियाबाद (Ghaziabad RRTS Station), डासना (Dasna), गुलावठी (Gulaothi), बुलंदशहर (Bulandshahr) और खुर्जा (Khurja) शामिल हैं।
3. गाजियाबाद-हापुड़ नमो भारत कॉरिडोर-
गाजियाबाद-हापुड़ नमो भारत कॉरिडोर (Ghaziabad-Hapur Namo Bharat Corridor) परियोजना नमो भारत के दूसरे चरण का हिस्सा है और यह रैपिड रेल रूट हापुड़ तक जाएगा। इसकी अनुमानित लंबाई लगभग 32-35 किलोमीटर है। यह कॉरिडोर मुख्य रूप से NH-9 (पुराना NH-24) के समानांतर गाजियाबाद को हापुड़ से जोड़ेगा। यूपी सरकार और NCRTC ने इस कॉरिडोर की डीपीआर पर काम तेज कर दिया है, और फरवरी में इस रूट को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित हुई थी।
कवि नगर, वेव सिटी से पिलखुआ रूट-
गाजियाबाद-मेरठ रैपिड रेल रूट (Ghaziabad-Meerut Rapid Rail Route) के बाद, हापुड़ कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के एनसीआर क्षेत्र में आने वाले जिलों में शिक्षा और कामकाज के लिए रोजाना की आवाजाही को काफी आसान बना देगा। यह रूट गाजियाबाद के शहीद स्थल से शुरू होकर कवि नगर-वेव सिटी (Kavi Nagar-Wave City) होते हुए टेक्सटाइल हब पिलखुआ, हापुड़ चुंगी और हापुड़ रेलवे स्टेशन तक जाएगा।
गाजियाबाद से हापुड़ मिनटों में-
अभी गाजियाबाद से हापुड़ (Ghaziabad to Hapur) जाने में बस या निजी कार से करीब 1 से 1.5 घंटे का समय लगता है, और नेशनल हाईवे पर ट्रैफिक के कारण यह समय और बढ़ जाता है। लेकिन नमो भारत रैपिड रेल के आने के बाद यह सफर मात्र 20-25 मिनट में पूरा हो जाएगा। चादरों और कपड़ों के लिए मशहूर पिलखुआ, तथा हापुड़ की अनाज और किराना मंडी से दिल्ली और मेरठ तक का आवागमन भी काफी आसान हो जाएगा।
NH-9 पर ट्रैफिक घटेगा-
इस नमो भारत कॉरिडोर के बनने से NH-9 पर निजी वाहनों का दबाव काफी कम होगा, जिससे दिल्ली-गाजियाबाद के बीच वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। गाजियाबाद RRTS स्टेशन पर यह रैपिड रेल रूट दिल्ली-मेरठ कॉरिडोर से इंटरचेंज (Interchange with Delhi-Meerut Corridor) करेगा, जिससे हापुड़ के यात्री आसानी से साहिबाबाद, सराय काले खां या मेरठ की ओर यात्रा कर सकेंगे।
सराय काले खां बनेगा मल्टी-मोड ट्रांसपोर्ट हब-
केंद्र सरकार (central government) दिल्ली के सराय काले खां स्टेशन (Sarai Kale Khan Station) को मल्टी-मोड ट्रांसपोर्ट हब के रूप में विकसित करने की योजना बना रही है। यहां रैपिड रेल (rapid rail) की अधिकांश लाइनों के लिए बड़ा इंटरचेंज हब बनाया जाएगा। इसका मतलब है कि यात्री मेरठ, अलवर, पानीपत, फरीदाबाद, गुरुग्राम, करनाल, नोएडा और ग्रेटर नोएडा (greater noida) जैसे क्षेत्रों के लिए रैपिड रेल (rapid rail) में सीधे यात्रा कर सकेंगे या जरूरत पड़ने पर यहां आसानी से ट्रांसफर कर पाएंगे।
सराय काले खां वर्तमान में भी एक प्रमुख ट्रांसपोर्ट हब है। यहां निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन और अंतरराज्यीय बस अड्डा स्थित है, जिससे अन्य राज्यों के लिए बस कनेक्शन उपलब्ध हैं। इसके अलावा, यह दिल्ली मेट्रो (delhi metro) का भी बड़ा इंटरचेंज हब है, जो यात्रियों को शहर और आसपास के क्षेत्रों से जोड़ता है।