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यूपी में बनेगा 1047KM का नया एक्सप्रेसवे, 30,000 करोड़ होंगे खर्च

New Expressway : उत्तर प्रदेश देश का सबसे ज्यादा एक्सप्रेसवे वाला राज्य है और यहां लगातार सड़कों का जाल बिछाया जा रहा है। अब यूपी वालों के लिए एक और अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल उत्तर प्रदेश में 1047 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे बनाया जाएगा। इस 8 लाइन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे पर 30,000 करोड रुपए खर्च होंगे। चलिए खबर में जानते हैं यह नया एक्सप्रेसवे किन जिलों से होकर गुजरेगा।

 

HR Breaking News - उत्तर प्रदेश परिवहन व्यवस्था को बेहतर करने के लिए लगातार एक्सप्रेसवे और हाईवे बनाने का काम जारी है। मौजूदा समय में सरकार कई बड़े प्रोजेक्ट पर काम कर रही है। इस बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, ग्रेटर नोएडा (Greater Noida News) से बलिया तक 8 लाइन एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेशन बनाने की योजना तैयार की गई है। इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई लगभग 1047 किलोमीटर होगी।

30,000 करोड़ की लागत से बनेगा 1047KM लंबा नया एक्सप्रेसवे - 


ताजा रिपोर्ट के अनुसार, यह एक्सप्रेसवे (New Expressway Update) गौतम बुध नगर से शुरू होकर बुलंदशहर, फर्रुखाबाद, अलीगढ़, हरदोई, वाराणसी, प्रयागराज और गाजीपुर समेत सूबे के 17 जिलों से होकर गुजरेगा और बलिया तक पहुंचेगा। 1047 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर 30,000 करोड रुपए खर्च होंगे।

इन जिलों से होकर गुजरेगा नया एक्सप्रेसवे - 


ग्रेटर नोएडा से बलिया (Greater Noida to Ballia Expressway) तक जाने वाले इस एक्सप्रेसवे की शुरुआत ग्रेटर नोएडा के सिरसी गांव से होगी। इसके बाद बुलंदशहर, बांदा,  अलीगढ़, काशीराम नगर, शाहजहांपुर, फर्रुखाबाद, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़, प्रयागराज, संत रविदास नगर, मिर्जापुर और वाराणसी होते हुए बलिया तक जाएगा। बलिया के फेफना के पास मौजूद स्टेट हाईवे 34 से इसे कनेक्ट करने की योजना है। 


इस प्रोजेक्ट में बनाए जाएंगे 3 और लिंक एक्सप्रेसवे -

इस प्रोजेक्ट में एक्सप्रेसवे के अलावा तीन लिंक एक्सप्रेसवे भी बनाए जाएंगे। पहला लिंक एक्सप्रेसवे फर्रुखाबाद (Farrukhabad Link Expressway) के लिए बनेगा जिसकी लंबाई 19.215 किलोमीटर होगी। वहीं दूसरा लिंक लखनऊ (Lucknow Link Expressway) के लिए बनाया जाएगा। इसकी लंबाई 90.22 किलोमीटर होगी। वहीं तीसरा लिंक मिर्जापुर (Mirzapur Link Expressway) के लिए बनाया जाएगा जिसकी लंबाई 13.1 551 किलोमीटर है। इन तीनों एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 123 किलोमीटर है। इन एक्सप्रेसवे के बनने से उत्तर प्रदेश की सड़क कनेक्टिविटी और ज्यादा मजबूत हो जाएगी। इसके साथ ही सफर आसान सुरक्षित और तेज होगा।

नए प्रमुख एक्सप्रेसवे पर बनेंगे सैकड़ों ब्रिज और अंडरपास - 

इस नया एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे  (New Access Controlled Expressway) पर लगभग 29 बड़े ब्रिज और 199 छोटे ब्रिज तैयार किए जाएंगे। इसके अलावा गंगा नदी पर चार पुल बनाने की भी प्लानिंग है। रेलवे क्रॉसिंग पर 27 रेलवे ओवरब्रिज, वाहनों की आवाजाही के लिए 187 अंडरपास और पैदल यात्रियों के लिए 244 अंडरपास बनाने की योजना है।

15,120 हेक्टेयर जमीन होगी अधिग्रहित - 


इस बड़ी परियोजना के लिए बहुत ज्यादा जमीन की जरूरत होगी। इसके लिए आकलन किया गया है। प्रमुख एक्सप्रेसवे और तीन अन्य लिंक एक्सप्रेसवे (Link Expressway in UP) के निर्माण के लिए करीब 15,120 हेक्टेयर जमीन खरीदी जाएगी। इसके अलावा कई जगहों पर लैंड पार्सल विकसित करने के लिए 11,254 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता होगी। 


प्रॉपर्टी की कीमतों में आएगी तेजी - 

एक्सपर्ट का अनुमान है कि इस बड़े प्रोजेक्ट पर काम शुरू होने से 17 जिलों में जमीन के रेट (land rates) में बाद फेर-बदल देखने को मिल सकता है। वही ग्रेटर नोएडा से बलिया के बीच नया एक्सप्रेसवे (new expressway) बनकर तैयार होने से आसपास के इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतों में बंपर उछाल आ सकता है। इसके अलावा एक्सप्रेसवे के किनारे नए उद्योग स्थापित होने से रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे उत्तर प्रदेश दिन दोगुनी रात चौगुनी उन्नति करेगा।