Gurugram में बनाया जाएगा नया 4 लाइन इंटरचेंज, जाने कब होगा काम शुरू
Gurugram - गुरुग्राम में ट्रैफिक सुधार और कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए नया 4-लेन इंटरचेंज बनाया जा रहा है। यह इंटरचेंज शहर और आसपास के इलाकों में वाहनों की आवाजाही को आसान बनाएगा और जाम की समस्या कम करने में मदद करेगा। आइए जानते हैं कब शुरू होगा इसका निर्माण और इसे पूरा होने में कितना समय लगेगा-
HR Breaking News, Digital Desk- (Gurugram) मिलेनियम सिटी के विकास को गति देने के लिए ग्लोबल सिटी और बिज़न सिटी प्रोजेक्ट को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करने की योजना बनाई जा रही है। NHAI ने द्वारका एक्सप्रेसवे पर चार लेन का अंडरग्राउंड ट्रपेट इंटरचेंज बनाने की योजना तैयार की है। यह इंटरचेंज पटौदी रोड जंक्शन (Pataudi Road Junction) के पास बनेगा, जिससे दोनों शहर एक्सप्रेसवे से सीधे जुड़ सकेंगे।
इस प्रोजेक्ट की कुल लागत 923 करोड़ रुपये आंकी गई है, जिसे पूरी तरह हरियाणा स्टेट इंडस्ट्रियल एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन (HSIIDC) वहन करेगी। अधिकारियों के मुताबिक, यह अंडरग्राउंड इंटरचेंज मानेसर (Underground Interchange Manesar) और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों (industrial areas) से आने वाले वाहनों की आवाजाही को आसान बनाएगा। इसे इस तरह डिज़ाइन किया जाएगा कि एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक प्रभावित न हो।
तीन महीने में प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी-
अधिकारियों के अनुसार, योजना को अंतिम रूप दे दिया गया है और अगले तीन महीने के भीतर निर्माण कार्य शुरू करने की तैयारी है। पूरे प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगभग 30 महीने का समय लगने का अनुमान है। इसमें 32 किलोमीटर लंबी अप्रोच रोड और रैप बनाए जाएंगे, जो अंडरपास को ग्लोबल सिटी (global city) और विजन सिटी (Vision City) की आंतरिक सड़कों से जोड़ेगा। वाहन बिना किसी सिग्नल के सीधे एक्सप्रेसवे से दोनों शहरों में प्रवेश और बाहर निकल सकेंगे।
विशेष रूप से मानेसर की दिशा से आने वाले वाहनों के लिए घुमावदार लूप रैप तैयार किया जाएगा, ताकि वाहन आसानी से मुड़ सकें। यह इंटरचेंज एक्सप्रेसवे (interchnage expressway) की सतह से लगभग 30 फीट नीचे बनाया जाएगा। निर्माण में बॉक्स पुशिंग तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिसमें बड़े प्रीकास्ट कंक्रीट बॉक्स (precast concrete box) को एक्सप्रेसवे के नीचे धकेलकर स्थापित किया जाता है, ताकि निर्माण के दौरान ट्रैफिक पर न्यूनतम असर पड़े।
1003 एकड़ में विकसित हो रही ग्लोबल सिटी-
सेक्टर-36, 36थी, 37 और 37बी में करीब 1003 एकड़ में मनोबल सिटी विकसित हो रही है। इसका पहला चरण 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं एक्सप्रेसवे के दूसरी तरफ सेक्टर 88 में करीब 121 एकड़ में विजन सिटी विकसित की जा रही है, जो भविष्य में एक बड़े व्यावसायिक केंद्र के रूप में उभरेगी।
जानें क्या होता है ट्रंपेट इंटरचेंज-
ट्रंपेट इंटरचेंज वह स्थान होता है, जहां कोई सड़क सीधे हाइवे या एक्सप्रेसवे (expressway) से जुड़ती है। इसका आकार संगीत वाद्ययंत्र ट्रंपेट की तरह होता है, इसलिए इसे यह नाम दिया गया। इसमें वाहन बिना रुकावट या ट्रैफिक सिग्नल का इंतजार किए घुमावदार लूप रैप के जरिए सुरक्षित रूप से एक्सप्रेसवे में प्रवेश और निकल सकते हैं।
SPR पर 755 करोड़ रुपये से बनेगा सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर-
वहीं, GMDA की तरफ से वाटिका चौक से एनएच-48 तक SPR पर सिग्नल-फ्री एलिवेटेड कॉरिडोर (Signal-free elevated corridor) बनाया जाएगा। लगभग सवा चार किलोमीटर लंबी इस सड़क के निर्माण पर 755 करोड़ रुपये खर्च होंगे। प्रोजेक्ट के लिए टेंडर जारी कर दिया गया है और इसे पूरा करने के लिए ढाई साल का समय निर्धारित किया गया है।
इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद द्वारका एक्सप्रेसवे, एनएच-48 और गुड़गांव-सोहना एलिवेटेड कॉरिडोर के बीच कनेक्टिविटी काफी मजबूत हो जाएगी। पीसी मीणा के अनुसार, इस प्रोजेक्ट के तहत 4+4 लेन का एलिवेटेड कॉरिडोर विकसित किया जाएगा, जिसमें 2+2 लेन की सर्विस लेन भी शामिल होगी। प्रमुख जंक्शनों पर बेहतर ट्रैफिक संचालन (traffic management) के लिए एंट्री और एग्जिट रैंप बनाए जाएंगे। इसके दूसरे चरण में वाटिका चौक पर इंटरचेंज भी प्रस्तावित है।